कम उम्र लेकिन खेल में गजब की परिपक्वता। अनहत सिंह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में हैं जो जीत को शोर से नहीं, स्तर से परिभाषित करती हैं। दिल्ली में खेल प्रेमी परिवार में पली-बढ़ीं अनहत ने रैकेट पहली बार जिज्ञासा से उठाया था, लेकिन अब वही रैकेट दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती दे रहा है।
सिंधु से प्रेरित हो थामा था रैकेट
पीवी सिंधु से प्रेरित होकर खेलों की दुनिया में कदम रखने वाली यह किशोरी आज स्क्वैश कोर्ट पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अमेरिका की धरती पर वर्ल्ड नंबर 10 जॉर्जिना केनेडी को हराकर खिताब जीतना सिर्फ एक बड़ी जीत नहीं, बल्कि इस बात का ऐलान है कि भारतीय स्क्वैश को उसका अगला वैश्विक चेहरा मिल चुका है, शांत, संयमित और चैंपियन मानसिकता वाली अनहत सिंह।
हॉकी खेलते थे माता-पिता
नई दिल्ली में 13 मार्च 2008 को तानी वढेरा और गुरशरण सिंह के घर अनहत सिंह का जन्म हुआ। तानी वढेरा इंटीरियर डिजाइनर हैं। गुरशरण सिंह वकील हैं। इसके अलावा तानी और गुरशरण दोनों हॉकी खिलाड़ी भी रह चुके हैं, जबकि अनहत के चाचा टेनिस खेलते थे।
अनहत सिंह पीवी सिंधु की बहुत बड़ी फैन हैं। अनहत सिंह पीवी सिंधु को खेलते देखती थीं और ओलंपिक मेडल जीतने का सपना देखती थीं। पीवी सिंधु से प्रेरित होकर ही अनहत ने पांच साल की उम्र में ही बैडमिंटन खेलना शुरू किया।
बहन के कारण स्क्वैश खेलना शुरू किया
अनहत को खेल विरासत में मिला था और उन्होंने पीवी सिंधु से प्रेरित होकर खेल की दुनिया में कदम रखा था, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। अनहत की बड़ी बहन अमीरा स्क्वैश खेलती थीं। अनहत भी उनकी देखा-देखी स्क्वैश खेलने लगीं। कुछ स्क्वैश टूर्नामेंट खेलने के बाद अनहत को यह खेल भाने लगा।
17 साल में ही छू ली बड़ी ऊंचाइयां
उन टूर्नामेंट में अनहत सिंह का प्रदर्शन भी अच्छा रहा था। फिर क्या था अनहत सिंह ने स्क्वैश में ही अपना करियर बनाने की सोची। 17 साल की अनहत सिंह आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। अनहत ने एक फरवरी 2026 को वाशिंगटन में Squash On Fire Open के फाइनल में सिर्फ 26 मिनट में दुनिया की 10वें नंबर की स्क्वैश खिलाड़ी इंग्लैंड की जॉर्जिना कैनेडी को हराकर अपना पहला PSA ब्रॉन्ज-लेवल खिताब जीता।
टॉप-20 में शामिल सबसे कम उम्र की एशियाई
जॉर्जिना कैनेडी टूर्नामेंट में टॉप सीड खिलाड़ी थीं और मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन भी हैं। अनहत का यह 15वां PSA टूर खिताब था, जो सिर्फ 26 टूर्नामेंट में आया। इसके साथ ही अनहत सिंह दुनिया की टॉप 20 रैंकिंग में जगह बनाने वाली सबसे कम उम्र की एशियाई खिलाड़ी भी बन गईं।
अनहत सिंह ने इस सीजन की शुरुआत में कनाडियन वुमन ओपन का सेमीफाइनल खेला था। वह PSA सिल्वर-लेवल इवेंट था। अनहत पिछले कुछ समय से लगातार टॉप रैंक वाली खिलाड़ियों को चुनौती दी रही हैं। यह उनके जल्द ही दुनिया की टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल होने की संभावनाओं का संकेत है।
अनहत सिंह की उपलब्धियों पर एक नजर
- अनहत सिंह पहली बार 2019 में ब्रिटिश जूनियर ओपन में U11 खिताब जीतकर सुर्खियों में आईं।
- साल 2019 में ही यूरोपियन जूनियर ओपन, डच जूनियर ओपन और स्कॉटिश जूनियर ओपन खिताब जीते।
- अनहत सिंह ने 2021 में मिस्र की जयदा मारेई को हराकर US जूनियर ओपन का खिताब जीता।
- अनहत ने 2022 में जर्मन जूनियर ओपन, डच जूनियर ओपन और एशियन जूनियर चैंपियनशिप में U15 के खिताब जीते।
- अनहत 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र (सिर्फ 14 साल) की खिलाड़ी बनीं।
- अनहत ने 2022 एशियन गेम्स में अभय सिंह के साथ मिक्स्ड डबल्स कैटेगरी और महिला टीम इवेंट दोनों में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते।
- नवंबर 2022 में अनहत सीनियर नेशनल चैंपियन (फाइनल में तन्वी खन्ना के चोट के कारण रिटायर होने के कारण) बनीं।
- अनहत सबसे कम उम्र की नेशनल चैंपियन हैं और एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय हैं।
- अनहत ने 2023 की शुरुआत में ब्रिटिश जूनियर ओपन में U15 कैटेगरी में मिस्र की सोहेला हजेम को हराकर खिताब जीता।
- अनहत ने अगस्त 2023 में चीन के डालियान में आयोजित एशियन जूनियर चैंपियनशिप में U17 कैटेगरी का खिताब जीता।
- अनहत ने दिसंबर 2024 में स्कॉटिश जूनियर ओपन में घरेलू खिलाड़ी रॉबिन मैकअल्पाइन को हराकर U19 खिताब जीता।
