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ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने के कई दि‍न बाद तक भी अजिंक्य रहाणे ने विराट कोहली से नहीं की थी बात, बताई ये वजह

कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज के अंतिम तीन मैचों में नहीं खेल पाए थे। पहले टेस्ट में शर्मनाक हार के बाद अजिंक्य रहाणे को टीम की कमान मिली थी। रहाणे की कप्तानी में भारत ने बाकी बचे तीन टेस्ट मैचों में दो जीते और एक ड्रॉ कराया था।

Ajinkya Rahane, Virat Kohli, India vs Australia, Test Series, Ind vs Ausऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज 2-1 से जीती थी। (सोर्स – PTI)

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज के अंतिम तीन मैचों में नहीं खेल पाए थे। पहले टेस्ट में शर्मनाक हार के बाद अजिंक्य रहाणे को टीम की कमान मिली थी। रहाणे की कप्तानी में भारत ने बाकी बचे तीन टेस्ट मैचों में दो जीते और एक ड्रॉ कराया था। टीम इंडिया सीरीज 2-1 से जीती थी। सीरीज जीतने के बाद रहाणे ने कोहली से बात नहीं की थी। इसका कारण उन्होंने इंड‍ियन एक्‍सप्रेस के आइड‍िया एक्‍सचेंज कार्यक्रम में बताया था।

रहाणे से कार्यक्रम में पूछा गया, ‘क्या आपने जीत के बाद उससे बात की है?’’ इस पर उन्होंने बात होने की बात से इंकार कर दिया। रहाणे ने इसका कारण बताते हुए कहा, ‘‘हमने बस कुछ बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया। मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहता था, वह अपने जीवन में एक खास पल से गुजर रहे हैं।’’ दरअसल, कोहली की वाइफ अनुष्का शर्मा मां बनने वाली थी तो विराट ने पैटरनिटी लीव के लिए बीसीसीआई को आवेदन दिया था। बोर्ड ने इसे स्वीकार कर लिया था और उन्हें छुट्टी दे दी थी। अनुष्का ने पिछले महीने बेटी ‘वामिका’ को जन्म दिया था।

कोहली से तुलना के सवाल पर रहाणे ने कहा, ‘‘हमदोनों अच्छे दोस्त हैं। हम अपने देश के लिए अच्छा करना चाहते हैं। स्थिति वापस वही है जो पहले थी। वह कप्तान हैं और मैं उप-कप्तान हूं। मैं अपनी भूमिका का आनंद ले रहा हूं। जब विराट ने एडिलेड मैच के बाद टीम को छोड़ा तो मेरा उद्देश्य उनके जैसा ही था- देश के लिए अच्छा करना और सभी खिलाड़ियों से बेस्ट निकलवाना। हम दोनों वास्तव में करीबी हैं और अच्छे दोस्त हैं।’’

बिशन सिंह बेदी ने रहाणे की तुलना मंसूर अली खान पटौदी से की थी। इस बारे में पूछे जाने पर रहाणे ने कहा, ‘‘महान खिलाड़ियों द्वारा की गई तारीफ की मैं इज्जत करता हूं और काफी मायने रखता हैं। मैं आलोचकों की भी इज्जत करता हूं। आप अति-आत्मविश्वासी नहीं हो सकते हैं। मैं विनम्रतापूर्वक तारीफ स्वीकार करता हूं। मेरा उद्देश्य अपने देश के लिए अच्छा करना है और एक क्रिकेटर के रूप में सुधार करना है। चाहे वह कप्तान के तौर पर हो या चाहे उप-कप्तान के तौर पर हो या एक खिलाड़ी के तौर पर हो। हर बार जब हम मैदान पर कदम रखते हैं तो देश के लिए कुछ खास करने का अवसर होता है।’’

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