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डिजिटल और कैशलेस हो रहे भारत में बन रहे इन नई नौकरियों के अवसर

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैशलेस अर्थव्यवस्था से किन-किन क्षेत्रों में नौकरियों की बहार आ सकती है और कैसे लोगों की मांग बढ़ सकती है।

भारत भले ही डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कम पढ़े लिखे लोगों और डिजिटाइजेशन के बीच के गैप को कम करना बहुत जरुरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद से देश कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जिससे कई सेक्टर को नुकसान हो रहा है तो कई क्षेत्र में नौकरी के अवसर पैदा हो रहे हैं। डिजिटाइजेशन बढ़ने के साथ देश में कई क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने वाले हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैशलेस अर्थव्यवस्था से किन-किन क्षेत्रों में नौकरियों की बहार आ सकती है और कैसे लोगों की मांग बढ़ सकती है।

डिजिटल सिक्योरिटी आर्किटेक्ट- देश में डिजिटाइजेशन बढ़ने के साथ हैकिंग या फ्रॉड होने का खतरा भी बढ़ रहा है, ऐसे में बाजार में इन हैकिंग से बचने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी आर्किटेक्ट की मांग बढ़ रही है, जो कि साइबर सिक्योरिटी को लेकर काम करेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिजिटाइजेशन के साथ साथ उन लोगों की मांग बढ़ रही है जो कि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ई-वैलेट से होने वाले फ्रॉड को रोक सके।

लेंग्वेज प्रोग्रामर- भारत भले ही डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कम पढ़े लिखे लोगों और डिजिटाइजेशन के बीच के गैप को कम करना बहुत जरुरी है। इस दौरान कम पढ़े लिखे लोगों को एप्लीकेशन, इंटरनेट आदि से फ्रेंडली बनाना बहुत जरुरी है, इसके लिए रिजनल लैंग्वेज प्रोग्रमर, ग्राफिकल यूआई डिजाइनर आदि की मांग बढ़ने वाली है, जो कि क्षेत्रीय भाषाओं के अनुसार प्रोग्राम डिजाइन कर सके या डवलप कर सके।

डिजिटल चैंपियंस- डिजिटाइजेशन में उन लोगों की भी जरुरत भी बहुत बढ़ने वाली है जो बिजनेस की जरुरतों को डिजिटल लैंग्वेज में बदल सके और सभी बिजनेस रणनीतियों को पूरा करते हुए प्रोग्राम डवलप कर सके। साथ ही बिजनेस बढ़ाने वाली टेक्नोलॉजी का अच्छे से इस्तेमाल कर आगे काम कर सके।

डिजिटल आर्किटेक्ट- डिजिटाइजेशन से डिजिटल कारोबार कंपनियों करने वाली कंपनियों के लिए फायदा तो हो जाएगा, लेकिन इसी के साथ उनकी चुनौतियों भी बढ़ जाएगी। ये आर्किटेक्ट मार्केट में चल रहे डिजिटल ट्रेंड, कस्टमर सेटिस्फेक्शन, कस्टमर की जरुरत को लेकर काम करेंगे। साथ ही ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए काम करेंगे।

ई वॉलेट क्षेत्र- नोटबंदी से ई-वॉलेट कंपनियों के कारोबार में 300 फीसदी का इजाफा हुआ है। बताया जा रहा है कि साल 2020 तक बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में शामिल होने के लिए 9 लाख लोगों की आवश्यकता होगी। टीम लीज सर्विसेज की एक रिपोर्ट में बताती है कि अगले साल बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में 15 से 20 फीसदी तक ज्यादा भर्तियां होंगी।

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