एएफसी विमेंस एशियन कप के आगाज से एक दिन पहले पर्थ में भारतीय महिला फुटबॉल टीम के भीतर असंतोष फूट पड़ा। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्हें टूर्नामेंट के लिए सही फिटिंग वाली मैच किट तक नहीं उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके मनोबल और तैयारी पर असर पड़ा।
एशिया कप के आगाज से पहले शर्मिंदगी!
कप्तान समेत 26 खिलाड़ियों ने संयुक्त पत्र लिखकर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के समक्ष पेशेवर मानकों की कमी का मुद्दा उठाया। एआईएफएफ ने जूनियर टीमों के लिए बनी छोटी किट ऑस्ट्रेलिया में सीनियर टीम को भेजी थी। बड़े मुकाबले से पहले उठे इस ‘किट विवाद’ ने एआईएफएफ में कुप्रबंधन को उजागर किया है।
26 खिलाड़ियों ने लिखी चिट्ठी
भारतीय टीम बुधवार चार मार्च 2026 को पर्थ में वियतनाम के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी। उससे पहले टीम की सभी 26 खिलाड़ियों ने एआईएफएफ के उप महासचिव एम सत्यनारायणन को पत्र लिखकर उचित कपड़ों और खेल किट की कमी पर निराशा जाहिर की। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पत्र में कहा गया है, ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पेशेवर मानकों को पूरा करना जरूरी होता है। जिसमें खिलाड़ियों को फिट आने वाली उचित पोशाक भी शामिल है।’
टूर्नामेंट से पहले टीम का फोकस भटका
इससे एआईएफएफ प्रबंधन में पेशेवरपन की कमी का पता चलता है। पत्र के अनुसार, ‘पिछले कुछ दिनों में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को उचित पोशाक नहीं होने के कारण टूर्नामेंट से पहले ही चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के लिए गलत मैच किट के आने से मनोबल पर बुरा असर पड़ा है और इससे हमारी एकाग्रता भंग हुई है।’ इस पत्र पर कप्तान स्वीटी देवी नागमबम और देश की तरफ से सर्वाधिक मैच खेलने वाली ग्रेस डांगमेई समेत आठ खिलाड़ियों ने हस्ताक्षर किए हैं।
पत्र में कहा गया है कि अन्य खिलाड़ी भी इस पत्र से सहमत हैं। पत्र में सभी 26 खिलाड़ियों के नाम दिए गए हैं। पत्र के अनुसार, ‘सभी खिलाड़ियों ने दो मार्च को दोपहर दो बजे बैठक की और सर्वसम्मति से यह पत्र लिखने का फैसला किया। बैठक में स्वीटी देवी, मनीषा कल्याण, ग्रेस डांगमेई, संगीता बसफोरे, पंथोई चानू, संजू, प्यारी जाक्सा, श्रेया हुडा भी मौजूद रहीं।’
एआईएफएफ ने कहा कि खिलाड़ियों को मंगलवार तीन मार्च 2026 को नई किटें उपलब्ध करा दी गई हैं। सत्यनारायणन ने बताया, ‘एएफसी की मैच कमिश्नरों की सुबह हुई बैठक में नई किटें उपलब्ध करा दी गईं और उन्हें मंजूरी मिल गई है।’ समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार, वियतनाम के खिलाफ ग्रुप C के अपने पहले मैच से दो दिन पहले टीम तक पहुंची किट ज्यादातर खिलाड़ियों को फिट नहीं हुई। इससे भारत पर टूर्नामेंट ऑर्गनाइज़र के ऑफिशियल इक्विपमेंट चेक में फेल होने का खतरा था।
आनन-फानन में लोकल मैन्युफैक्चरर्स से बनवाई किट
इससे टूर्नामेंट में भारत की हिस्सेदारी खतरे में पड़ सकती थी। बता दें कि टीम में COVID फैलने के कारण उन्हें 2022 संस्करण के दौरान घरेलू मैदान पर हटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। एआईएफएफ (AIFF) के एक पदाधिकारी ने बताया कि स्टाफ ने लोकल मैन्युफैक्चरर्स से रातों-रात किट बनवाकर समस्या का हल निकाल लिया। खिलाड़ियों को उनके शुरुआती मैच से एक दिन पहले मंगलवार को उनकी नई शर्ट, शॉर्ट्स और मोजे मिल गए।
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