एएफसी विमेंस एशियन कप (AFC Women’s Asian Cup) के मैदान पर उस वक्त सन्नाटा गहरा गया, जब इजरायल-अमेरिका के हमलों की गूंज के बीच ईरान की महिला फुटबॉल टीम राष्ट्रगान के दौरान खामोश खड़ी रही। गोल्ड कोस्ट में खेले गए अपने ओपनिंग मैच से पहले किसी भी खिलाड़ी ने राष्ट्रगान के बोल नहीं दोहराए।
साउथ कोरिया ने 0-3 से हराया
मुकाबले में भले ही दक्षिण कोरिया ने ईरान को 3-0 से हरा दिया हो, लेकिन घरेलू हालात पर चल रहे तनाव के बीच यह मौन पल चर्चा का विषय बन गया। ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने इजरायल और अमेरिका के अपने देश पर हमले के विरोध में राष्ट्रगान नहीं गाने का फैसला किया।
ईरानी महिलाओं के चेहरों पर नहीं थे कोई भाव
दोनों टीमें जब मैच से पहले राष्ट्रगान के लिए इकट्ठा हुईं तो कैमरे ईरानी टीम पर घूम गए और कोई भी खिलाड़ी या कोच राष्ट्रगान गाते उसके बोल बोलते हुए नहीं दिखा। गोल्ड कोस्ट स्टेडियम में जज्बाती माहौल में बजाए गए राष्ट्रगान के दौरान ईरानी खिलाड़ियों के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे।
साउथ कोरिया ने ईरान पर बनाया दबदबा
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का राष्ट्रगान ‘मेहर-ए-खवारन’ है, जिसे 1990 में अपनाया गया था। सोमवार दो मार्च 2026 की रात ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में ईरान महिला टीम को ग्रुप स्टेज के अपने पहले मुकाबले में साउथ कोरिया के हाथों 0-3 से हार झेलनी पड़ी। 2022 एडिशन में चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहे साउथ कोरिया ने ईरान पर पूरी तरह से दबदबा बनाया।
ईरानी महिला टीम पर भी अपने देश में चल रहे युद्ध का कोई असर नहीं दिखा। हालांकि, कुछ समर्थकों ने जरूर शाह-युग के झंडे लहराए। ईरानी महिला फुटबॉल टीम के कोच मरजियाह जाफरी ने सैन्य हमलों और देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बारे में सवालों का जवाब नहीं दिया।

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