क्रिकेट इतिहास में कुछ घटनाएं ऐसी हैं जिन्होंने खेल से कहीं आगे जाकर सनसनी और सवालों का तूफान खड़ा कर दिया। आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2007 के दौरान पाकिस्तानी टीम के तत्कालीन कोच बॉब वूल्मर की अचानक मौत भी ऐसी ही घटना थी, जिसने क्रिकेट जगत को झकझोर दिया था।
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की आशंका जताने के बाद मामला और उलझ गया। शक की सुई खिलाड़ियों तक पहुंची। हालांकि, बाद में इसे प्राकृतिक मौत बताया गया, लेकिन विरोधाभासी रिपोर्ट, जांच की खामियां और साजिश की थ्योरी ने इस रहस्य को आज तक जिंदा रखा है।
वूल्मर की मौत ने हिला दी क्रिकेट दुनिया
‘हाथों से गला घोंटने के कारण दम घुटना।’ एक पैथोलॉजिस्ट द्वारा कहा गया यह एक वाक्य, क्रिकेट जगत में तब हलचल मचा गया, जब वह 19 साल पहले इसी दिन वेस्टइंडीज़ में हुए 50 ओवर वर्ल्ड कप के दौरान मशहूर कोच बॉब वूल्मर की मौत के सदमे से उबर ही रहा था।
डॉ. एरे शेषैया के हवाले से कही गई इस बात ने साजिश की आशंकाओं को जन्म दिया। यह बात पाकिस्तान टीम के आयरलैंड से हारने के ठीक अगले दिन सामने आई थी। बॉब वूलमर उसी पाकिस्तानी टीम के कोच थे। इस बात ने लोगों के बीच कानाफूसी का बाजार गर्म कर दिया।
शक की सुई खिलाड़ियों तक
असल में उस समय के कप्तान इंजमाम-उल-हक ने बाद में बताया था कि हत्या की जांच के दौरान खिलाड़ियों को भी शक के दायरे से बाहर नहीं रखा गया था। इंजमाम उल हक ने बताया था, ‘बॉब वूल्मर की मौत के बाद जो कुछ हुआ और जिस तरह हम पर शक किया गया।’
इंजमाम उल हक ने कहा, ‘हमें अलग-थलग रखा गया, उसे मैं न तो भूल सकता हूं और न ही माफ कर सकता हूं। हमारे कोच को खोने का दुख बयान से बाहर था…, लेकिन हम शोक भी नहीं मना पाए, क्योंकि हमारे साथ संदिग्धों जैसा बर्ताव किया गया।’
उस वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान और भारत दोनों ही टूर्नामेंट के शुरुआती ग्रुप चरण से बाहर हो गए थे। हालांकि, वर्ल्ड कप की सबसे ज्यादा चर्चित खबर वूल्मर की मौत की जांच बनी। यह सब तब हुआ जब ऑस्ट्रेलिया लंबे इंतजार के बाद लगातार तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रहा।
इस घटना ने किंग्स्टन (जमैका) के डिप्टी पुलिस कमिश्नर मार्क शील्ड्स को क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चित लोगों में से एक बना दिया। दुनिया भर के पत्रकार मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात पर नजर रखे थे। वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद 12 जून 2007 को मामला बंद कर दिया गया।
जमैका कॉन्स्टेबुलरी फोर्स ने स्वतंत्र पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट और टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि बॉब वूलमर की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी। इस बात की पुष्टि हो गई कि जमैका पेगासस होटल में इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज और कोच की मौत में कोई साजिश नहीं थी।
बॉब वूल्मर की मौत की संभावित वजह दिल का दौरा पड़ना (कार्डियक फेलियर) थी। बॉब वूल्मर अक्सर खेल में नए-नए प्रयोगों के लिए जाने जाते थे। हालांकि, बात यहीं खत्म नहीं हुई। नवंबर 2007 में कोरोनर पैट्रिक मर्फी ने टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में कुछ विसंगतियां मिलने के बाद और टेस्ट कराने के लिए कहा।
