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आपके PF खाते में नहीं जाता कंपनी का पूरा अंशदान, जानें न‍ियम

पीएफ कितना कटना चाहिए? खाते में कितनी रकम जमा होनी चाहिए? रकम पर कितना ब्याज मिलना चाहिए? इन सभी सवालों के जवाब आपको इस खबर में मिलेंगे।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर। (Source: Dreamstime)

प्रॉविडेंट फंड यानी पीएफ आपने कई बार सुना होगा। इतना तो आप जानते ही होंगे कि यह हमारी सैलरी से हर महीने कटता है। लेकिन क्या आपको इसके बारे में सारी अहम बातें मालूम हैं? मसलन पीएफ कितना कटना चाहिए? खाते में कितनी रकम जमा होनी चाहिए? रकम पर कितना ब्याज मिलना चाहिए? क्या आप इस तरह के सभी सवालों के जवाब जानते हैं? अगर नहीं जानते तो परेशान न हों। आपको पीएफ से जुड़ी सारी बेसिक बातों के बारे में हम बताएंगे। तो चलिए जानते हैं कुछ काम की बातें।

क्या होता है पीएफ?
बेसिक बातों से शुरुआत करना जरूरी है। सबसे पहले जानते हैं कि पीएफ होता क्या है। इम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड्स एंड मिस्लीनियस प्रोविजन्स ऐक्ट, 1952 (EPF Act) के मुताबिक एक कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा पीएफ के लिए कन्ट्रीब्यूट करना होता है। सैलरी का हिस्सा कर्मचारी के बेसिक वेज, डीयरेंस अलॉएंस और रीटेनरशिप अलॉएंस हिस्सों के आधार पर कैलक्यूलेट किया जाता है। पीएफ के लिए कर्मचारी और नियोक्ता (Employeer) बराबर हिस्सों का योगदान करते हैं।

कितना कटता है पीएफ?
पीएफ का शेयर सैलरी के बेसिक पे, डीयरेंस अलॉएंस और रीटेनरशिप अलॉएंस का 12 फीसदी होता है। 12 फीसदी का शेयर उन कंपनियों पर लागू होता है, जहां पर कर्मचारियों की संख्या 20 से ज़्यादा होती है। 20 से कम की संख्या वाली कंपनियों पीएफ का यह हिस्सा 10 फीसदी होता है। कंपनियों के लिए यह नियम EPF ऐक्ट द्वारा तय किए जाते हैं।

खाते में किस हिसाब से जमा होता है पीएफ?
कर्मचारी की बेसिक सैलरी से कटने वाला पीएफ 12 फीसदी होता है। नियोक्ता को भी उतनी ही रकम अपनी तरफ से जमा करानी होती है। लेकिन नियोक्ता द्वारा जमा होने वाली रकम दो हिस्सों में बटती है। बेसिक सैलरी पर नियोक्ता द्वारा जमा की जाने वाली रकम का 3.67 फीसदी पीएफ खाते में जमा होता है और शेष 8.33 फीसदी पेंशन खाते में जमा होता है। लेकिन 8.33 फीसदी को कैलक्यूलेट करने का भी एक तरीका है। यह सिर्फ 15000 की रकम पर ही कैलक्यूलेट होता है। यानी अगर किसी का बेसिक पे 20 हजार भी है तो भी 8.33 फीसद, सिर्फ 15 हजार के अमाउंट पर कैलक्युलेट होगी। यानी कुल 1250 रुपये EPS इम्प्लॉई पेंशन स्कीम मे जाएंगे। वहीं अगर बेसिक 15000 से कम है तो पूरा 8.33 फीसद पेंशन खाते में जाता है।

ब्याज दर?
पीएफ में कर्मचारी और नियोक्ता द्वारा जमा की जाने वाली रकम पर ब्याज मिलता है। ब्याज दर बदलती रहती है। ताजा ब्याज दर (वित्तवर्ष 2016-17 ) 8.65 फीसदी है। हालांकि इसी महीने (नवंबर 2017) में इसमें बदलाव किए जा सकते हैं।

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