Hit the field with the statistics game, big companies have the trust of the data scientist - बड़ी कंपनियों को है डेटा साइंटिस्ट का भरोसा, आंकड़ों के खेल से मार लें मैदान - Jansatta
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बड़ी कंपनियों को है डेटा साइंटिस्ट का भरोसा, आंकड़ों के खेल से मार लें मैदान

गूगल और अमेजन डेटा माइनिंग के जरिए अपने कारोबारी प्रतिद्वंद्वियों को जबरदस्त चुनौती दे रहे हैं। उन्हें अपने हर ग्राहक के बारे में जानकारी है। कंपनियां जानती हैं कि उनके ग्राहक शुरुआत में किस-किस वेबसाइट पर जाते हैं या अपने क्रेडिट कार्ड से कौन से सामान की अधिक खरीदारी करते हैं।

Author February 15, 2018 4:38 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

आज हम उस युग में हैं जहां हमारे आसपास आंकड़े ही आंकड़े हैं। आंकड़ों के साथ खेलना एक कला है। डेटा साइंस इस कला का व्यावहारिक रूप है। डेटा साइंस आंकड़ों के निहितार्थ को समझने में हमारी मदद करता है। बड़े आंकड़ों (बिग डेटा) और सूचना तकनीकी (आइटी) के मेल से डेटा साइंस का जन्म हुआ है। यह एक ऐसा विज्ञान है जो आंकड़ों से आज की स्थिति का आकलन करते हुए संभावित रास्ता दिखलाता है। कारोबार में कंप्यूटर और आइटी के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से कई ऐसे नए क्षेत्र सामने आए हैं जिनमें करिअर की काफी बेहतर संभावनाएं हैं। डेटा साइंस भी ऐसा ही क्षेत्र है, जो युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। डेटा साइंस के पेशेवर कारोबारी दुनिया में डेटा साइंटिस्ट के नाम से जाने जाते हैं। इस पेशे के विशेषज्ञों की मांग देश में धीरे-धीरे बढ़ रही है। पर एक सच यह भी है कि मांग के मुताबिक फिलहाल इसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है। इसकी दो बड़ी वजहें हैं, पहली तो यह कि डेटा साइंस के बारे में युवाओं के बीच जागरूकता की कमी है। दूसरी यह कि इस विषय को पढ़ाने वाले संस्थानों की कम संख्या है।

बड़ी कंपनियों को है डेटा साइंटिस्ट का भरोसा

गूगल और अमेजन डेटा माइनिंग के जरिए अपने कारोबारी प्रतिद्वंद्वियों को जबरदस्त चुनौती दे रहे हैं। उन्हें अपने हर ग्राहक के बारे में जानकारी है। कंपनियां जानती हैं कि उनके ग्राहक शुरुआत में किस-किस वेबसाइट पर जाते हैं या अपने क्रेडिट कार्ड से कौन से सामान की अधिक खरीदारी करते हैं।

ऐसे काम करता है डेटा साइंस

डेटा साइंस का विकास कारोबारी ज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान और सांख्यिकी के मेल से हुआ है। डेटा विज्ञान में आंकड़े के विश्लेषण को तीन भागों में बांटा जाता है। पहले डेटा को आॅर्गेनाइज किया जाता है, फिर डेटा की पैकेजिंग की जाती है और आखिर में इसकी डिलीवरी की जाती है। डेटा जमा करने और उसे स्टोर करने से जुड़ा कार्य डेटा आॅर्गेइजेशन के तहत आता है।

डेटा माइनर्स की कामयाबी के लिए जरूरी

डेटा साइंटिस्ट उन पेशेवरों को कहा जाता है, जिनके पास प्रोग्रामिंग, सांख्यिकी, अप्लायड मैथेमैटिक्स और कंप्यूटर की अच्छी जानकारी होती है। इनके पास किसी भी तरह के डेटा को बेहतर तरीके से विजुलाइज करने की क्षमता होती है। इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट किसी भी डेटा साइंटिस्ट को डेटा माइनर्स के नाम से संबोधित करता है। इन्हें डेटा एनालिस्ट के नाम से भी जाना जाता है। डेटा साइंटिस्ट विभिन्न सेक्टरों द्वारा दिए गए उलझाऊ और जटिल डेटा में से अहम जानकारियों को बारीकी से खंगालते हैं।

वेतन

डेटा साइंस के क्षेत्र में काम के शुरुआती दौर में 6 से 8 लाख रुपए वार्षिक का वेतन पैकेज मिलता है। पांच से छह साल के अनुभव के बाद आसानी से यह वेतन 15 से 25 लाख रुपए तक वार्षिक हो जाता है।

योग्यता

डेटा सांइस के पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए किसी विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग विषय में प्रथम श्रेणी से स्नातक डिग्री हासिल करना जरूरी है। इसके अलावा जीमैट (ज्वाइंट मैनेजमेंट एंट्रेंस टेस्ट) या गेट (ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग) में सफल होकर वैध स्कोर कार्ड प्राप्त करना भी आवश्यक है।

प्रमुख पाठ्यक्रम

’एडवांस्ड सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन बिजनेस एनेलिटिक्स ’एग्जिक्युटिव प्रोग्राम इन बिजनेस एनेलिटिक्स ’एडवांस्ड बिजनेस एनेलिटिक्स एंड बिजनेस आॅप्टीमाइजेशन प्रोग्राम ’मास्टर्स इन मैनेजमेंट (टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड बिजनेस एनॉलिटिक्स) ’पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन मार्केट रिसर्च एंड डेटा एनॉलिटिक्स

संस्थान

’भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोलकाता ’इंटरनेशनल स्कूल आॅफ बिजनेस, हैदराबाद ’भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलुरु ’भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई
इन क्षेत्रों में मिलेगा काम

’क्लाउड कंप्यूटिंग
’डेटाबेस एंड इंफॉर्मेशन इंटीग्रेशन
’नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग
’वेब इंफॉर्मेशन एक्सेस
’सोशल और इंफॉर्मेशन नेटवर्क
’बिजनेस/ डेटा एनालिसिस

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