जूरी ने करीब एक महीने तक सबूत सुनने के बाद एक ‘ओपन वर्डिक्ट’ (अस्पष्ट फैसला) दिया, जिसमें उन्होंने गला घोंटने की थ्योरी को खारिज करने से इनकार कर दिया। उन दिनों क्रिकेट की दुनिया में सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग और दूसरी गलत हरकतें हमेशा सतह के नीचे चलती रहती थीं।
ऐसे में बॉब वूलमर की मौत को खेल में किसी तरह के भ्रष्टाचार से जोड़ा जाना स्वाभाविक था। कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने भी अपने शक को छिपाया नहीं। किंग्स्टन में अपराध और हत्या की दर दुनिया में सबसे ज्यादा थी, जिसने सुर्खियां बटोरने वालों को एक और दिलचस्प एंगल दे दिया।
क्या माफिया सट्टेबाजी सिंडीकेट ने हत्या की
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर क्लाइव राइस ने कहा, ‘ये माफिया सट्टेबाजी सिंडीकेट किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं कि उनके रास्ते में कौन आता है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल को इस बात पर शक था कि वूल्मर की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी।
इयान चैपल को शायद यह भी लगता था कि मृतक शायद ‘कुछ गड़बड़ियों’ का खुलासा करने वाले थे। बॉब वूल्मर की मौत से पहले हुई घटनाओं ने इस मामले को अलग-अलग मोड़ दिए। विस्डन के लिए लिखते हुए पॉल न्यूमैन ने डियर्ड्रे हार्वे का जिक्र किया। डियर्ड्रे हार्वे वेट्रेस थीं और उन्होंने ही वूल्मर को उनका आखिरी खाना परोसा था।
पॉल न्यूमैन ने डियर्ड्रे हार्वे के हवाले से लिखा, ‘उनकी आंखें लाल थीं, ठीक वैसी ही जैसे कोई रोया हो।’ हालांकि, BBC रेडियो की एलिसन मिचेल की राय कुछ अलग थी। उनके हवाले से कहा गया, ‘बॉब ऐसे इंसान नहीं लग रहे थे जो बहुत ज्यादा तनाव में हों और न ही वह बीमार दिख रहे थे।’
कनेरिया के बगल वाले कमरे में ठहरे थे वूल्मर
होटल में वूलमर का कमरा दानिश कनेरिया के कमरे के ठीक बगल में था, जबकि कॉरिडोर के दूसरी तरफ ब्रायन लारा का कमरा था। बर्ट्रम कैर ने याद करते हुए बताया, ‘होटल लौटते समय पूरे रास्ते वह खांसते रहे।’ बर्ट्रम कैर ने आयरलैंड के साथ मैच के बाद पाकिस्तानी टीम की बस चलाई थी।
विस्डन के अनुसार, जूरी को बताया गया कि वूलमर का शव बाथरूम के दरवाजे से सटा हुआ मिला था। उनकी पीठ दरवाजे से लगी हुई थी। ऐसे में किसी के लिए भी उनका गला घोंटना और फिर बाहर निकल जाना नामुमकिन था। इसके अलावा उनके खून में साइपरमेथ्रिन नहीं मिला।
साइपरमेथ्रिन एक तेजी से असर करने वाला सिंथेटिक कीटनाशक होता है। इसके अलावा वूल्मर के शरीर में अन्य कोई जहर भी नहीं मिला। वूल्मर को टाइप-2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर था। इसका उनकी मौत से लेना-देना हो सकता है। खासकर पिछले 24 घंटों ज्यादा तनाव भरे होने के कारण।
द गार्जियन के अनुसार, बॉब वूलमर को सांस लेने में भी दिक्कत होती थी, जिसे वह कभी-कभी ब्रीदिंग मास्क पहनकर ठीक करते थे। आम राय यही है कि यह दुखद घटना थी। पहले से बीमार आदमी का विदेश में होटल के कमरे में अकेले मरना, जबकि उस देश के क्रिकेट के प्रशंसक उनके खून के प्यासे थे, जिसकी टीम को वह कोचिंग दे रहे थे।
जश्न के बीच छा गया मातम
बॉब वूल्मर की मौत में शायद कोई साजिश न रही हो, लेकिन यह उस टूर्नामेंट का सबसे बुरा दौर था, जिसे असल में क्रिकेट का जश्न होना चाहिए था। बॉब वूल्मर की मौत के मामले को जिस तरह से हैंडल (घटिया जांच-पड़ताल और हर किसी पर शक की सुई घुमाना) किया गया, उन सब बातों ने मिलकर इस पूरे मामले का अनुभव और भी कड़वा कर दिया।
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