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कई विकसित देशों में लागू है Agnipath जैसी योजना, दो साल के लिए भी सेना में रखे जाते हैं लोग

भारतीय सेना में अग्निपथ योजना से ही शॉर्ट सर्विस की शुरुआत नहीं हो रही। अग्निपथ के पहले से एक शॉर्ट टर्म सर्विस कमिशन सक्रिय है।

कई विकसित देशों में लागू है Agnipath जैसी योजना, दो साल के लिए भी सेना में रखे जाते हैं लोग
अग्निपथ योजना के तहत इस साल 46 हजार अग्निवीरों की होगी नियुक्ति (Photo Credit – PTI)

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं का विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। सेना में भर्ती की नई प्रक्रिया के खिलाफ बिहार से उठी असंतोष की आँधी ने अब हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश समेत देश के कई राज्यों को चपेट में ले लिया है। युवाओं को नौकरी की ये शॉर्ट टर्म योजना रास नहीं आ रही। सवाल उठता है कि क्या भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जो इस तरह की योजना लेकर आया है? जवाब है – नहीं।

कौन हैं वो देश?

अमेरिका जैसे विकसित देश में इस तरह की एक योजना पहले से लागू है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, U.S. Army Recruiting Command इसी साल फरवरी में दो साल के लिए सेना में भर्ती होने का विकल्प लाया है। इसके तहत योजना के तहत बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग के बाद एक्टिव ड्यूटी पर केवल दो साल के लिए ही रहना होगा। वहां की सरकार का मानना है कि इससे उन लोगों को सहूलियत मिलेगी जो लम्बे समय के लिए सेना की नौकरी नहीं करना चाहते। अमेरिका के इस नए शॉर्ट टर्म सेना भर्ती प्लान के तहत दो साल की एक्टिव ड्यूटी के बाद आर्मी रिजर्व में अतिरिक्त दो साल की सेवा देनी होगी।

अपनी हाईटेक सुरक्षा तकनीक और श्रेष्ठ खुफीया एजेंसी मोसाद के लिए चर्चित इजराइल भी सेना में शॉर्ट टर्म के लिए भर्ती करता है। इजराइल के प्रत्येक यहूदी, ड्रूज या सर्कसियन नागरिक को सेना में अपनी सेवा देना आवश्यक है। जैसे ही इन नागरिकों की उम्र 18 वर्ष से अधिक होती है, उन्हें सेना में भर्ती के लिए भेज दिया जाता है। इजराइल की सेना में पुरुषों को कम से कम 32 महीने और महिलाओं को कम से कम 24 महीने की सेवा देनी होती है। कुछ अपवादों को छोड़कर ये कायदा सभी पर लागू होता है।

यूरोप के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित देश ‘यूनाइटेड किंगडम’ जिसके लिए ब्रिटेन या ग्रेट ब्रिटेन शब्द का भी इस्तेमाल किया जाता है, उस देश में भी युवा 4 साल के लिए सेना में भर्ती होते हैं। इस देश में नियमित रूप से 18 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को सेना में शामिल किया जाता है। यूके की सेना भर्ती होने के लिए कम से कम 16 वर्ष का होना अनिवार्य है। ऐसे में जो नाबालिग 16 या 17 वर्ष की आयु में भर्ती होते हैं, उन्हें 22 साल की उम्र तक सेवा देनी होती है। जो 18 की उम्र में भर्ती होते हैं, उन्हें कम से कम चार साल सेना में रहना होता है। कुछ इसी तरह का नियम यूके की नेवी और एयर फोर्स में भी है।

अग्निपथ से पहले भी भारत में शॉर्ट टर्म कमिशन के तहत होती है भर्ती

अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्लान है। चार साल बाद इनमें सिर्फ 25 प्रतिशत सैनिकों को रखा जाएगा, बाकी को सेवामुक्त कर दिया जाएगा। सेवामुक्त किए गए सैनिकों को पेंशन या ग्रेच्युटी नहीं दी जाएगी। जो 25 प्रतिशत बच जाएंगे उन्हें 15 साल सेवा देने का मौका मिलेगा। हालांकि भारतीय सेना में अग्निपथ योजना से ही शॉर्ट टर्म सर्विस की शुरुआत नहीं हो रही है। अग्निपथ के पहले से एक शॉर्ट सर्विस कमिशन सक्रिय है, जिसके तहत 10 साल के शुरुआती कार्यकाल के लिए भर्ती की जाती है। इसकी सीमा बढ़ाकर 14 साल तक किया जा सकता है। ये परमानेंट कमीशन के तहत हुई भर्तियों से अलग होता है।

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