शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम 15 अगस्त से गॉल में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत करने जी रही है। माना जा रहा है कि इस मैच की प्लेइंग इलेवन में देवदत्त पडीक्कल को मौका मिल सकता है। वहीं इस टेस्ट सीरीज से पहले पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का मानना है कि देवदत्त पडिक्कल अपनी बल्लेबाजी की काबिलियत से भारत की टेस्ट प्लेइंग इलेवन में अहम नंबर तीन की जगह पक्की कर सकते हैं।
साई सुदर्शन के इंडिया ए दौरे के दौरान दाहिने पैर के अंगूठे में स्ट्रेस इंजरी के कारण श्रीलंका में होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद देवदत्त पडिक्कल के नंबर 3 पर खेलने की संभावना है। देवदत्त पडिक्कल ने भारत के लिए सिर्फ चार मैच खेले हैं जिसमें उनका आखिरी मैच 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट था। तब से 26 साल के इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत की है और सभी फॉर्मेट में खूब रन बनाए हैं। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट 11 के खिलाफ भारत के वॉर्म-अप मैच में नाबाद 142 रन बनाकर अपनी शानदार फॉर्म की झलक दिखाई थी।
श्रीलंका के हालात देवदत्त के लिए रहेंगे अच्छे
देवदत्त पडीक्कल का 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन भी शानदार रहा था जिसमें उन्होंने 6 मैचों में 60 से ज्यादा की औसत से 543 रन बनाए थे। हाल ही में रिटायर हुए भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को लगता है कि श्रीलंका के हालात भी पडिक्कल की बैटिंग के लिए सही हो सकते हैं खासकर स्पिन के खिलाफ भी वो सफल हो सकते हैं। रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि श्रीलंका के हालात उनके (देवदत्त पडिक्कल) लिए बहुत अच्छे रहेंगे। उन्हें बस शुरुआती दौर से पार पाना होगा क्योंकि वह नंबर 3 पर बैटिंग करेंगे।
रहाणे ने आगे कहा कि एक बार जम जाने के बाद उनके पास स्पिन के खिलाफ फ्रंट और बैक फुट पर खेलने के लिए कई तरह के शॉट्स हैं। नंबर 3 पर प्रोएक्टिव रहना बहुत जरूरी होगा और अगर नंबर 3 का बैटर पहला काउंटर-अटैक करता है तो भारतीय टीम गेम पर हावी हो सकती है। देवदत्त पडिक्कल शानदार फॉर्म में रहे हैं और वह सभी फॉर्मेट में बेहतरीन लय में हैं। उनके लिए अपनी फॉर्म और लय पर भरोसा रखना और खुद पर दबाव नहीं डालना जरूरी होगा। वह जानते हैं कि रन कैसे बनाने हैं और स्पिनरों के खिलाफ कट, स्वीप और स्टेप-आउट करके खेल सकते हैं।
रहाणे ने शुभमन गिल और उनकी टीम को श्रीलंका के खिलाफ अपने अच्छे रिकॉर्ड की वजह से ज्यादा निश्चिंत न होने की चेतावनी भी दी है। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ अपनी पिछली चार टेस्ट सीरीज जीती हैं और 2008 के बाद से उनके खिलाफ कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारी है। रहाणे ने कहा कि भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के बारे में सोचकर श्रीलंका को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्हें पहले यह देखना होगा कि पहला टेस्ट कैसे जीता जाए और फिर दूसरे टेस्ट में 2-0 की जीत के बारे में सोचना चाहिए। यह कड़ी टक्कर वाली सीरीज होगी क्योंकि श्रीलंका भी टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब है। मुझे लगता है कि यह सीरीज एकतरफा नहीं होगी।
शुभमन गिल तीसरे स्थान पर, वार्नर नंबर 1; वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की एक पारी में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले टॉप-10 बैटर
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की एक पारी में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर के नाम पर दर्ज है। शुभमन गिल भी इस लिस्ट में तीसरे नंबर र मौजूद हैं। (इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
