Abhishek Sharma vs Shubman Gill: अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल बचपन के दोस्त हैं और दोनों पंजाब में एक साथ क्रिकेट खेलते हुए बड़े हुए। ये दोनों बल्लेबाज अब भारतीय बैटिंग लाइनअप की जान हैं, हालांकि अभिषेक भारत के लिए सिर्फ टी20 प्रारूप में ही खेलते हैं जबकि फिलहाल गिल टी20 टीम से बाहर चल रहे हैं।
गिल और अभिषेक ने पंजाब के लिए खेलते हुए अपने क्रिकेट करियर के सफर की शुरुआत की थी और भारतीय अंडर 19 टीम में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था। दोनों बचपन से ही बेहद प्रतिभाशाली थी और अपनी मेहनत के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे।
युवी ने बताया अभिषेक और गिल में कौन है ज्यादा बेस्ट
गिल ने साल 2018 अंडर 19 वर्ल्ड कप में अपने प्रदर्शन के दम पर सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था और इस टूर्नामेंट में वो प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे जहां उन्होंने 124.00 की औसत के साथ 372 रन बनाए थे। उनके उनके शांत स्वभाव, बेहतरीन बैटिंग स्टाइल और मजबूत तकनीक ने उन्हें आईपीए और फिर सीनियर भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने में मदद की।
दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा का सफर भी उतना ही खास था, लेकिन बहुत अलग था। बाएं हाथ के ऑलराउंडर और निडर बैटिंग करने वाले अभिषेक अपनी अटैकिंग सोच के लिए कम उम्र से ही जाने जाते थे। उन्होंने 2016 में भारत को अंडर-19 एशिया कप का खिताब दिलाया और 2018 की अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अभिषेक और गिल दोनों के करियर को बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। युवराज सिंह ने इन दोनों खिलाड़ियों को गाइड किया है और उन्हें बैटिंग की टेक्निकल साइड समझने में मदद की, मैच की समझ शेयर की और उन्हें सिखाया कि सबसे ऊंचे लेवल पर दवाब को कैसे हैंडल करना है। स्किल्स से ज्यादा उन्होंने अनुशासन, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर ध्यान दिया और दोनों ने कई बार अपनी सफलता का श्रेय उन्हें दिया।
अब शुभमन गिल ने गिल और अभिषेक के शुरुआती सफर में उनके बीच का अंतर साफ तौर पर बताया। युवराज ने कहा कि गिल भारत के लिए तैयार थे, लेकिन अभिषेक एक रॉ टैलेंट थे जिन्हें धीरे-धीरे तैयार करना था। उन्हें समय, गाइडेंस और एक सख्त लॉन्ग-टर्म प्लान की जरूरत थी। युवराज सिंह ने टेनिस आइकन सानिया मिर्जा से बात करते हुए उनके शो सर्विंग इट अप विद सानिया में बताया कि शुभमन पहले से ही भारत के लिए खेल रहे थे। वह बहुत ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा मेहनती थे और उनमें काम करने का तरीका भी बेहतर था। अभिषेक को हमें उस लेवल तक ले जाना था।
उन्होंने आगे बताया कि हमारे पास एक चार साल का प्लान था कि अगर तुम चार साल में ये सब करोगे तो अपने टैलेंट से तुम भारत के लिए खेल सकते हो। जैसे मैं तुम्हें आईपीएल या… के लिए खेलने के लिए मोटिवेट करने के लिए यहां नहीं हूँ। मेरा मतलब है कि आईपीए बहुत अच्छा है और रणजी ट्रॉफी भी बहुत अच्छी है, लेकिन मैं चाहता हूं कि तुम देश के लिए खेलो और मुझे लगता है कि चार साल तक उसने वही किया जो मैंने उसे बताया था।
