सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तराखंड और हरियाणा के लोग आमने-सामने आ गए हैं। कई वीडियो वायरल हुए हैं जिसमें इन दोनों राज्यों के लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है। सवाल यह है कि उत्तराखंड और हरियाणा के लोग आमने-सामने क्यों आ गए, उनकी लड़ाई कहां से शुरू हुई, इसे हल कैसे किया जा सकता है और अगर झगड़ा बढ़ा तो इसका कितना असर दोनों राज्यों के रिश्तों पर होगा।
आइए, इसे समझने की कोशिश करते हैं।
हरियाणा के कई शहरों से उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश और पहाड़ी इलाकों में लोग घूमने के लिए जाते हैं। पिछले काफी वक्त से उत्तराखंड के लोगों द्वारा ऐसी शिकायतें की जा रही थी कि HR यानी हरियाणा नंबर की गाड़ी वाले लोग उत्तराखंड में आकर बदतमीजी करते हैं, हुड़दंग करते हैं और इससे स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
हरियाणा के युवकों की पिटाई
हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें हरियाणा के दो युवकों पर आरोप लगा कि उन्होंने ऋषिकेश में एक लड़की से छेड़छाड़ की और इसके बाद उन लड़कों की जमकर पिटाई की गई। हरियाणा के युवकों की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई थी। हालात ऐसे बन गए थे कि पुलिस को मौके पर आकर बीच बचाव करना पड़ा था। पिटाई के इस वीडियो ने इस विवाद को भड़काने में आग में घी का काम किया।
सोशल मीडिया के इस दौर में कई लोग तमाम प्लेटफॉर्म के जरिये अपनी बात रखते हैं। हरियाणा के लड़कों की उत्तराखंड में पिटाई के बाद हरियाणा के इनफ्लुएंसर मैदान में उतर आए। उन्होंने हरियाणा के लोगों से अपील की कि वे उत्तराखंड ना जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश के लोगों की रोजी-रोटी हरियाणा के लोग चलाते हैं।
हरियाणा के कुछ और यूट्यूबर और इनफ्लुएंसर भी सामने आए और उन्हें जवाब देने के लिए उत्तराखंड के यूट्यूबर्स ने मोर्चा संभाल लिया। उत्तराखंड के यूट्यूबर्स-इनफ्लुएंसर्स का कहना था कि उत्तराखंड में सभी लोगों का स्वागत है लेकिन दिल्ली और हरियाणा से आने वाले लोग राज्य में कई जगहों पर अभद्रता करते हैं और इससे राज्य का माहौल खराब होता है।
हालात यहां तक पहुंच गए कि सोशल मीडिया पर #boycottuttarakhand भी ट्रेंड कराने की कोशिश की गई।
टैक्सी वाले को बिना सवारियों के लौटाया
हाल ही में एक और वीडियो सामने आया जिसमें उत्तराखंड नंबर की एक गाड़ी के चालक को दिल्ली एयरपोर्ट से यह कहकर जाने को कहा गया कि जब दिल्ली और हरियाणा नंबर की गाड़ी उत्तराखंड में आती हैं तो उन्हें बहुत सारे नियम कानून बताए जाते हैं। उत्तराखंड नंबर की गाड़ी वाले टैक्सी चालक को बिना सवारियां लेकर वहां से जाना पड़ा। इससे उत्तराखंड के लोग काफी नाराज हुए और उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा रिएक्शन दिया।
इस तरह पिछले दो-तीन दिनों के भीतर ही सोशल मीडिया पर कई सारे लोगों ने रील और वीडियो अपलोड करने शुरू कर दिए, इससे निश्चित रूप से दोनों राज्यों के लोगों के बीच रिश्ते खराब होने लगे।
कांवड़ लेने हरिद्वार जाते हैं हरियाणा के युवक
एक अहम बात यह कि हरियाणा से बड़ी संख्या में युवक कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार जाते हैं और इस तरह हरियाणा के लोगों का हरिद्वार आना-जाना लगा रहता है। इससे पहले कभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई लेकिन हालिया कुछ घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर यूट्यूबर्स-इनफ्लुएंसर्स की टिप्पणियों ने दोनों राज्यों के लोगों को कम से कम सोशल मीडिया पर आमने-सामने आने पर मजबूर कर दिया है।
यह साफ समझ में आता है कि सोशल मीडिया पर लोगों ने रील और वीडियो बनाकर इसे जबरन दो राज्यों की लड़ाई का मुद्दा बना दिया है जबकि दोनों ही राज्यों के लोगों के बीच काफी अच्छे संबंध हैं। हरियाणा के लोग जहां उत्तराखंड में कई जगहों पर घूमने-फिरने आते हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के भी लोग गुरुग्राम, फरीदाबाद, चंडीगढ़ और हरियाणा के बहुत सारे शहरों में रहकर काम करते हैं और दोनों ही राज्यों के लोगों को कभी भी किसी से इस तरह की कोई परेशानी नहीं पेश आई।
हरियाणा और बाहरी राज्यों के लोगों से की अपील
इस मामले में कुछ समझदार लोग भी सामने आए हैं जिन्होंने कहा है कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे पहाड़ में गाड़ियों को ओवरटेक ना करें, गंगा के घाटों को पर गंदगी ना करें, सार्वजनिक जगहों पर हुक्का ना पीयें, शराब न पीयें, महिलाओं का सम्मान करें। ऐसे लोगों का यह भी कहना है कि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस को बुलाना चाहिए ना कि कानून को अपने हाथ में लेना चाहिए। उनका कहना है कि सभी को एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति, कानून और नियमों का सम्मान करना चाहिए।
अब सवाल यह है कि इस झगड़े को कैसे खत्म किया जा सकता है। इसका सीधा जवाब यह है कि दोनों ही राज्यों के समझदार लोगों को आगे आकर सभी को विशेषकर युवाओं को समझाना चाहिए। पुलिस और प्रशासन को सख्त चेतावनी देनी चाहिए कि अगर उत्तराखंड में कोई भी नियम तोड़ता है या पहाड़ों पर किसी भी तरह की बदतमीजी करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
यह बात सही है कि हरियाणा के लोग बड़ी संख्या में उत्तराखंड में जाते हैं तो इससे उत्तराखंड के लोगों को आर्थिक रोजगार भी मिलता है। हालांकि कुछ घटनाएं ऐसी हुई हैं जिसे लेकर हरियाणा के लोगों पर सवाल उठे हैं, पुलिस प्रशासन को बीच में आना पड़ा है लेकिन इसके लिए हरियाणा के सभी लोगों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि गलती कुछ लोगों ने की है, इसलिए कानून को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इसके लिए हरियाणा या किसी भी राज्य के सभी लोगों को गलत ठहराया जाना ठीक नहीं है।
झगड़ा बढ़ेगा तो क्या असर होगा?
मौजूदा वक्त में यह विवाद सोशल मीडिया तक ही दिख रहा है लेकिन कुछ लोग अपने बयानों से माहौल खराब करने की कोशिश जरूर कर रहे हैं। उत्तराखंड और हरियाणा के बीच पर्यटन, नौकरी के साथ ही कारोबारी रिश्ते भी हैं। लेकिन अगर लगातार लोग भड़काऊ वीडियो बनाते रहे तो निश्चित रूप से इसका पर्यटन पर खराब असर पड़ेगा और इससे छोटे-मोटे विवाद होते रहेंगे।
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