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बेरोजगार होने के बाद अब भारत में काम ढूंढ रहे हैं ऑस्ट्रेलियाई किक्रेटर

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और सीए के बीच नए करार को लेकर बीते कुछ समय से विवाद चल रहा था। इसके बाद खिलाड़ियों का सीए के साथ मौजूदा करार 30 जून को खत्म हो गया।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम (Photo Courtesy: ICC)

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स और सीए के बीच विवाद के बाद अब आखिरकार ये खिलाड़ी बेरोजगार से जूझ रहे हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ (एसीए) ने सभी बड़े खिलाड़ियों को अपने साथ ले लिया है और भारत में उनके लिए निवेशकों से बातचीत करनी शुरू कर दी है। एसीए की कोशिश है कि उनके क्रिकेटर्स को भारत में विज्ञापन मिलें। ताकि खिलाड़ियों पर बेरोजगारी का बुरा प्रभाव ना पड़े।

एसीए के महाप्रबंधक टिम क्रुइकशेंक इसके चलते भारत में हैं उनका कहना है कि ‘ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स को भारत आना बहुत पसंद है। यहां काफी संख्या में उनके प्रशंसक मौजूद हैं। आईपीएल में भी उनके प्रशंसकों की संख्या कम नहीं है। मैं यहां भारतीय बाजार में संभावित साझेदारों से बात करने आया हूं। भारतीय निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।’

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और सीए के बीच नए करार को लेकर बीते कुछ समय से विवाद चल रहा था। इसके बाद खिलाड़ियों का सीए के साथ मौजूदा करार 30 जून को खत्म हो गया। सीए ने खिलाड़ियों को नए करार के तहत वेतन को जो प्रस्ताव दिया था उससे खिलाड़ी खुश नहीं थे। खिलाड़ियों की मांग थी कि सीए उन्हें अपनी आय का भी हिस्सा दे, जबकि सीए ने खिलाड़ियों की इस मांग को यह कहते हुए ठुकराते हुए दलील दी कि ऐसा करने से उसके पास जमीनी स्तर पर खेल के विकास के लिए धनराशि नहीं बचेगी।

सीए के टीम परफॉर्मेस मैनेजर पैट हावर्ड ने करार खत्म होने के बाद अनुंबध में शामिल और गैर शामिल खिलाड़ियों को चेतावनी दी थी। हालांकि इसमें महिला टीम शामिल नहीं है जो इस समय इंग्लैंड में विश्व कप खेल रही है। हवार्ड ने मेल में लिखा था कि अगर खिलाड़ी राष्ट्रीय बोर्ड के बैनर तले टूर्नामेंट के अलावा किसी और टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं तो सीए उन पर कम से कम 6 महीनों का प्रतिबंध लगा सकता है। साथ ही यह सीए पर निर्भर करेगा कि वह किसी और देश के टी-20 टूर्नामेंट में खेलने के लिए खिलाड़ी को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे या नहीं।

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