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सुकून के लिए 2 साल में 70 लोगों को हथौड़े से पीट-पीटकर दी दर्दनाक मौत, मरने से पहले बोला- मेरी तरह मत बनना

कनपटीमार अक्सर देर रात तक घूमने वाले लोगों पर फिल्मी स्टाइल में शिकार करता था, लोगों की गर्दन के नीचे कान के पास हथौ़ड़े से हमला करता था।

शंकरिया ने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि वो कैसे इन वारदातों को अंजाम देता था।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

‘कनपटीमार’ एक ऐसा कुख्यात सीरियल किलर जो लोगों के कान के पास हथौड़े से वार करके लोगों को मार देता था, इसी वजह से लोग उसे कनपटीमार कहते थे। ये कुख्यात सीरियल किलर कनपटीमार शंकरिया महज 27 साल की उम्र में 70 लोगों को हथौड़े से मारकर दर्दनाक मौत दे चुका था।

फिल्मी स्टाइल में लोगों को मौत के घाट उतारने वाले इस कनपटीमार शंकरिया का जन्म 1952 में राजस्थान के जयपुर में हुआ था। शंकरिया ने 1977 से 1978 के बीच करीब 70 लोगों को अपना शिकार बनाया था। इस अपराधी का शिकार अकसर वो लोग होते थे जो देर रात घर से बाहर रहते थे, अक्सर देर रात तक घूमने वाले लोगों पर फिल्मी स्टाइल में गर्दन के नीचे कान के पास हथौड़े से वार करता था।

70 लोगों की मौत के बाद इस सीरियल किलर को पुलिस जब पकड़ा तो इसके बयान सुनकर हर कोई हैरान था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने के बाद उसने कहा कि लोगों को हथौड़े से मारने में उसे मजा आता है। शंकरिया ने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि वो कैसे इन वारदातों को अंजाम देता था। उसने बताया कि रात होते ही वो सड़क पर कंबल ओढ़ कर बैठ जाता था और जैसे ही मौका मिलता अचानक कान के पीछे हथौड़े से वार कर देता था।

16 मई 1979 को कनपटीमार जब फांसी दी गई उसकी उम्र 27 साल थी। इतनी कम उम्र में इस तरीके से लोगों को मारने का जूनुन ने शंकरिया को आखिर में फांसी पर लटका दिया। लेकिन शंकरिया ने जेल में रहने के बाद कुछ ऐसा कहा था जिसे हर किसी को जानना जरूरी है। इतने कुख्यात अपराधी ने अपने आखिरी समय में अपनी गलती मानी और अपने किए पर पछतावा किया। उसने कहा था, ‘मैंने बेवजह ही हत्याएं की हैं, किसी को भी मेरी तरह नहीं बनना चाहिए।’

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