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नौकरी: बाजार और विपणन अनुसंधान में हजार मौके

बाजार अनुसंधान का भविष्य बहुत अच्छा है। क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डाटा की वजह से इस क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। अगले कुछ सालों में बाजार अनुसंधान की पढ़ाई करने वालों के लिए नौकरियों की कमी नहीं रहेगी। -संजय सिंह बघेल, करिअर काउंसलर

Author Published on: March 1, 2018 3:17 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

हर कंपनी को व्यापार करने के लिए बाजार की स्थिति को जानना जरूरी होता है। लोगों की आवश्यकता, पसंद, नापसंद आदि के बारे में पता लगाने के लिए कंपनियां बाजार अनुसंधान कराती हैं। नए उत्पाद को बाजार में उतारने से पहले उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं के बारे में कंपनियां शोध कराती हैं। इसके लिए कंपनियां खास पेशेवरों का चयन करती हैं, जिन्हें बाजार अनुसंधान विश्लेषक कहते हैं। बाजार की विभिन्न जानकारियां कंपनी तक इन्हीं के किए गए सर्वे से हासिल होती हैं। बाजार के तेजी से बढ़ने के कारण युवाओं को भी यह क्षेत्र बहुत आकर्षित कर रहा है। इसमें उनके लिए अच्छी संभावनाएं हैं। बाजार अनुसंधान अब एक महत्त्वपूर्ण और बेहतर करिअर विकल्प है। विभिन्न व्यवसायों की श्रेणी में यह एक तेजी से बढ़ने वाला व्यवसाय बनकर उभर रहा है। आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में कंपनी की तरक्की के लिए बाजारअनुसंधान बहुत जरूरी हो गया है। बाजार और उपभोक्ताओं के बारे में जानकारी जमा करने के लिए बाजार अनुसंधान विश्लेषक सुनियोजित ढंग से काम करते हैं। इससे वे उपभोक्ताओं की प्राथमिकता, पसंद, नापसंद आदि की जांच करते हैं। उत्पाद सर्वेक्षण, जोखिम विश्लेषण, उपभोगता विश्लेषण, विज्ञापन सर्वे आदि की सहायता से बाजार अनुसंधान किया जाता है।

प्रमुख संस्थान

’ एपीजे स्कूल ऑफ मार्केटिंग, दिल्ली
’ भारतीय जन संचार संस्थान, जेएनयू कैंपस, नई दिल्ली
’ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सेल्स, नई दिल्ली
’नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवरटाइजिंग, नई दिल्ली
’ भारतीय विदेश व्यापार संस्थान, नई दिल्ली
’आरए पोद्दार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर
’ मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, अहमदाबाद
’ भारतीय प्रबंधन संस्थान, अमदाबाद, बेंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ,
’ जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई
’ एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई
’ डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा
’ जी इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव आटर्स, मुंबई
’ एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन, लखनऊ
– सिंबाएसेस इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, पुणे

इन पदों पर कर सकते हैं काम

’डायरेक्टर ऑफ मार्केटिंग , ’डायरेक्टर ऑफ मार्केटिंग रिसर्च , ’ब्रांड मैनेजर मार्केटिंग रिसर्च एनालिस्ट,’रिसर्च मैनेजर
’अकाउंट एग्जीक्यूटिव/ डायरेक्टर, ’ प्रोजेक्ट डायरेक्टर/ मैनेजर, ’रिसर्च एनालिस्ट, ’फील्ड डायरेक्टर, ’सेंपल स्पेशलिस्ट , ’मॉडरेटर, ’फोकस ग्रुप मॉडरेटर, ’ऑडिटर फॉर रिसर्च स्टडीज, ’ फील्ड मैनेजर

वेतनमान

देश में बाजार अनुसंधान के क्षेत्र में अच्छा वेतन मिलता है। इसमें मास्टर्स और पीएचडी करने वालों के लिए आमदनी अच्छी-खासी होती है। शुरुआती स्तर पर ज्यादा कमाई नहीं होती लेकिन अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर बाद में वेतन बढ़ता जाता है।

बाजार अनुसंधानकर्ता के कार्य

’कंपनी की संभावित बिक्री या सेवा के कार्य को बाजार शोधकर्ता या बाजार अनुसंधान विश्लेषक देखते हैं। इसमें वे कंपनी में पिछले महीने या पिछले साल होने वाले व्यापार से आगे होने वाले व्यापार का अनुमान लगाते हैं।
’अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की जानकारी, उनके उत्पादों की विभिन्न जानकारी और उससे संबंधित विपणन रणनीति आदि से संबंधित कार्य भी एक विपणन विश्लेषक द्वारा देखा जाता है।
’बाजार से संबंधित डाटा को विश्लेषण, प्रश्नोत्तरी तैयार करना, ऑनलाइन सर्वे या व्यक्तिगत साक्षात्कार के माध्यम से जमा करता है। इन सर्वेक्षणों को एक कुशल और प्रशिक्षित साक्षात्कारकर्ता ही लेता है।
’कंपनी के लिए नया ब्रोशर निकालना, बिक्री को बढ़ाने के लिए विज्ञापन आदि की तैयारी में भी बाजार शोधकर्ता मदद करते हैं। इसके अलावा सर्वेक्षण का प्रारूप तैयार करना और उसका क्रियान्वयन करना भी उन्हीं के कार्य में शामिल है।
’ये सर्वे विभिन्न संस्थानों, सरकारी एजंसियों, राजनीतिक दलों और सेवा प्रदाता के लिए किए जाते हैं। इन सर्वेक्षणों से प्राप्त जानकारियों की मदद से कंपनियां अपनी नीति, निर्णय और बजट की तैयारी करती हैं।
’विश्लेषक ही जनता की राय पर भी शोध करता है। राय जानना विभिन्न राजनीतिक दलों, कारोबारी नेताओं आदि के लिए जरूरी होता है। इसमें एक बाजार अनुसंधान प्रबंधक का काम सर्वे करने वाली टीम को देखने के लिए होता है।

शैक्षणिक योग्यता

विपणन अनुसंधान के पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आवेदक को मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक होना अनिवार्य है। आवेदक को यदि अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान है और उसने विपणन, अर्थशास्त्र, सांख्यिकी, मनोविज्ञान, समाज शास्त्र, राजनीतिक शास्त्र आदि विषयों के साथ स्नातक किया है तो उसे इसका लाभ मिलेगा। इसके आगे छात्रों को बाजार अनुसंधान में एमबीए करना होगा। संबंधित डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। शुरुआती स्तर पर इस क्षेत्र में सहायक परियोजना प्रबंधक पद पर नियुक्ति होती है। इसके लिए स्नातक के साथ बाजार अनुसंधान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा जरूरी होता है। जिन छात्रों के पास बाजार अनुसंधान में एमबीए या पीएचडी की डिग्री होती है, वे सीधे परियोजना प्रंबधक के रूप में करिअर की शुरुआत कर सकते हैं। एक सफल अनुसंधानकर्ता बनने के लिए पहली जरूरत बेहतर संचार कौशल का होना है। इसके अलावा सेल्समैनशिप, विश्लेषण कौशल, रचनात्मकता, दीर्घावधि तक काम करने की क्षमता, डाटा को सुचारू रूप से रखने की काबिलियत आदि गुण भी एक अच्छे शोधकर्ता में होने चाहिए।

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