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रोबोटिक इंजीनियरिंग में उज्ज्वल भविष्य

2025 तक पूरी दुनिया में रोबोटिक उद्योग 50 अरब डॉलर सालाना का हो जाएगा। ऐसे में एक उद्योग क्षेत्र और रोजगार प्रदाता पेशे के रूप में रोबोटिक इंजीनियरिंग में काफी संभावनाएं हैं।

रोबोटिक इंजीनियरों का उज्ज्वल भविष्य छिपा हुआ है।

उद्योगों के बाद अब रोबोट का दखल धीरे-धीरे लोगों के घर तक पहुंच गया है। अभी इसमें और तेजी आएगी। इसी तेजी में रोबोटिक इंजीनियरों का उज्ज्वल भविष्य छिपा हुआ है। रोबोटिक इंजीनियरिंग का क्षेत्र कंप्यूटर साइंस में हुई तरक्की के कारण और उन्नत हुआ है। अंतरिक्ष तकनीक, चिकित्सा तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, परिवहन, रक्षा क्षेत्र, खनन, परिवहन उद्योग, समुद्री खोज और बचाव कार्यों के लिए तेजी से रोबोटिक्स आधारित तकनीक की मांग बढ़ी है। एक अनुमान के मुताबिक, 2025 तक पूरी दुनिया में रोबोटिक उद्योग 50 अरब डॉलर सालाना का हो जाएगा। ऐसे में एक उद्योग क्षेत्र और रोजगार प्रदाता पेशे के रूप में रोबोटिक इंजीनियरिंग में काफी संभावनाएं हैं।

योग्यता

भौतिकी, रसायन और गणित विषय के साथ बारहवीं पास करने वाले विद्यार्थी रोबोटिक इंजीनियरिंग के बीई या बीटेक पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं। चार वर्षीय इस पाठ्यक्रम में प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला होता है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई-मेन) और जेईई (एडवांस) के आधार पर प्रमुख संस्थानों में दाखिला दिया जाता है। जेईई (मेन) की योग्यता सूची से के आधार पर एनआइटी, ट्रिपल आइटी आदि और निजी क्षेत्र के इंजीनियरिंग संस्थान प्रवेश देते हैं। आइआइटी की इंजीनियरिंग सीटें जेईई एडवांस परीक्षा के आधार पर भरी जाती हैं। वहीं, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में रोबोटिक्स, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल या इंस्ट्रूमेंटेशन आदि इंजीनियरिंग शाखाओं में स्नातक करने के बाद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिला लिया जा सकता है। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करने वाले  संस्थानों में प्रवेश गेट स्कोर के आधार पर होता है।

इन क्षेत्रों में मिलेगा काम 

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड सरकारी संगठनों में काम करने के अलावा रोबोटिक्स क्षेत्र में निर्माण और शोध गतिविधियों में लगी निजी कंपनियों में भी नौकरी के बहुत सारे मौके उपलब्ध हैं। निजी क्षेत्र में रोबोटिक पर काम करने वालीं कई कंपनियां बड़ी संख्या में रोबोटिक्स इंजीनियरिंग के पेशेवरों को नियुक्त करती हैं। इस क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि बढ़ने पर इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में भी रोबोटिक्स इंजीनियरिंग की शाखा शुरू हो रही है, इसलिए शिक्षक के रूप में काम करने के भी अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

संस्थान

’दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दिल्ली
’कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे
’आइआइटी- दिल्ली, बॉम्बे, चेन्नई, कानपुर
’भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलुरु
’जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता
’ओस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद
’प्रौद्योगिकी संस्थान, बीएचयू, वाराणसी
’महाराजा सायाजीराव विश्वविद्यालय, वडोदरा

पाठ्यक्रम 

’डिप्लोमा इन रोबोटिक्स ’बीई इन रोबोटिक्स इंजीनियरिंग
’बीटेक इन रोबोटिक्स ’बीई इन एडवांस्ड रोबोटिक्स
’बीई इन रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन इंजीनियरिंग
’बीटेक इन मेकेट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
’एमई/एमटेक इन ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स
’एमई/एमटेक इन रोबोटिक्स इंजीनियरिंग

वेतन 

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग करने वाले उम्मीदवारों की उद्योग जगत में काफी मांग रहती है। कम संख्या में उम्मीदवार उपलब्ध होने की वजह से इस क्षेत्र में अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बेहतर वेतन मिलता है। रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री धारकों को शुरुआत में 30 से 35 हजार रुपए महीने वेतन पर निजी कंपनियों में नियुक्ति मिल जाती है। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने और अनुभव बढ़ने के बाद इसमें आसानी से 25 फीसद की वृद्धि हो जाती है। सरकारी क्षेत्र के शोध संस्थानों में नौकरीमिलने पर मासिक वेतन के साथ-साथ कई प्रकार के भत्तों का भी लाभ मिलता है।

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