क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में इन दिनों उतार-चढ़ाव तेज हो गया है। क्रिप्टोकरेंसी (जिसे क्रिप्टो भी कहा जाता है) का इस्तेमाल ऑनलाइन लेन-देन और निवेश के लिए किया जाता है। यह किसी बैंक या सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं होती, बल्कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित होती है, जो इसे पारदर्शी बनाती है। बिटकॉइन दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी है। इसकी कीमत मांग और आपूर्ति के आधार पर बदलती रहती है।
करीब 4 महीने पहले इसने अपने ऑल टाइम हाई को छुआ था। हालांकि, अपने रिकॉर्ड हाई $126,198.07 पर पहुंचने के बाद इसमें बड़ी गिरावट आई और यहां अब गिरकर $66,195.15 के स्तर पर आ गया है। इस तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
बिटकॉइन क्या है?
बिटकॉइन एक डिजिटल या वर्चुअल करेंसी (Cryptocurrency) है, जो पूरी तरह से विकेन्द्रीकृत (Decentralized) है यानी यह किसी बैंक, सरकार या केंद्रीय संस्था द्वारा नियंत्रित नहीं होती है। यह पीयर-टू-पीयर (P2P) टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जहां लेन-देन सीधे यूजर्स के बीच होता है और इसे ‘ब्लॉकचेन’ (Blockchain) नामक एक सार्वजनिक बही खाते में रिकॉर्ड किया जाता है।
ऑल टाइम हाई से 45 फीसदी टूटा बिटकॉइन
क्रिप्टो की प्राइस ट्रेक करने वाली विभिन्न वेबसाइट के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी की कीमत में लगभग आधी रह गई है। बिटकॉइन ने 7 अक्टूबर 2025 को अपना ऑल टाइम हाई $126,198.07 (लगभग 1.14 करोड़ रुपये) बनाया था। वहां से इसमें करीब 45.86% की गिरावट आई है। आज यानी 16 फरवरी 2026 (सोमवार) को सुबह 11:22AM तक $66,195.15 (लगभग 60 लाख रुपये) के स्तर पर ट्रेड हो रहा है।
पिछले 24 घंटे में इसमें करीब 2.84% की गिरावट देखने को मिल रही है। क्रिप्टो की प्राइस ट्रेक करने वाली विभिन्न वेबसाइट के मुताबिक, बिटकॉइन का मार्केट कैप करीब $1.36 ट्रिलियन है।
बिटकॉइन में क्यों गिरावट आ रही है?
Giottus के सीईओ विक्रम सुब्बुराज ने कहा, ‘हाल के हफ्तों में बिटकॉइन गिर रहा है क्योंकि मार्केट अभी भी उस तेजी से हो रहे लेवरेज को पचा नहीं पा रहा है जो 2025 के हाई के पास कीमतों के रुकने के बाद शुरू हुआ था। नई स्पॉट डिमांड धीरे-धीरे आ रही है। अक्टूबर 2025 में 126000 डॉलर के करीब पहुंचने के बाद, बिटकॉइन जनवरी और फरवरी की शुरुआत में लगातार गिरा। सबसे बड़ा क्रिप्टो एसेट पिछले हफ्ते 70000 डॉलर के पास स्थिर होने से पहले कुछ समय के लिए 60000 डॉलर – 62000 डॉलर की रेंज में ट्रेड हुआ। डेटा से पता चलता है कि शुरुआती गिरावट फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट में तेज कमी और फंडिंग रेट्स के नॉर्मल होने की वजह से हुई थी।’
उन्होंने कहा, ‘दबाव इसलिए बना हुआ है क्योंकि स्पॉट बाइंग अभी तक इतनी मजबूत नहीं हुई है कि शॉर्ट-टर्म होल्डर्स द्वारा जारी सप्लाई को एब्ज़ॉर्ब कर सके। ऑन-चेन इंडिकेटर्स बताते हैं कि बिटकॉइन अपने शॉर्ट-टर्म होल्डर कॉस्ट बेसिस के पास 70000 डॉलर के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है। यह लेवल अक्सर एक पिवट का काम करता है, लेकिन अगर कॉन्फिडेंस कमज़ोर रहता है तो यह रिकवरी को भी रोक सकता है। ऊपर की तरफ 75000-76000 डॉलर के आस-पास के रेजिस्टेंस ने बार-बार बेचने वालों को अट्रैक्ट किया है।’
उन्होंने कहा, ‘मैक्रो कंडीशन इस सावधानी को और मजबूत कर रही हैं। US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व रेट में कटौती के समय को लेकर अनिश्चितता ने रिस्क लेने की क्षमता को कम कर दिया है। इसने क्रिप्टो में फॉलो-थ्रू खरीदारी को भी सीमित कर दिया है। जब तक स्पॉट डिमांड मजबूत नहीं होती या मैक्रो क्लैरिटी में सुधार नहीं होता, बिटकॉइन के वोलाटाइल रहने की संभावना है। हालांकि, ट्रेंड में तेजी से वापसी के बजाय कंसोलिडेशन बायस होगा।’
