ताज़ा खबर
 

सरकारी नौकरियों के लिए ऑनलाइन भर्ती घटी, इस साल 20 फीसदी कमी

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और रक्षा सेवा समेत सरकारी सेवाओं में ऑनलाइन भर्ती में जून के दौरान पिछले साल के मुकाबले इस साल 20 फीसदी की कमी आई है। यह जानकारी गुरुवार को मांस्टर डॉट कॉक की एक रिपोर्ट से मिली।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

सरकारी नौकरियों के लिए ऑनलाइन भर्ती में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 20 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। मांस्टर डॉट कॉक की एक रिपोर्ट के मुताबिक जून के दौरान पिछले साल के मुकाबले इस साल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और रक्षा सेवा समेत सरकारी सेवाओं में ऑनलाइन भर्ती में 20 फीसदी की कमी आई है। रोजगार मंच द्वारा जून के लिए जारी मॉन्स्टर एंप्लायमेंट इंडेक्स के अनुसार, जून 2018 में ऑनलाइन भर्ती के मामले में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3 फीसदी और पिछले महीने मई के मुकाबले 8 फीसदी की कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंटिंग और पैकेजिंग क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले सबसे ज्यादा 27 फीसदी और मई महीने के मुकाबले 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई। कृषि आधारित उद्योग में ऑनलाइन भर्ती जून 2018 में पिछले साल के मुकाबले 19 फीसदी घटी, हालांकि उत्पादन और विनिर्माण क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले 49 फीसदी की तेजी आई है। होम अप्लायंस सेगमेंट में 27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

HOT DEALS
  • Sony Xperia XZs G8232 64 GB (Ice Blue)
    ₹ 34999 MRP ₹ 51990 -33%
    ₹3500 Cashback
  • Honor 7X 64GB Blue
    ₹ 15398 MRP ₹ 17999 -14%
    ₹0 Cashback

बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वराज्य’ पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में नौकरियों पर बात की थी। पीएम मोदी ने कहा था, “नौकरियों की कमी से ज्यादा, नौकरियों पर आंकड़े की कमी की समस्या है। हमारे विपक्षी स्वाभाविक रूप से इस अवसर का इस्तेमाल अपनी इच्छानुसार तस्वीर बनाने और हम पर आरोप मढ़ने में कर रहे हैं। मैं हमारे विपक्षियों को नौकरी के मुद्दे पर हम पर आक्षेप लगाने का आरोप नहीं लगाता हूं, आखिरकार किसी के पास भी नौकरियों पर वास्तविक आंकड़ा मौजूद नहीं है।”

पीएम मोदी ने कहा था कि देश में सामान्य सेवा केंद्रों को चलाने वाले ग्रामीण स्तर पर तीन लाख उद्यमी हैं और ये ज्यादा रोजगार पैदा कर रहे हैं। स्टार्ट-अप नौकरियों की संख्या बढ़ रही है और यहां लगभग 15,000 स्टार्ट-अप्स हैं, जिसे सरकार ने मदद दी है और कइयों का संचालन शुरू होने वाला है। इसके अलावा कई आंकड़े उन्होंने गिनाए थे। पीएम ने रोजगार सृजन को लेकर राजनीतिक बहस में ‘स्थिरता की कमी’ का आरोप लगाया था और कहा था कि अगर राज्य सरकार लाखों नौकरियों के सृजन का दावा कर रही है तो, यह कैसे हो सकता है कि केंद्र सरकार नौकरियों का सृजन नहीं कर रही है?

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App