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दिल्ली की सड़क पर इस लड़के ने लिया प्रण, कहा- ‘मैं खत्म करूंगा सुहागरात पर दूध पिलाने का कॉन्सेप्ट’

सुहागरात पर दूल्हे को दूध पिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह सुहागरात का एक अहम हिस्‍सा बन चुका है।

लड़के ने कहा कि मैं अपनी सुहागरात पर ये नहीं करूंगा और मैं इस कॉन्सेप्ट को खत्म करूंगा। (फोटो सोर्स- यू-ट्यूब)

भारत में शादी की पहली रात को सुहागरात बोलते हैं, जिसमें पति पत्‍नी दोनों एक-दूसरे के साथ शारीरिक संबंध भी बनाते हैं। लेकिन इससे पहले दुल्हन दूल्हे के लिए दूध लेकर आती है और दूल्हे को पीने के लिए देती है। फिल्मों में भी सुहागरात के सीन में यही सब होता है। क्या आपको सुहागरात पर दूध पिलाने की बात का सही मतलब पता है? क्या सच में इसका संबंध चली आ रही परंपरा से है या कोई वैज्ञानिक अर्थ? आज ऐसे ही सवालों के जवाब तलाशने में हम आपकी मदद करेंगे।

सुहागरात पर दूल्हे को दूध पिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह सुहागरात का एक अहम हिस्‍सा बन चुका है। अगर आपको भी अपनी सुहागरात पर दूध से भरा गिलास पीने के लिए दिया गया था, तो जरूर उसके पीछे कोई कारण होगा। इसी बात से पर्दा उठाने के लिए दिल्ली की सड़कों पर उतरी यूट्यूब चैनल ‘सोशल फीड ट्यूब’ की एंकर। इस एंकर ने दिल्ली की सड़कों पर लोगों से यही सवाल किया, सुहागरात पर क्यों पिलाया जाता है दूध? तो जानिए इस एक्सपेरिमेंट में लोगों ने क्या-क्या जवाब दिए। इस एक्सपेरिमेंट में एंकर ने ज्यादातर लड़कियों से बात की।

लोगों ने कुछ इस तरह सुहागरात पर दूल्हे को दूध पिलाने के बारे में बताया-

– दुल्हा- दुल्हन के संबंध की लाइफ बेटर बनाता है
– दूल्हे को ताकत देता।
– वायगरा मिक्सड होता है तो दूल्हे को स्टेमिना मिलता है।
– कोई मतलब नहीं है, ये फनी है।
– कोई लॉजिक नहीं है, चलता आ रहा है तो दे रहे हैं।
– कोई मतलब नहीं है इसका, ये सिर्फ कंफर्ट फील करने के लिए होता है।
वहीं इन सब के अलावा एक लड़के ने इस सवाल का जवाब देते हुए इस पूरे कॉन्सेप्ट को ही खत्म करने का एलान कर दिया। लड़के ने कहा कि मैं अपनी सुहागरात पर ये नहीं करूंगा और मैं इस कॉन्सेप्ट को खत्म करूंगा।

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