14 अगस्त की तारीख टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बेहद खास है। इस तारीख से दुनिया के दो दिग्गजों का खास कनेक्शन है। एक तरफ सचिन तेंदुलकर ने 36 साल पहले 14 अगस्त को ही इतिहास रचा था और दुनिया में अपनी दस्तक दी थी। वहीं डॉन ब्रैडमैन के लिए भी यह तारीख उनके करियर के अंतिम दिन के रूप में याद की जाती है। 78 साल पहले उनके करियर का इसी दिन निराशाजनक अंत हुआ था।

1990 में एक तरफ भारत में 44वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां थीं, वहीं उसी वक्त इंग्लैंड की सरजमीं पर भारतीय क्रिकेट में एक नए सितारे का उदय हो रहा था। यह वही सितारा था जिसे आज की दुनिया में क्रिकेट के भगवान के नाम से भी जाना जाता है। साल 1990 में भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी। सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच नौ से 14 अगस्त के बीच मैनचेस्टर में खेला जाना था। सचिन तेंदुलकर भी उस भारतीय टीम का हिस्सा थे।

बता दें कि उस वक्त टेस्ट मैच 6 दिन का होता था और चौथे दिन को रेस्ट डे रखा जाता था। मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के दूसरा टेस्ट मैच के अंतिम दिन इंग्लैंड मजबूत स्थिति में थी। 14 अगस्त के दिन भारत के सामने था 408 रनों का लक्ष्य था। लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 90 ओवर में छह विकेट पर 343 रन भी बनाए और मुकाबला ड्रॉ करा लिया।

11 साल तक नहीं टूटा था सचिन का यह रिकॉर्ड

यह मुकाबला ड्रॉ जरूर हुआ था लेकिन सचिन तेंदुलकर ने 189 गेंद पर 119 रन की पारी खेलते हुए इतिहास रचा था। सचिन तेंदुलकर के टेस्ट करियर का यह पहला शतक था। उन्होंने 17 साल 112 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। वह उस वक्त टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए थे। इसके 11 साल तक सचिन का यह रिकॉर्ड नहीं टूटा था। फिर 2001 में बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल ने यह रिकॉर्ड श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेलते हुए तोड़ा था।

खास बात यह भी है कि सचिन तेंदुलकर के इंटरनेशनल करियर का भी यह पहला शतक था। 14 अगस्त से ही सचिन तेंदुलकर के शतकों का सफर शुरू हुआ था जो 100 शतकों के महारिकॉर्ड पर जाकर रुका। इस तारीख ने ही सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट के भगवान बनने की नींव रखी थी और फिर आज वह किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं।

सचिन तेंदुलकर का टेस्ट करियर रिकॉर्ड

श्रेणीटीमअवधिमैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसत100s50s0s
कुल करियरसभी टीमें1989-20132003293315921248*53.78516814

टीमों के खिलाफ प्रदर्शन

टीम के खिलाफमैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसत50s100s0s
ऑस्ट्रेलिया397483630241*55.0011164
बांग्लादेश793820248*136.66500
इंग्लैंड32534253519351.737130
न्यूजीलैंड24395159521746.91481
पाकिस्तान182721057194*42.28272
दक्षिण अफ्रीका25454174116942.46753
श्रीलंका25363199520360.45960
वेस्टइंडीज21322163017954.333103
जिम्बाब्वे9142918201*76.50331

किस देश में कैसा रहा प्रदर्शन

मेजबान देशमैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसत100s50s0s
ऑस्ट्रेलिया203841809241*53.20673
बांग्लादेश793820248*136.66500
इंग्लैंड17301157519354.31480
भारत9415316721621752.6722324
न्यूजीलैंड1118184216049.52251
पाकिस्तान10131483194*40.25120
दक्षिण अफ्रीका15283116116946.44532
श्रीलंका12192115520367.94540
वेस्टइंडीज1014162011747.69153
जिम्बाब्वे4712407440.00021

14 अगस्त को ही हुआ ब्रैडमैन के करियर का निराशाजनक अंत

क्रिकेट के एक और दिग्गज डॉन ब्रैडमैन का भी 14 अगस्त से बेहद खास कनेक्शन है। तकरीबन 100 का औसत और 100 का औसत होने के बीच का अंतर उनके लिए इस तारीख ने ही पैदा किया था। 14 अगस्त 1948 को इंग्लैंडे के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ब्रैडमैन ने अपनी आखिरी टेस्ट पारी खेली थी। उन्होंने इससे पहले तक 79 पारियों में 6996 रन बनाए थे। उनका औसत 100 तक पहुंचने वाला था। इसके लिए उन्हें अंतिम पारी में सिर्फ 4 रन की जरूरत थी।

आज तक टेस्ट क्रिकेट या किसी भी फॉर्मेट में कोई खिलाड़ी 100 का औसत नहीं हासिल कर पाया है। डॉन ब्रैडमैन के पास मौका था। वह इसी तारीख को आखिरी बार क्रीज पर उतरे। इस पारी में शायद भाग्य उनके साथ नहीं था और इंग्लैंड के लेग स्पिनर एरिक होलीस ने डॉन ब्रैडमैन को क्लीन बोल्ड कर दिया। इस तरह उनके करियर में ना ही 7 हजार रन पूरे हुए और ना ही 100 का औसत वह हासिल कर पाए। उनके नाम 52 टेस्ट मैचों की 80 पारियों में 6996 रन दर्ज हैं, जिसमें उनका औसत 99.94 का रहा।

डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट करियर रिकॉर्ड

अवधिमैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसत100s50s0s
1928-1948528010699633499.9429137

टीमों के खिलाफ प्रदर्शन

टीममैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसत100s50s0s
इंग्लैंड37637502833489.7819126
भारत562715201178.75410
दक्षिण अफ्रीका551806299*201.50400
वेस्टइंडीज56044722374.50201

किस देश में कैसा प्रदर्शन

देशमैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसत100s50s0s
ऑस्ट्रेलिया335064322299*98.2218105
इंग्लैंड193042674334102.841132

फारुख इंजीनियर का दावा: 1973 में पद्म श्री के लिए चुना गया, 53 साल से पूर्व क्रिकेटर को पुरस्कार का इंतजार

भारत के दिग्गज विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने एक बड़े दावे से सभी को चौंका दिया है। उन्हें 1973 में पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुना गया था। अब भारत के पूर्व क्रिकेटर ने दावा किया है कि 53 साल से उन्हें इस पुरस्कार का इंतजार है जो अब तक उन्हें नहीं मिला है। क्लिक करें और पढ़ें पूरी खबर