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विषाणु और मौसम की मार में सागरमाथा फतह

दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट हमेशा से ही पर्वतारोहियों को चुनौती देती आई है। वे सागरमाथा की चुनौती को तो स्वीकार करते ही हैं लेकिन दो साल से कोरोना विषाणु उनके लिए नई चुनौती बन कर उभरा है।

सागरमाथा फतह। फाइल फोटो।

मनीष कुमार जोशी

दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट हमेशा से ही पर्वतारोहियों को चुनौती देती आई है। वे सागरमाथा की चुनौती को तो स्वीकार करते ही हैं लेकिन दो साल से कोरोना विषाणु उनके लिए नई चुनौती बन कर उभरा है। पहले खबर थी कि बेस कैंप पर 100 से ज्यादा पर्वतारोही संक्रमित हुए हैं और इस कारण कई ने अपना अभियान स्थगित कर दिया है। यह खबर लाखों प्रकृति प्रेमियों का उत्साह तोड़ देने वाली है।

एक अमेरिकी अखबार के खबर के मुताबिक एवरेस्ट पर विषाणु फैलने की खबर थी। चीन ने अपने यहां से जाने वाले पर्वतारोही के अभियान पर रोक लगा दी। ऐसे मे इस बार भी एवरेस्ट अभियान पर जाने वाले दल अपने कदम पीछे खींचते नजर आए। इस बार करीब 400 पर्वतारोही भिन्न अभियानों के साथ बेस कैंप पहुंचे हैं। उनमें से काफी संक्रमित हो चुके हैं। एक अखबार के अनुसार एक शेरपा बहादुर लामा संक्रमित होने के कारण एकांतवास में समय बिता रहे हैं। ऐसे ही कई पर्वतारोही संक्रमित हैं।

पर्वतारोहियों के संक्रमित होने से इस साल सागरमाथा तक पहुंचने के अभियान रद्द होने के आसार दिखाई देने लगे हैं। कोरोना संक्रमण के अतिरिक्त मौसम की मार भी अभियानों को प्रभावित कर रही है। खराब मौसम एवरेस्ट अभियानों मे बहुत बड़ी बाधा है। इस बार खराब मौसम के कारण मौत भी हुई हैं। वहीं 25 बार एवरेस्ट अभियानों में सफलता पाने वाले शेरपा कामी रीता को 26वें अभियान के बीच में ही लौटना पड़ा। उन्होने अपना अभियान ठीक से शुरू भी कर लिया था। लेकिन जब वे सागरमाथा से आधे रास्ते पर थे तो मौसम खराब हो गया। उनके लिए जीवन और मौत में से एक को चुनना था। उन्होंने जीवन को चुना और बीच रास्ते से लौट आए।

जो चुनौती स्वीकार करते हैं वे ही पर्वतारोही कहलाते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कुछ पर्वतारोहियों ने प्रकृति की चुनौती स्वीकार की। उन्होने रेकॉर्ड बनाते हुए अपना अभियान पूरा किया। आर्थर मुईर ने 75 साल की उम्र मे एवरेस्ट फतह कर सबसे ज्यादा उम्र में एवरेस्ट पर अपने देश का झंडा फहराने वाले अमेरीकी नागरिक बने। मुईर ने बिल बुर्के का 67 वर्ष की उम्र मे बनाया गया रेकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले बुर्के सर्वाधिक उम्र मे एवरेस्ट फतह करने वाले अमेरीकी थे।

हांगकांग की सैंग यीन हुंग ने सबसे कम समय मे एवरेस्ट फतह करने का रेकॉर्ड अपने नाम कर लिया। हुंग 26 घंटे से भी कम समय में सागरमाथा चूमने वालीं दुनिया की पहली महिला बनीं। हुंग बेस कैंप से दोपहर बाद 1:20 पर एवरेस्ट विजय के लिए निकली और अगले दिन दोपहर बाद 3:10 पर दुनिया की सबसे ऊंची पर्वतचोटी पर पहुंच गर्इं। इस तरह से सबसे कम समय मे एवरेस्ट पर पहुंचने वाली महिला बनीं। इससे पूर्व यह रेकॉर्ड नेपाली महिला फूऔजो जग्मु लामा के नाम था जिन्होंने यह सफर 39 घंटे छह मिनट मे पूरा किया था।

चीन के जैंग होंग के लिए तो परिस्थितियां और अलग थीं। कोविड और मौसम की बाधाओं के साथ उसकी आंखें भी नही थीं। उन्होंने इन मुश्किलों का सामना करते हुए ही सागरमाथा को फतह किया। वह एशिया का पहला और दुनिया में तीसरे ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने यह कारनामा किया है।

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