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एक ही टेस्ट में शतक लगा और शून्य पर आउट हो चुके हैं ये टॉप ऑर्डर बैट्समैन, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली भी हैं शामिल

सचिन-कोहली के अलावा टीम इंडिया के और भी कई टॉप ऑर्डर बैट्समैन हैं, जिनके नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है। दिलचस्प यह है कि इस अनोखी उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले भारतीय वीनू मांकड़ (1948 में) थे।

Sachin Tendulkar Virat Kohliसचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय मैचों में 20 बार शून्य पर आउट हुए हैं।

सचिन तेंदुलकर भारत के लिए 100 शतक लगाए हैं। वह सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन और शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। विराट कोहली एक्टिव प्लेयर्स में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले क्रिकेटर हैं। वह भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच रन मशीन के नाम से फेमस हैं। हालांकि, इन दोनों के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज है।

जी हां, दोनों के नाम एक ही मैच में शतक लगाने और शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड है। यही नहीं, उनके अलावा भारत के और भी कई टॉप ऑर्डर बैट्समैन हैं, जिनके नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है। दिलचस्प यह है कि इस अनोखी उपलब्धि को हासिल करने वाले पहले भारतीय वीनू मांकड़ (1948 में) थे।

सचिन तेंदुलकर भारत के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाने से ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी हैं। सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय मैचों में 20 बार शून्य पर आउट हुए हैं। तेंदुलकर ने 2002 में त्रिनिदाद टेस्ट में एक पारी में शतक लगाया था, जबकि एक में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे थे। उन्होंने पहली पारी में 117 रन बनाए थे। हालांकि, भारत ने वह मैच 37 रन से जीत लिया था।

विराट कोहली 2017 में ईडन गार्डंस में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में शून्य पर आउट हो गए थे। उन्हें सुरंगा लकमल ने एलबीडब्ल्यू किया था। विराट ने रिव्यू भी लिया था, लेकिन मैदानी अंपायर का फैसला ही सही निकला। हालांकि, दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 104 रन बनाए। खास यह है कप्तान कोहली पहली बार ईडन गार्डंस में शून्य पर आउट हुए थे। वह मैच ड्रॉ रहा था।

डेब्यू मैच में शतक लगाने वाले शिखर धवन के नाम भी यह रिकॉर्ड दर्ज है। शिखर के साथ ऐसा 2014 में ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में हुआ था। शिखर उस मैच की पहली पारी में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। दूसरी पारी में उन्होंने 115 रन बनाए। हालांकि, उनको और विराट कोहली को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया और भारत 407 रन के लक्ष्य का हासिल नहीं कर पाया।

दिसंबर 2008 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया मैच ड्रा रहा था। राहुल द्रविड़ ने पहली पारी में 136 रन बनाए थे। उनके अलावा उस पारी में गौतम गंभीर ने भी शतक जड़ा था। गंभीर ने दूसरी पारी में भी 97 रन बनाए, लेकिन द्रविड़ दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल पाए। भारत और इंग्लैंड का यह मैच ड्रॉ पर छूटा था।

टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय वीरेंद्र सहवाग का नाम भी इस फेहरिस्त में शामिल है। उनके साथ 2010 में ऐसा हुआ था। अगस्त 2010 में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के तीसरे मैच की पहली पारी में वीरेंद्र सहवाग ने 109 रन बनाए थे, लेकिन दूसरी पारी में शून्य पर ही पवेलियन लौट गए। हालांकि, दूसरी पारी में उनकी कमी वीवीएस लक्ष्मण ने पूरी कर दी थी। लक्ष्मण ने 103 रन बनाए थे।

चेतेश्वर पुजारा की गिनती टॉप ऑर्डर के भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में होती है। हालांकि, उनके नाम भी यह रिकॉर्ड दर्ज है। पुजारा के साथ 2018 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में ऐसा हुआ। उन्होंने पहली पारी में 106 रन बनाए, लेकिन दूसरी पारी में पैट कमिंस ने उन्हें खाता भी नहीं खोलने दिया। इस मैच में वह शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज थे। भारत ने यह मैच 137 रन से जीता था।

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