मुंबई की पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगड़ ने मार्च 2026 में जेंडर अफरमिंग (लिंग-परिवर्तन) सर्जरी करवाई थी। उनको ऑस्ट्रेलिया में महिला सामुदायिक क्रिकेट खेलने की मंजूरी मिल गई है। अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘यह मेरे लिए बहुत अच्छा दिन है। खासकर यह जानने के बाद कि मैं क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी,लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया। इसने मुझे एक और मौका दिया है।’
अनाया के पिता संजय बांगड़ भारत के पूर्व ऑलराउंडर हैं और पुरुष टीम के बैटिंग कोच भी रहे हैं। अनाया ने भारतीय क्रिकेटर सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ मुंबई के लिए आयु-वर्ग क्रिकेट खेला। हालांकि, विमेंस बिग बैश लीग जैसे ‘एलीट क्रिकेट’ में खेलने के लिए अनाया को टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मापदंड को पूरा करना होगा।
ऑस्ट्रेलिया की पॉलिसी
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ‘ट्रांसजेंडर और जेंडर डायवर्स प्लेयर्स इन एलीट क्रिकेट पॉलिसी’ के अनुसार क्रिकेट खेलने के लिए पात्र होने के लिए प्लेयर का सीरम टेस्टोस्टेरोन कम से कम 12 महीने तक 10 नैनोमोल प्रति लीटर से कम होना चाहिए। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में मेल प्यूबर्टी से गुजर चुके ट्रांसजेंडर प्लेयर्स को एलीट विमेंस गेम से बैन कर दिया था।
ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर अनाया को करना होगा ब्लड टेस्ट
द इंडियन एक्सप्रेस को मिले अनाया को भेजे एक लेटर में, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने कहा, ‘तारीख (मार्च 2027) से एलीट क्रिकेट के लिए आपकी पात्रता इस शर्त पर है कि आप ऑस्ट्रेलिया आने पर एक ब्लड टेस्ट कराएंगी, जिससे यह पुष्टि होगा कि आपका सीरम टेस्टोस्टेरोन कंसंट्रेशन 10 नैनोमोल प्रति लीटर से कम है और आप पात्रता की जरूरतों को पूरा करती हैं।’
कम्युनिटी क्रिकेट में खेल सकती हैं अनाया
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को पत्र लिखने वालीं अनाया तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेलना शुरू कर सकती हैं। पार्ट्रिज ने कहा, ‘मार्च 2027 तक, आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या इलाके में प्रीमियर क्रिकेट कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने के लिए पात्र रहेंगी। क्योंकि पॉलिसी के तहत प्रीमियर क्रिकेट को एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट में वर्गीकृत किया गया है। इसलिए उन मुकाबालों में आपके हिस्सा लेने पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा।’
बीसीसीआई में ट्रांस महिला के खेलने की पॉलिसी नहीं
बीसीसीआई के एक शीर्ष पदाधिकारी ने बताया कि ट्रांस महिला के महिला क्रिकेट खेलने पर उनकी कोई पॉलिसी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब आईसीसी की बात आती है तो उन्होंने मना कर दिया है। बीसीसीआई को अभी यह तय करना है कि ऐसे मामलों में क्या किया जा सकता है। क्योंकि यह पहली बार है जब बोर्ड के सामने ट्रांस महिला का मामला सामने आया है। इसलिए बोर्ड ने अभी तक इस पर कोई औपचारिक कदम नहीं लिया है। खासकर उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलने की इजाजत देने पर।’ अनाया ने कहा कि उन्होंने पिछले साल बीसीसीआई को खेलने के लिए पात्रता मापदंड के बारे में पूछा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
अनाया बांगड़ ने की BCCI और ICC से खास मांग
अनाया बांगड़, एक नाम जो भारतीय क्रिकेट में न केवल एक खिलाड़ी के रूप में, बल्कि सामाजिक बदलाव की मशाल जलाने वाली शख्सियत के रूप में उभरा है। भारत की पहली खुलकर ट्रांसजेंडर महिला एथलीट और पूर्व पेशेवर क्रिकेटर अनाया ने अपने वैज्ञानिक शोध के जरिए खेल की दुनिया में समावेश और निष्पक्षता की एक नई बात शुरू की है। पूरी खबर पढ़ें।
