मुंबई के वानखड़े स्टेडियम में जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत-इंग्लैंड एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे तब दोनों टीमों के फाइनल में पहुंचने की लड़ाई होगी। इंग्लैंड की टीम मजबूत है, लेकिन ऐसा कतई नहीं है कि उसे हराया नहीं जा सकता। भारत को इस टीम के खिलाफ ठोस रणनीति के तहत मैदान पर उतरना होगा। भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ क्या रणनीति अपनाकर जीत सकता है जानते हैं।

पहले बैटिंग करते हुए भारत को बनाने होंगे कम से कम 220 रन

वैसे तो इस मैच में टॉस अहम होगा, लेकिन भारत अगर टॉस जीत जाता है तो उसके लिए पहले बैटिंग करना फायदेमंद होगा। वानखेड़े में शुरुआती कुछ ओवर्स में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है ऐसे में जोफ्रा आर्चर जैसे बॉलर परेशान कर सकते हैं, लेकिन अगर उन्हें सावधानी से खेल लिया गया तो फिर रन भी खूब बनते हैं। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 220 तक का स्कोर खड़ा कर लिया तो फिर इंग्लैंड के लिए जीतना मुश्किल हो सकता है। बड़े स्कोर के दवाब में इंग्लैंड हथियार डाल सकता है।

इंग्लैंड को 180 तक रोकना होगा जरूरी

एक पहलू ये भी है कि अगर इंग्लैंड के टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया तो उस हाल में क्या करना चाहिए। इंग्लैंड के पास एक से बढ़कर एक हिटर हैं और अगर इस टीम ने 200 प्लस स्कोर किया तो वो भी भारत के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों खास तौर पर अर्शदीप सिंह या बुमराह को शुरुआत में ही फिल साल्ट और जोस बटलर जैसे बल्लेबाजों को जल्दी आउट करना होगा। वानखेड़े में ज्यादा टर्न नहीं मिलता ऐसे में स्पिनर्स को मध्य में सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए रन गति को रोकना होगा। भारत अगर इस टीम को 180 तक रोकने में सफल रहा तो फिर मैच जीत सकता है।

भारतीय बल्लेबाजों को लेनी होगी और जिम्मेदारी

भारतीय बल्लेबाज खास तौर पर अभिषेक शर्मा, इशान किशन, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, इन सबको ज्यादा जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा। ये बल्लेबाज चाहे पहली पारी में बैटिंग करें या फिर दूसरी पारी में इनकी कोशिश होनी चाहिए कि क्रीज पर टिकें और टीम के लिए रन बनाएं। संजू सैमसन हालांकि फॉर्म में हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड खराब रहा है। ऐसे में संजू की कोशिश होगी कि वो अपने पिछले रिकॉर्ड को सुधारें। इंग्लैंड के खिलाफ अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है जबकि सूर्यकुमार यादव ने भी इस टीम के खिलाफ रन बनाए हैं। हार्दिक पंड्या भी इस लिस्ट में हैं जिनका प्रदर्शन भी इस टीम के खिलाफ शानदार रहा है।

जसप्रीत बुमराह का सावधानी से इस्तेमाल

इंग्लैंड के खिलाफ बुमराह के 4 ओवर काफी अहम होंगे। मध्यक्रम में इस टीम में हैरी ब्रुक जैसे खिलाड़ी हैं जिन्हें रोकने में बुमराह अहम भूमिका निभा सकते हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी की भी टेस्ट होगी कि वो बुमराह का इस्तेमाल किस तरह से करते हैं। टीम के अन्य गेंदबाजों को भी पूरा होमवर्क करके मैदान पर आना होगा कि किस बल्लेबाज के खिलाफ किस तरह की गेंद का इस्तेमाल किया जाए कि वो आउट हो। इंग्लैंड चुकी श्रीलंका में खेलकर भारत आ रहा है ऐसे में उसके लिए यहां की कंडीशन में तुरंत ढलना आसान नहीं होगा। भारत इसका भी फायदा उठा सकता है।

फीयरलेस अप्रोज होगी जीत की कुंजी

भारत के ये भूल जाना चाहिए कि सामने कौन टीम है। उसे फीयरलेस अप्रोच आजमाने की जरूरत होगी जैसा कि भारत ने किया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम के हार की बड़ी वजह से थी कि टीम इंडिया ने अपने बेखौफ अंदाज से समझौता किया था। भारतीय खिलाड़ियों को संभलकर और ये सोचकर खेलना चाहिए कि वो डिफेंडिंग चैंपियन ऐसे ही नहीं हैं। सूर्यकुमार की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत ने ज्यादातर द्विपक्षीय सीरीज में जीत हासिल की थी और भारत को ये नहीं भूलना चाहिए कि साल 2025 में इंग्लैंड को टीम इंडिया ने इसी मैदान पर 150 रन से हराया था।

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