पांच साल के बच्चे जितनी मानसिक क्षमता वाली साथी से यौन शोषण के आरोपों में अमेरिकी पैरालंपिक तैराक रॉबर्ट ग्रिसवॉल्ड पर बड़ी कार्रवाई की गई है। खेलों में यौन शोषण से जुड़े मामलों की जांच करने वाली संस्था यूएस सेंटर फॉर सेफस्पोर्ट ने रॉबर्ट ग्रिसवोल्ड को स्थायी रूप से अयोग्य घोषित करते हुए आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। आरोप है कि ये घटनाएं 2020 टोक्यो पैरालंपिक्स के दौरान और उसके बाद के महीनों में हुईं, जब दोनों खिलाड़ी टीम के साथ जुड़े हुए थे। 2020 पैरालंपिक कोरोना के कारण 2021 में आयोजित किए गए थे।

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पैरालंपिक तैराक रॉबर्ट ग्रिसवोल्ड पर अपनी ही टीम की एक ऑटिस्टिक साथी खिलाड़ी के साथ यौन और शारीरिक दुराचार के आरोप लगे थे। इन आरोपों की जांच के बाद यूएस सेंटर फॉर सेफस्पोर्ट ने उसे स्थायी रूप से खेलों से अयोग्य घोषित कर दिया।

रॉबर्ट ग्रिसवोल्ड अस्थायी रूप से अयोग्य घोषित

सेफस्पोर्ट ने सोमवार नौ मार्च 2026 को यह फैसला सुनाते हुए कहा कि रॉबर्ट ग्रिसवोल्ड पर लगे यौन और शारीरिक दुराचार से जुड़े आरोपों के आधार पर उसे स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब वह किसी भी ऐसे खेल कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएगा जो सेफस्पोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है।

पहले दोस्त बन भरोसा जीता फिर किया दुराचार?

यह मामला 2022 में दायर एक मुकदमे के बाद चर्चा में आया था। मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि टोक्यो पैरालंपिक के दौरान और उसके बाद करीब एक साल तक रॉबर्ट ग्रिसवोल्ड ने साथी खिलाड़ी के साथ अनुचित व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया था कि उसने कथित तौर पर पहले दोस्ती और भरोसा बनाने की कोशिश की और फिर दुराचार किया। मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया था कि यूनाइटेड स्टेट्स ओलंपिक एंड पैरालंपिक कमेटी और सेफस्पोर्ट ने शुरुआती दौर में रॉबर्ट ग्रिसवोल्ड को रोकने के बजाय उसे ‘बचाने और संरक्षण देने’ की कोशिश की।

शिकायत में यह भी कहा गया था कि संबंधित खिलाड़ी की मानसिक क्षमता लगभग पांच साल के बच्चे के बराबर थी। इसके बावजूद उसे और रॉबर्ट ग्रिसवोल्ड को एक ही कमरे और शॉवर का इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई, जिसे वकीलों ने बेहद चिंताजनक और परेशान करने वाला फैसला बताया था।

मामलों को सामने लाने वालों की शुक्रगुजार

सेफस्पोर्ट की नई सीईओ (CEO) बेनिता फिट्जगेराल्ड मोस्ली ने कहा कि खेलों में सुरक्षित माहौल बनाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। फिट्जगेराल्ड मोस्ली ने कहा, ‘जवाबदेही ही लंबे समय में खेलों की संस्कृति को बदलने का रास्ता है। हम उन लोगों के शुक्रगुजार हैं जो अपने अनुभव साझा करने के लिए सामने आते हैं। वे दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनकी वजह से सेंटर के लिए कार्रवाई करना और दूसरों को बचाना मुमकिन हो पाता है।’