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शैफाली के बाद स्नेह राणा ने रचा इतिहास, गेंद के बाद बल्ले से दिखाया कमाल; भारत की बचाई लाज

ऑलराउंडर स्नेह राणा डेब्यू टेस्ट में 50 या उससे ज्यादा रन बनाने और चार विकेट लेने वाली पहली भारतीय और दुनिया की चौथी महिला बन गई हैं। उन्होंने तानिया भाटिया के साथ नौवें विकेट के लिए 104 रन की रिकॉर्ड साझेदारी भी की।

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: June 19, 2021 11:58 PM
स्नेह राणा डेब्यू टेस्ट मैच में 50+ रन बनाने और चार विकेट लेने वाली पहली भारतीय और दुनिया की चौथी महिला बन गई हैं। (सोर्स- ट्विटर/ईएसपीएनक्रिकइंफो)

17 साल की शैफाली वर्मा के बाद 27 साल की स्नेह राणा ने ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर इतिहास रचा। वह डेब्यू टेस्ट में 50 या उससे ज्यादा रन बनाने और चार विकेट लेने वाली पहली भारतीय और दुनिया की चौथी महिला बन गई हैं। उनकी जुझारू अर्धशतकीय पारी के दम पर भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट को ड्रॉ कराने में सफल रही।

ऑलराउंडर स्नेह राणा (नाबाद 80 रन) ने तानिया भाटिया (नाबाद 44 रन) के साथ नौवें विकेट के लिए 104 रन की रिकॉर्ड साझेदारी भी की। एक दिन पहले शैफाली ने इसी मैदान पर इतिहास रचा था। वह डेब्यू टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 50 या उससे ज्यादा रन बनाने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। वह ऐसा करने वाली दुनिया की चौथी महिला क्रिकेटर हैं। वह दोनों पारियों में 50+ रन बनाने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला भी बन गई हैं। शेफाली वर्मा डेब्यू टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में भी चौथे नंबर पर पहुंच गईं हैं।

इंग्लैंड ने पहली पारी नौ विकेट पर 396 रन पर घोषित की थी। जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में 231 रन पर सिमट गई। मेजबानों ने उसे फॉलोऑन दिया। शीर्ष क्रम ने फिर भारत को अच्छी शुरुआत कराई, लेकिन मध्यक्रम फिर चरमरा गया। इसके बावजूद भारत ने निचले क्रम के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत दूसरी पारी में आठ विकेट पर 344 रन बनाए और मैच ड्रॉ कराया।

इस मैच में भारत के लिए पांच खिलाड़ियों ने टेस्ट डेब्यू किया था। इसमें स्नेह, तानिया, दीप्ति शर्मा और शैफाली वर्मा अपने प्रदर्शन से सभी को लुभाने में सफल रहीं। स्नेह और तानिया ने नौवें विकेट के लिए 90 रन की रिकॉर्ड साझेदारी को पीछे छोड़ दिया। शुभांगी कुलकर्णी और मणिमाला सिंघल ने 1986 में इंग्लैंड के खिलाफ नौवें विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की थी।

स्नेह ने अपनी पारी में 154 गेंद का सामना करते हुए 13 चौके जमाये जबकि तानिया ने छह चौके लगाये। इंग्लैंड की गेंदबाज सोफी एक्लेस्टोन ने दोनों पारियों में चार चार विकेट हासिल किये जबकि हीथर नाइट और नैट स्किवर ने दोनों पारियों में कुल तीन तीन विकेट झटके। भारत ने एक विकेट पर 83 रन से आगे खेलते हुए लंच तक तीन विकेट पर 171 रन बना लिये थे जिसमें दीप्ति शर्मा ने 54 रन की संयमित पारी खेली। दीप्ति ने पूनम राउत (83 गेंद में 39 रन) के साथ 72 रन की भागीदारी की लेकिन लंच से पहले आउट हो गयीं।

भारत ने लंच के बाद चार विकेट जल्दी गंवा दिये थे और इस दौरान केवल 28 रन जुड़े। लेकिन पदार्पण कर रही स्नेह और शिखा पांडे (18 रन) ने आठवें विकेट के लिये 41 रन की अहम साझेदारी निभा मेहमान टीम को मैच में ड्रा की ओर बनाये रखा। इन दोनों ने 17 ओवर तक बल्लेबाजी की जिसके बाद शिखा 91वें ओवर में नैट स्किवर की गेंद पर स्टंप के पीछे आउट हो गयीं।

दूसरे सत्र में इंग्लैंड ने कप्तान मिताली राज (04) को सस्ते में आउट कर दिया और फिर राउत का विकेट झटका जिससे स्कोर पांच विकेट पर 175 रन हो गया। कप्तान मिताली इंग्लैंड की गेंदबाज सोफी एक्लेस्टोन (मैच में कुल आठ विकेट) की गेंद को नहीं पढ़ सकीं जिससे उनके स्टंप उखड़ गये जबकि अच्छी लय में दिख रही राउत स्क्वायर लेग पर सीधा कैच देकर आउट हुईं। पूजा वस्त्राकर (12) ने फिर 68वें ओवर में एक्लेस्टोन पर तीन बाउंड्री लगायी पर 71वें ओवर में हीथर नाइट ने उनका विकेट झटक लिया।

पहली पारी में महज चार रन बनाने वाली उप कप्तान हरमनप्रीत कौर भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सकीं और स्लॉग स्वीप शॉट खेलने के प्रयास में एक्लेस्टोन का चौथा शिकार बनीं। शिखा और स्नेह ने मिलकर आठ चौके लगाकर कुछ रन जोड़े। इससे पहले भारत ने सुबह सलामी बल्लेबाज शैफाली का विकेट गंवाया जो 30वें ओवर में एक्लेस्टोन का शिकार बनी। वह अपने रात के 55 रन के स्कोर में आठ रन ही जोड़ सकीं और टीम का स्कोर दो विकेट पर 99 रन हो गया।

एक्लेस्टोन के ओवर की पहली गेंद को सीधे छक्के के लिये भेजने के बाद शैफाली अंतिम गेंद पर आउट हुईं जिनका कैच लांग आन पर कैथरीन ब्रंट ने लपका। इसके बाद दीप्ति और राउत काफी संयमित होकर खेलीं और इन दोनों ने टीम को लंच तक छह रन की बढ़त दिला दी। तब भारत के सात विकेट बचे थे।

दीप्ति ने कुछ बेहतरीन शॉट लगाये जिसमें आन्या श्रबसोल पर एक ड्राइव और स्वीप शॉट शामिल था। राउत ने भी कुछ गेंदों को सीमा तक पहुंचाया लेकिन इस दौरान वह पगबाधा की दो अपील से भी बचीं और दोनों बार डीआरएस ने उन्हें बचा लिया।

दीप्ति 55वें ओवर में नटाली स्किवर की गेंद पर एक रन लेकर 50 रन तक पहुंची। एक्लेस्टोन की गेंद पर दीप्ति का ध्यान भंग हुआ और वह गेंद को स्लॉग करने की कोशिश में लेग स्टंप पर लगा बैठी। यह लंच से पहले 58वें ओवर की अंतिम गेंद थी।

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