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आजिंक्य रहाणेः कंफर्ट जोन से बाहर बैटिंग करना है मजेदार

टेस्ट टीम में अपने लिये सबसे उपयुक्त बल्लेबाजी स्थान को लेकर चल रही चर्चा से बेफिक्र अंजिक्य रहाणे ने कहा कि उन्हें अपने लिये ‘कम्फर्ट जोन’ (आरामदायक स्थिति) से बाहर बल्लेबाजी करने में पूरा आनंद आता है।
Author मुंबई | September 12, 2015 09:11 am

टेस्ट टीम में अपने लिये सबसे उपयुक्त बल्लेबाजी स्थान को लेकर चल रही चर्चा से बेफिक्र अंजिक्य रहाणे ने कहा कि उन्हें अपने लिये ‘कम्फर्ट जोन’ (आरामदायक स्थिति) से बाहर बल्लेबाजी करने में पूरा आनंद आता है।

रहाणे अमूमन टेस्ट लाइनअप में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं लेकिन हाल में श्रीलंका के खिलाफ आखिरी दो टेस्ट मैचों में उन्हें तीसरे नंबर पर भेजा गया था।

मुंबई के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘यह मुझे स्वीकार है। मैं वास्तव में श्रीलंका में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने का पूरा आनंद उठाया। मैंने वहां तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ा और हम वह मैच (दूसरा टेस्ट) जीतने में सफल रहे।’

उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन मुझसे जो भी चाहेगा मैं वह करने के लिये तैयार हूं। मुझे अपने कम्फर्ट जोन से बाहर बल्लेबाजी करना पसंद है। इससे वास्तव में मुझे खुशी मिलती है क्योंकि इससे पता चलता है कि टीम प्रबंधन और कप्तान का मुझ पर विश्वास है और मैं किसी भी परिस्थिति में किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी कर सकता है। मैं वहां टीम के लिये हूं।’

रहाणे ने कहा, ‘यह मेरे और साथ ही टीम के लिये भी अच्छा संकेत है कि मैं किसी भी परिस्थिति से निबट सकता हूं और टीम को किसी भी संकट से बाहर निकाल सकता हूं।

मैं बल्लेबाजी पोजीशन को लेकर बहुत अधिक नहीं सोच रहा हूं। मैंने वास्तव में श्रीलंका में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का पूरा आनंद उठाया और टीम ने मुझे जो भी सुझाया उस पर मैं पूरी तरह सहमत था।’

श्रीलंका में रहाणे को हालांकि दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी सफलता नहीं मिली लेकिन रहाणे को खुशी है कि टीम 0-1 से पिछड़ने के बाद श्रृंखला जीतने में सफल रही। उन्होंने कहा, ‘मैंने एक शतक जमाया और हम वह टेस्ट मैच जीतने में सफल रहे। मैं एक बार 36 रन पर आउट हुआ। मैं अधिक योगदान देना चाहता था लेकिन मुझे खुशी है कि हम 0-1 से पिछड़ने के बाद टेस्ट श्रृंखला जीतने में कामयाब रहे।’

रहाणे ने अब तक अपने चारों टेस्ट शतक विदेशों में बनाये हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सब कुछ मानसिक समायोजन पर निर्भर है। जब आप तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते तो आप पांचवें नंबर की तुलना में क्रीज पर पांव जमाने में थोड़ा अधिक समय लेते हो। आपको अपना समय लेना होता है। आधा घंटा गेंदबाजों को दो। यह देखो कि कितनी उछाल है और विकेट को समझों और फिर आप अपने शाट खेल सकते हो।’

उन्होंने कहा, ‘दूसरी तरफ से पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए आपको पांव जमाने के लिये दस से 15 मिनट चाहिए क्योंकि ड्रेसिंग रूम में बैठकर भी आपको यह पता चल जाता है कि विकेट कैसा है।

सलामी बल्लेबाजों और तीसरे नंबर के बल्लेबाज को बल्लेबाजी करते हुए देखने के बाद आप विकेट और गेंदबाजी आक्रमण के बारे में जान लेते हो और 10-15 मिनट में आप अपने शाट खेल सकते हो। नंबर तीन पर खेलते हुए शाट का चयन महत्वपूर्ण होता है। पांचवें नंबर पर भी ऐसा है लेकिन नंबर तीन पर थोड़ा मानसिक समायोजन की जरूरत पड़ती है।’

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