टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले ने भारतीय टीम के बॉलिंग ऑप्शन की कमी पर चिंता जताई। कुंबले ने ये चिंता तब जाहिर की जब टीम के बड़े बॉलर संघर्ष कर रहे हैं। अब तक ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या हों या फिर वरुण चक्रवर्ती इन्होंने इस टी20 वर्ल्ड प में गेंद से अब तक कोई खास योगदान नहीं दिया है। हालांकि भारत के लिए टी20 प्रारूप में रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा ने गेंदबाजी में कभी-कभी हाथ जरूर आजमाया है।
भारत की गेंदबाजी चिंता का विषय
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय गेंदबाजी भी साधारण रही थी हालांकि टीम को जीत मिली, लेकिन इसके बावजूद कुंबले भारतीय गेंदबाजी यूनिट को लेकर चिंतित नजर आए। कुंबले ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के शो टाइम आउट में कहा कि भारतीय टीम ने पिछले वर्ल्ड कप से लेकर अब तक कुछ बल्लेबाजों से भी गेंदबाजी करवाई और उन्हें आजमाया। अगर आप पिछले 18 महीनों को देखें तो भारत ने ज्यादातर मुकाबले टी20 के जीते। इस दौरान किसी मैच में तिलक, तो कभी अभिषेक शर्मा तो कभी रिंकू सिंह को भी आजमाया गया यहां तक की सूर्यकुमार यादव ने भी बॉलिंग की।
कुंबले ने आगे कहा कि ऐसे देखा जाए तो आपके पास ऑप्शन हैं और ये काफी अच्छा भी है, लेकिन फ्लैट पिचों पर आपको काफी चुनौती मिलेगी। भारत चाहेगा कि वो 8 बल्लेबाजों के साथ खेले ना कि 7 बैटर और 5 बॉलर के साथ। इस स्थिति में फ्लैट पिचों पर आप इन गेंदबाजों से काम नहीं चला सकते और यहां पर आपको विशुद्ध गेंदबाजों की कमी साफ तौर पर खलेगी। शिवम दुबे की गेंदबाजी भी कुछ खास नहीं रही है ऐसे में भारत के लिए चुनौती और ज्यादा है।
साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डू प्लेसिस ने अनिल कुंबले के बयान का समर्थन किया और इस बात पर जोर दिया कि अगर कुछ मुख्य भारतीय गेंदबाजों पर बल्लेबाज अटैक करते हैं तो छठे गेंदबाज को मैच में गेंदबाजी करने के लिए मजबूर किया जाता है। तो सूर्यकुमार यादव की टीम को नुकसान हो सकता है।
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