क्रिकेट जगत सफेद गेंद के प्रारूप में भारतीय क्रिकेट का प्रभुत्व देख रहा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने ऐसा लगता है कि भारतीय क्रिकेट उस दौर में पहुंच गया है, जहां उसको हराना नामुमकिन लगता है। बीते साढ़े तीन साल में भारतीय टीम ने 4 में से 3 आईसीसी खिताब जीते। जिस एक टूर्नामेंट में वह नहीं जीत पाई उसमें भी उसका दबदबा था। हालांकि, तब बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी उसे फाइनल (आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023) में जीत नहीं मिली, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से उस दिल तोड़ने वाली हार के बाद भारतीय टीम ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि 19 नवंबर 2023 सिर्फ एक बुरा दिन था।

भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कभी कमी नहीं रही। खिलाड़ियों में जीत की ललक भी रही। क्रिकेट में भारत के प्रदर्शन का स्तर ऊपर ही गया, लेकिन ऐसा दबदबा पहले नहीं देखने को मिला। एक दौर था जब भारतीय टीम आईसीसी टूर्नामेंट में प्रबल दावेदार होती, लेकिन नॉकआउट मैचों के दबाव को नहीं झेल पाती थी। इसके कारण उसे 11 साल आईसीसी खिताब का इंतजार करना पड़ा। साल 2020 के बाद ऐसा भी दौर आया जब भारतीय टीम ने काफी साधारण प्रदर्शन किया। शायद वह समय आज याद न हो, लेकिन उन विफलताओं ने भारतीय क्रिकेट को बदल दिया।

एडिलेड की हार के बाद बदली भारतीय टीम की शैली

2021 और 2022 टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी साधारण रहा था। साल 2021 में वह ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। साल 2022 में वह इंग्लैंड से सेमीफाइनल में बुरी तरह हारकर बाहर हुई। एडिलेड में इंग्लैंड से 10 विकेट से हारने के बाद भारतीय टीम की शैली में बदलाव आया। इसकी नींव पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने रखी।

रोहित शर्मा को यह बात समझ में आ गई थी कि चैंपियन बनने के लिए त्याग करना होगा। खिलाड़ियों को खुद के रिकॉर्ड को एक-तरफ रखकर टीम को प्राथमिकता देनी होगी। आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 में रोहित शर्मा ने खुद आगे आकर विस्फोटक क्रिकेट खेलना शुरू किया।

11 साल का इंतजार खत्म हुआ

रोहित पहली गेंद से गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश करते और इससे टीम का फायदा हुआ। वह पहले ही विरोधी टीमों के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल देते थे। हालांकि, यह रोहित का दुर्भाग्य था कि भारतीय टीम 19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया से हार गई।

इस हार के छह महीने बाद ही 2024 टी20 वर्ल्ड कप हुआ। रोहित शर्मा के हाथों में फिर टीम की कमान थी। 2023 की तरह इस विश्व कप में भी रोहित ने आक्रामक शैली जारी रखी और 11 साल का इंतजार खत्म किया। भारतीय टीम 2013 के बाद पहली बार कोई आईसीसी का खिताब जीती। अब खिताब जीतना भारतीय टीम की आदत बन गई है।

200 से ज्यादा का स्कोर को न्यू नॉर्मल बना

टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने के बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप को अलविदा कहा। अगले ही साल रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अजेय रहते हुए जीता। इस बीच नए कोच गौतम गंभीर और नए कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुआई में 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम तैयार हो रही थी।

अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी आक्रामक क्रिकेट को एक कदम और आगे लेकर गए। भारतीय टीम ने 200 से ज्यादा के स्कोर को न्यू नॉर्मल बना दिया। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इस अप्रोच के साथ खेली। शुरुआत में थोड़ा संघर्ष करती दिखी, लेकिन टूर्नामेंट के अंत में उसने सर्वश्रेष्ठ दिया और लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया।

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