Apple request for 20 passes for India Australia T20 sets off war between BCCI President and secretary - एप्पल ने मांगे मैच के 20 पास, बीसीसीआई सेक्रेटरी, प्रेसिडेंट में हुई तकरार - Jansatta
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एप्पल ने मांगे मैच के 20 पास, बीसीसीआई सेक्रेटरी, प्रेसिडेंट में हुई तकरार

बोर्ड के प्रेसिडेंट सीके खन्ना द्वारा एप्पल को पास देने से मना करने पर बीसीसीआई सेक्रेटरी अमिताभ चौधरी ने बीसीसीआई चीफ को ईमेल करते हुए खन्ना पर बोर्ड के महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

Author October 24, 2017 9:22 AM
एप्पल ने मांगे मैच के 20 पास, बीसीसीआई सेक्रेटरी, प्रेसिडेंट में हुई तकरार (फोटो सोर्स- PTI/प्रतीकात्मक फोटो)

शमीक चक्रवर्ती

टेक जायंट कंपनी एप्पल की ओर से भारत-ऑस्ट्रेलिया टी-20 मैच के 20 पास मांगने पर बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) सेक्रेटरी और प्रेसिडेंट के बीच तनाव पैदा हो गया है। बोर्ड के प्रेसिडेंट सीके खन्ना द्वारा एप्पल को पास देने से मना करने पर बीसीसीआई सेक्रेटरी अमिताभ चौधरी ने बीसीसीआई चीफ को ईमेल करते हुए खन्ना पर बोर्ड के महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। बता दें कि एप्पल कंपनी ने हैदराबाद में 13 अक्टूबर को हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया टी-20 मैच के 20 पास मांगे थे, हालांकि मैच बारिश की वजह से हो नहीं पाया था।

मेल में चौधरी ने लिखा, ‘कुछ दिनों पहले बीसीसीआई के एक अधिकारी द्वारा मुझे और प्रेसिडेंट खन्ना को ईमेल भेजा गया था, जिसमें कहा गया था कि टेक कंपनी एप्पल ने 13 अक्टूबर के भारत-ऑस्ट्रेलिया टी-20 मैच के लिए 20 पास मांगे थे। कंपनी की ब्रांड प्रोफाइल और बीसीसीआई के साथ कंपनी की भविष्य की पार्टनरशिप की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मैंने 10 पास सेक्रेटरी कोटा से और 10 पास प्रेसिडेंट कोटा से देने का सुझाव दिया, लेकिन प्रेसिडेंट कोटा से पास देने से मना करने पर मैंने सभी 20 पास सेक्रेटरी कोटा से एप्पल को दे दिए।’

इसके अलावा सेक्रेटरी चौधरी ने आगे लिखा कि बीसीसीआई अधिकारियों को अपने कोटा के पास का इस्तेमाल केवल परिवार या दोस्तों के लिए नहीं करना चाहिए, बल्कि बोर्ड के हित के लिए करना चाहिए। एप्पल को पास की सुविधा देने पर सफाई देते हुए चौधरी ने आगे लिखा, ‘मैंने सोचा कि एप्पल की मांग पर उन्हें पास देना बीसीसीआई के हित में होगा।’ वहीं एप्पल ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया है। बीसीसीआई के सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वो सभी पास अमेरिका और हैदराबाद के वरिष्ठ एप्पल एक्ज़ीक्यूटिव के एक समूह के लिए थे। आपको बता दें कि पिछले साल एप्पल के सीईओ टिम कुक ने भी क्रिकेट मैच का मजा लिया था, उन्होंने गुजरात लॉयन्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुए आईपीएल के मैच को बीसीसीआई अधिकारी राजीव शुक्ला के साथ कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में देखा था।

इसके अलावा इसी मेल में सेक्रेटरी चौधरी ने प्रेसिडेंट खन्ना पर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने को लेकर भी चुप्पी साधने का आरोप लगाया। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जब बीसीसीआई प्रेसिडेंट खन्ना से सेक्रेटरी चौधरी के आरोपों पर सवाल किया गया तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से मना कर दिया। लेकिन, बीसीसीआई के करीबी सूत्रों का कहना है कि एप्पल को पास ना देने का खन्ना का फैसला सही था, क्योंकि बीसीसीआई का अन्य मोबाइल कंपनियों से लिंकअप है। सूत्रों का कहना है कि बीसीसीआई के टाइटल स्पोंसर फिलहाल ओप्पो (Oppo) और वीवो (Vivo) हैं, इसलिए खन्ना ने उन कंपनियों की प्रतियोगी कंपनी एप्पल को पास नहीं देकर सही किया।

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