CoinDCX में SVP – Trade, Custody and BizOps Paras Malhotra ने कहा, ‘मार्केट की मौजूदा चाल एक हार मानने वाले दौर को दिखाती है, जहां ट्रेडर्स डर, अनिश्चितता और शक (FUD) की हालत में रहते हैं। ऐसे दौर में, छोटे करेक्शन भी अक्सर बहुत बड़े पुलबैक को ट्रिगर करते हैं क्योंकि सेंटिमेंट कमजोर होता है और रिस्क लेने की क्षमता कम हो जाती है। यह बड़े मैक्रो और पॉलिटिकल उम्मीदों से और बढ़ जाता है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में लौटने के बाद, इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने मार्केट में बहुत उम्मीद के साथ एंट्री की थी, उन्हें मार्केट में मजबूत सपोर्ट और ग्रोथ के लिए साफ़ सिग्नल की उम्मीद थी। हालांकि, मार्केट का भरोसा मजबूत करने के बजाय, उनकी पॉलिसी अप्रोच ने ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ा दिया है, जिसका खास असर बिटकॉइन पर पड़ा है।’
उन्होंने, ‘ नतीजतन, कुछ इन्वेस्टर्स रिस्क को मैनेज करने और अपने रिस्क का फिर से आकलन करने के लिए जल्द ही अपना पैसा निकाल रहे हैं। हालांकि ऐसे दौर असहज हो सकते हैं, लेकिन क्रिप्टो मार्केट में ये कोई अनोखी बात नहीं है और ये अक्सर फंडामेंटल बदलावों के बजाय सेंटिमेंट और पोजिशनिंग से ज्यादा चलते हैं।’
Bybit के Country Manager- India Vikas Gupta ने कहा, ‘क्रिप्टो मार्केट में हाल की गिरावट मुख्य रूप से शॉर्ट-टर्म मैक्रो फैक्टर्स और पोजिशनिंग की वजह से है, न कि अंदरूनी फंडामेंटल्स में गिरावट की वजह से। फेडरल रिजर्व रेट में तेजी से और ज्यादा कटौती की उम्मीदों ने रिस्क एसेट्स को सपोर्ट किया था, लेकिन पॉलिसी में ढील के समय और स्केल को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने लिक्विडिटी आउटलुक को कड़ा कर दिया है, जिससे इन्वेस्टर्स US ट्रेजरी और गोल्ड जैसे ट्रेडिशनल सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। इस बदलाव ने लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट थीसिस को बदले बिना क्रिप्टो की कीमतों पर कुछ समय के लिए दबाव डाला है।’
उन्होंने कहा, ‘ इसके अलावा, कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ने डेरिवेटिव्स मार्केट में लेवरेज्ड पोजीशन को खत्म करना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप लिक्विडेशन हुए जिससे नीचे की ओर दबाव बढ़ गया। हाल की रैली के बाद ट्रेडर्स और इंस्टीट्यूशन्स द्वारा प्रॉफिट लेने से भी करेक्शन में मदद मिली है। बिटकॉइन के पुलबैक ने बड़े मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे ज़्यादा रिस्क वाले ऑल्टकॉइन्स में ज्यादा गिरावट आई है। मार्केट की गहराई कम होने और कुछ सेशन में कम भागीदारी के साथ, मामूली कैपिटल फ्लो ने भी काफी उतार-चढ़ाव पैदा किया है, जो स्ट्रक्चरल कमजोरी के बजाय सेंटिमेंट-ड्रिवन डायनामिक्स को दिखाता है।’
अन्य क्रिप्टो के क्या है हाल?
एथेरियम (Ethereum)
क्रिप्टो की प्राइस ट्रेक करने वाली विभिन्न वेबसाइट के मुताबिक, बिटकॉइन के बाद दूसरी सबसे मूल्यवान क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम पिछले 1 महीने में करीब 39.81% गिरकर है। वही, पिछले 24 घंटे में इसमें करीब 4.02% की गिरावट देखने को मिल रही है। अभी एथेरियम की कीमत $1,983.82 है। इसका मार्केट कैप करीब 239.41 बिलियन डॉलर है।
एक्सआरपी (XRP)
आज यानी 16 फरवरी 2026 (सोमवार) को 3:39PM तक एक्सआरपी में पिछले 1 महीने में करीब 27.5% गिरा है। क्रिप्टो की प्राइस ट्रेक करने वाली विभिन्न वेबसाइट के मुताबिक, वही, पिछले 24 घंटे में इसमें करीब 5.41% की गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले 1 साल में इसमें करीब 45.76% की गिरावट देखने को मिल रही है। अभी एथेरियम की कीमत $1.49 है। इसका मार्केट कैप करीब 91.11 बिलियन डॉलर है।
आखिर क्या है ये ब्लॉकचेन?
ब्लॉकचेन एक डिजिटल रजिस्टर/खाता-बही है, जिसमें सारे लेन-देन (Transactions) या डेटा ब्लॉक (Data Blocks) के रूप में स्टोर होते हैं। इसके हर Block में डाटा (उदाहरण – किसी ने किसे कॉइन भेजा) होता है। ये Blocks आपस में चेन से जुड़े रहते हैं। इसी वजह से इसे Block-chain कहां जाता है। यहां रजिस्टर पूरी दुनिया में हजारों कंप्यूटर पर कॉपी होता है, यही कारण है कि इसे हैक करना काफी कठिन है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
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