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EWS को 10%आरक्षण: तीन साल में लगातार घटीं केंद्र सरकार की नौकरियां, कम हुए 2.30 लाख कर्मचारी

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) में वित्‍त वर्ष 2014 में 16.91 लाख कर्मचारी थे, जो 2017 में घटकर 15.23 लाख रह गए। 2014 में UPSC ने कुल 8,272 भर्तियां कीं, जबकि 2016 में यह संख्‍या 5,735 हो गई। RRB/RRCs ने 2014 में 47,186 नौकरियां दीं, जबकि 2016 में सिर्फ 26,318 को ही रोजगार मुहैया कराया जा सका।

RBI का डेटा दिखाता है कि बैंकों में कुल रोजगार 4.5 फीसदी बढ़ा है, मगर यह वृद्धि अधिकारियों की नियुक्ति में दर्ज की गई है। (Express File Photo by Sahil Walia)

सामान्‍य श्रेणी के आर्थ‍िक रूप से कमजोर तबके को 10 फीसदी आरक्षण का कानून भले ही बन गया है, लेकिन रोजगार पाने में चुनौतियों का सामना करना होगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार, सरकारी उपक्रमों यहां तक कि बैंकों में भी, नौकरियों का कोटा कम होता जा रहा है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के पिछले तीन साल के ताजा आंकड़े बताते हैं कि मुख्‍य एजेंसियों- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के जरिए चयन और भर्ती में गिरावट दर्ज की गई है। वित्‍त वर्ष 2015 में जहां इनके जरिए 1,13,524 नौकरियां दी गईं। वहीं 2017 में यह आंकड़ा घटकर 1,00,933 पर आ गया।

भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) में वित्‍त वर्ष 2014 में 16.91 लाख कर्मचारी थे, जो 2017 में घटकर 15.23 लाख रह गए। अगर संविदा और सामयिक कामगारों को बाहर रखा जाए तो CPSEs में वित्‍त वर्ष 2017 में 11.31 को रोजगार हासिल था, यह आंकड़ा 2016 में 11.85 लाख था। यानी साल भर के भीतर कर्मचारियों की संख्‍या में 4.60 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सरकार रोजगार सृजन या रिटायर हुए कर्मचारियों का कोई केंद्रीय डेटाबेस तैयार नहीं करती है।

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में रोजगार के आंकड़े।

बैंकों के मामले में, रिजर्व बैंक का डेटा दिखाता है कुल रोजगार में करीब साढ़े चार प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी हुई है, हालांकि यह बढ़त अधिकारियों की भर्ती पर दर्ज की गई है। क्‍लर्क और अधीनस्‍थ स्‍टाफ की श्रेणियों में भर्ती में 2015 और 2017 के बीच लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

बैंकों में रोजगार की स्थिति।

UPSC और RRB और का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। वित्‍त वर्ष 2015 में UPSC ने कुल 8,272 भर्तियां कीं, जबकि 2017 में यह संख्‍या 5,735 हो गई। SSC द्वारा दिए गए रोजगार में 2015 के मुकाबले 2016 में इजाफा हुआ मगर 2016 में बेहद कम भर्तियां हुईं। SSC ने वित्‍त वर्ष 2015 में 58,066 रोजगार दिए थे, जबकि 2016 में सिर्फ 25,138 नौकरियां दी गईं। 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 68,880 हो गया। RRB/RRCs ने 2015 में 47,186 नौकरियां दीं, जबकि 2017 में सिर्फ 26,318 को ही रोजगार मुहैया कराया जा सका।

UPSC, SSC और RRB/RRCs में रोजगार के सरकारी आंकड़े।

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