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अंडर19: अर्जुन तेंडुलकर फ्लॉप, नतिनी ने दिखाया तूफानी खेल

क्रिकेट के मैदान पर एक ओर जहां सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर फ्लॉप हो रहे हैं, वहीं, साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज मखाया नतिनी के बेटे थांडो धमाल मचा रहे हैं।

arjun tendulkar
अर्जुन तेंदुलकर (image source-Facebook)
अपने बल्ले और गेंद से क्रिकेट मैदान पर अपना जलवा बिखेरने वाले क्रिकेटर की एक पीढ़ी सन्यास ले चुकी हैं। अब उनकी दूसरी पीढ़ी अपने खेल से करोड़ों प्रशंसकों के दिलों पर राज करने की कोशिश कर रही है। ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं मास्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर। अर्जुन ने श्रीलंका के खिलाफ अंडर 19 इंटरनेशनल क्रिकेट में इंट्री की, लेकिन वे फ्लॉप हो गए। गेंदबाजी और बल्लेबाजी किसी में अपना जलवा नहीं दिखा सके। प्रशंसकों को उनके खेल से काफी निराशा हुई। वहीं, दूसरी ओर साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मखाया नतिनी के बेटे थांडो नतिनी अपने पिता के रास्ते कदम पर आगे बढ़ रहे हैं। पिता की तरह की तेज गेंदबाजी कर साउथ अफ्रीका अंडर 19 टीम की ओर से इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए अपने पहले इंटरनेशलन मैच में गेंदबाजी से प्रशंसकों का दिल जीत लिया। शानदार गेंदबाजी की और चार खिलाडि़यों को पवेलियन वापस भेज दिया। थांडो ने अपने पहले इंटरनेशनल मैच में आठ ओवर बॉल फेंके। इन आठ ओवरों में 2.37 की इकॉनमी रेट से मात्र 19 रन दिए और चार विकेट अपने नाम कर लिए। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत साउथ अफ्रीका की टीम ने इस मुकाबले को 79 रन से जीत लिया।

वहीं, दूसरी ओर अर्जुन तेंदुलकर का चयन श्रीलंकाई के खिलाफ खेले जाने वाले अंडर 19 की टीम में हुआ है। 18 वर्षीय अर्जुन को 2 चार दिवसीय मैचों के लिए मुख्य खिलाड़ी के तौर पर चयन किया गया, लेकिन वे चयनकर्ताओं की उम्मीद पर खरा नहीं उतर सकें। अपने पहले इंटरनेशलन मैच में न तो वे बल्लेबाजी में कोई कमाल दिखा सकें और न हीं गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। पहले मैच में ही वह बल्लेबाजी करते हुए बिना रन बनाए वापस पवेलिन लौट गए। विकेट भी सिर्फ एक ही लिए। हालांकि, भारतीय टीम ने बेहतर प्रदर्शन करे हुए श्रीलंकाई टीम को पारी और 21 रनों से हरा दिया।

गौर हो कि सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के एक महान खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं। लोग इन्हें क्रिकेट के भगवान के रूप में जानते हैं। क्रिकेट में कई ऐसे रिकार्ड हैं, जो सचिन तेंदुलकर के नाम से जाने जाते है, चाहे वह पहला दोहरा शतक लगाने की बात हो या सबसे अधिक एकदिवसीय मैच में शतक लगाने की।  उन्होंने अपने क्रिकेट कैरियर में 200 टेस्ट मैच, 463 वनडे मैच खेले हैं। हालांकि, अर्जुन तेंदुलकर अपने पिता की तरह बल्लेबाज नहीं, बल्कि गेंदबाज हैं। वे अपना रोल माॅडल अपने पिता को नहीं, बल्कि मिचेल स्टार्क ओर बेन स्टोक्टस को मानते हैं। वे कहते हैं कि मेरे पिता मुझे हमेशा टीम के लिए बेधड़क खेलने और अपना शत प्रतिशत देने को कहते हैं।

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