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दिन में तीन रंग बदलता है ये शिवलिंग, कुंवारे लड़के-लड़कियों की होती है भीड़

इस मंदिर में कुंवारे लड़के-लड़कियां आकर विवाह के लिए अर्जी लगाते हैं।

चम्बल के बीहड़ो में बसे होने के बाद भी यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। (फोटो सोर्स- यू-ट्यूब)

बाबा भोलेनाथ का ऐसा मंदिर जहां तीन बार बदलता है शिवलिंग का रंग। जी हां, राजस्थान में धौलपुर जिले के चम्बल रोड पर करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर जंगल में बाबा भोलेनाथ का एक ऐसा मंदिर है जिसके कई रहस्य हैं। सबसे अनोखी बात शिवलिंग का रंह है जो तीनों पहर तीन रंग का हो जाता है। यह विख्यात शिवलिंग धौलपुर के डांग क्षेत्र में स्थित अचलेश्वर महादेव का है।

इस मंदिर की मान्यता ही है जिसकी वजह से चम्बल के बीहड़ो में बसे होने के बाद भी यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। इस मंदिर के शिवलिंग का रंग बदलने को लेकर पुरात्तव विभाग की टीम भी जांच कर चुकी है। लेकिन उसके बाद भी शिवलिंग के रंग बदलने का रहस्य किसी को नहीं पता। साथ ही इस शिवलिंग के छोर का भी अब तक कोई पता नहीं चला है। शिवलिंग की गहराई जानने के लिए की गई खुदाई भी बिना किसी निष्कर्ष पर रुक गई थी। ये शिवलिंग एक अनोखा शिवलिंग है जिसका ऊपरी भाग गोल और नीचे से चौकोर है।

ये अचलेश्वर महादेव का शिवलिंग सुबह की पहली किरणों में लाल रंग में दर्शन देता है, दोपहर में केसरिया और शाम में भक्तों को सांवले सलोने रंग में नजर आता है। रंग बदलते शिवलिंग के चलते यहां भगवान को अचलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है।

कहा जाता है कि अचलेश्वर महाराज का ये मंदिर हजारों वर्ष पुराना है। मान्यता है कि महादेव अपने दर पर आने वाले किसी भी भक्त को खाली हाथ नहीं जाने देते, सबकी इच्छा पूरी करते हैं। वहीं इस मंदिर में कुंवारे लड़के-लड़कियां आकर विवाह के लिए अर्जी लगाते हैं।

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