भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने पैर में दर्दनाक छाले और मांसपेशियों में खिंचाव से जूझते हुए शनिवार (7 मार्च) को यहां कनाडा के विक्टर लाई को हराकर ऑल इंग्लैंड ओपन के पुरुष एकल फाइनल में जगह बनाई। अब वह इस बड़े खिताब के लिए भारत का 25 साल का इंतजार खत्म करने से महज एक जीत दूर हैं। यह मैच लक्ष्य के करियर के सबसे अच्छे मुकाबलों में से एक साबित हुआ।
लक्ष्य ने एक घंटे 37 मिनट तक चले संघर्ष में 21 साल के लाई पर 21-16, 18-21, 21-15 से जीत हासिल की जिन्होंने पिछले साल पेरिस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। लक्ष्य 2022 चरण में उप विजेता रहे थे जिससे यह उनका दूसरा ऑल इंग्लैंड फाइनल होगा। अल्मोड़ा के 24 साल के खिलाड़ी का सामना अब रविवार (8 मार्च) को फाइनल में दुनिया के 11वें नंबर के खिलाड़ी चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा। वह इसमें जीत से इतिहास रचना चाहेंगे।
प्रकाश पादुकोण-पुलेला गोपीचंद ही ऑल इंग्लैंड खिताब जीत पाए हैं
भारत के लिए प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही ऐसे खिलाड़ी हैं जो ऑल इंग्लैंड खिताब जीत पाए हैं। उनके अलावा सिर्फ प्रकाश नाथ (1947) और साइना नेहवाल (2015) ही उप विजेता बनकर इसके करीब पहुंचे थे। लक्ष्य ने जबरदस्त मानसिक मजबूती, मजबूत डिफेंस और सटीक स्ट्रोकप्ले दिखाया। उन्होंने मुश्किल रैलियों में 86 शॉट लगाए। मैच की शुरूआत 52 शॉट की रैली से हुई। दोनों शटलर एक-दूसरे के डिफेंस को भेदते हुए 3-3 और 4-4 पर बराबरी पर थे।
भारतीय खिलाड़ी ने स्ट्रोकप्ले पर भरोसा जताया
लाई के ऊंचे ‘टॉस’ शॉट ने कई दफा लक्ष्य को चौंका दिया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपने बेहतर स्ट्रोकप्ले पर भरोसा रखते हुए स्कोर 8-8 से बराबर रखा। लक्ष्य फिर 10-8 से आगे हो गए, लेकिन लाई ने सीधे स्मैश और एक बढ़िया नेट शॉट से स्कोर फिर बराबर कर लिया। लक्ष्य ने ब्रेक तक फोरहैंड ड्राइव से एक अंक की मामूली बढ़त बना ली। फिर वह कई सटीक स्मैश और नेट प्ले से 18-16 से आगे हो गए।
लक्ष्य के पैर में छाले
लाई के लंबा शॉट मारने और एक शॉट से चूकने से लक्ष्य ने जल्द ही चार गेम प्वाइंट हासिल कर लिए और कई आक्रामक स्ट्रोक लगाकर पहला गेम जीत लिया। दूसरा गेम भी बराबरी पर शुरू हुआ, लेकिन लक्ष्य को अपने पैर के छालों के उपचार के लिए थोड़ी देर के लिए कोर्ट से बाहर जाना पड़ा, तब वह 3-4 से पीछे थे। खेल दोबारा शुरू होने पर लाई ने शानदार डिफेंस के दम पर 9-4 की बढ़त बना ली जिसमें 59 शॉट की शानदार रैली भी शामिल थी।
लाई ने दूसरा गेम जीतकर 1-1 से बराबरी हासिल की
लक्ष्य ने ड्रॉप शॉट, सटीक बैकलाइन पुश और तेज नेट प्ले के जरिए धीरे-धीरे वापसी की, लेकिन लाई ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बनाए रखी। भारतीय खिलाड़ी ने सटीक बैकलाइन रिटर्न से 16-16 से बराबरी कर ली। पर कनाडा के खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और फिर से 18-16 से बढ़त हासिल कर ली। उन्होंने इसके बाद दो गेम प्वाइंट भी अर्जित किए और लक्ष्य का रिटर्न वाइड जाने से दूसरा गेम जीतकर 1-1 से बराबरी हासिल की।
लाई के चेहरे पर थकान दिखने लगी
निर्णायक गेम में लक्ष्य शुरू में 4-2 से आगे हो गए। डाइव के दौरान ऊंगली में चोट लगने के बाद लाई ने मेडिकल टाइमआउट लिया। कनाडाई खिलाड़ी ने फिर स्कोर 4-4 से बराबर किया, लेकिन 86 शॉट की थका देने वाली रैली खत्म होने से लय तय हो गई जिसमें चेयर अंपायर ने यह फैसला करते हुए लक्ष्य को अंक दे दिया कि शटल लाई से टकराई थी। लक्ष्य ने धीरे-धीरे बढ़त बनाई क्योंकि लाई के चेहरे पर थकान दिखने लगी थी।
जांघों की मांसपेशियों में खिंचाव
भारतीय खिलाड़ी 9-6 से आगे हो गया। एक जोरदार स्मैश और एक तेज नेट शॉट ने उन्हें ब्रेक तक 11-7 की बढ़त दिला दी। ब्रेक के दौरान लक्ष्य की जांघों की मांसपेशियों का उपचार किया गया और बाद में कोर्ट पर देर से लौटने पर उन्हें ‘येलो कार्ड’ दिखाया गया। मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद लक्ष्य ने तब 15-9 की बढ़त बना ली जब लाई का रिटर्न शॉट वाइड चला गया।
दमदार स्मैश के साथ यादगार जीत पक्की की
जैसे-जैसे मुकाबला एक घंटे 30 मिनट का समय पार कर रहा था, गलतियां भी बढ़ने लगीं जिससे लाई ने अंतर 14-16 तक कम कर दिया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने फिर से जोश दिखाया और एक स्मैश मारकर स्कोर 17-14 कर दिया। फिर जब लाई ने वाइड शॉट लगाया तो बढ़त 18-15 हो गई। एक जबरदस्त स्मैश के बाद लक्ष्य जीत से महज दो अंक की दूरी पर थे और लाई की नेट गलती ने भारतीय खिलाड़ी को पांच मैच प्वाइंट दिला दिए। उन्होंने एक और दमदार स्मैश के साथ यादगार जीत पक्की कर ली।
यह भी पढ़ें: ईरान-इजरायल की जंग के कारण दुबई में फंसी पीवी सिंधु, ऑल इंग्लैंड ओपन खेलना संदिग्ध; विमल कुमार ने रद्द की यात्रा
पीटीआई इनपुट से खबर
