पहलगाम हमले को एक साल पूरा हो गया है। इस एक साल में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात और पर्यटन की स्थिति को लेकर क्या बदलाव आया, यह सवाल बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कितने आतंकवादी मारे गए, कितने नागरिक और सुरक्षा बल के जवानों की मौत हुई, और सैलानियों की संख्या में क्या बदलाव दर्ज किया गया, इसकी तस्वीर सामने आती है।
पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अलग-अलग वर्षों में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या क्या रही, जबकि सुरक्षा से जुड़े आंकड़े मौतों और मारे गए आतंकियों का विवरण देते हैं। इन्हीं आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर यह रिपोर्ट बताती है कि पहलगाम हमले के एक साल बाद जम्मू-कश्मीर में सैलानियों की वापसी और सुरक्षा स्थिति का रिकॉर्ड क्या कहता है।
2025 में करीब 96 लाख घरेलू पर्यटक घाटी में आए थे
पहलगाम हमले को एक साल पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और पर्यटन दोनों से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि 2025 में जनवरी से जून तक राज्य में 95,92,664 घरेलू और 19,570 विदेशी पर्यटक आए। 2024 में पूरे साल में 2,35,24,629 घरेलू और 65,452 विदेशी पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया था। 2023 में 2,06,79,336 घरेलू और 55,337 विदेशी पर्यटक आए थे। 2022 में यह संख्या 1,84,99,332 घरेलू और 19,985 विदेशी पर्यटक थी।
2021 में 1,13,14,920 घरेलू और 1,650 विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि 2020 में 25,19,524 घरेलू और 5,317 विदेशी पर्यटक दर्ज किए गए। 2025 का उपलब्ध डेटा जनवरी से जून तक का है।
| वर्ष | हादसे | नागरिक | सुरक्षा बल | आतंकवादी | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 2000 | 1385 | 641 | 441 | 1708 | 2799 |
| 2001 | 2084 | 1024 | 628 | 2345 | 4011 |
| 2002 | 1642 | 837 | 447 | 1758 | 3098 |
| 2003 | 1427 | 563 | 319 | 1504 | 2507 |
| 2004 | 1061 | 437 | 318 | 962 | 1789 |
| 2005 | 1004 | 454 | 220 | 987 | 1717 |
| 2006 | 694 | 256 | 172 | 607 | 1125 |
| 2007 | 427 | 127 | 119 | 498 | 744 |
| 2008 | 261 | 71 | 85 | 382 | 538 |
| 2009 | 208 | 53 | 73 | 247 | 373 |
| 2010 | 189 | 34 | 69 | 258 | 361 |
| 2011 | 119 | 33 | 31 | 117 | 181 |
| 2012 | 70 | 19 | 18 | 84 | 121 |
| 2013 | 84 | 19 | 53 | 100 | 172 |
| 2014 | 91 | 28 | 47 | 114 | 189 |
| 2015 | 86 | 19 | 41 | 115 | 175 |
| 2016 | 112 | 14 | 88 | 165 | 267 |
| 2017 | 183 | 54 | 83 | 220 | 357 |
| 2018 | 206 | 86 | 95 | 271 | 452 |
| 2019 | 135 | 42 | 78 | 163 | 283 |
| 2020 | 140 | 33 | 56 | 232 | 321 |
| 2021 | 153 | 36 | 45 | 193 | 274 |
| 2022 | 151 | 30 | 30 | 193 | 253 |
| 2023 | 72 | 12 | 33 | 87 | 134 |
| 2024 | 61 | 31 | 26 | 69 | 127 |
| 2025 | 35 | 28 | 17 | 46 | 92 |
| 2026* | 9 | 0 | 1 | 10 | 12 |
| कुल** | 12,069 | 4,981 | 3,633 | 13,435 | 22,472 |
पर्यटन आंकड़े: 2020 से 2025 (जनवरी-जून) · सुरक्षा आंकड़े: 2000 से 18 अप्रैल 2026 तक
2024 में कुल 127 मौतें दर्ज हुई थीं, जिनमें 31 नागरिक थे
सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों के अनुसार 2025 में कुल 92 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें 28 नागरिक, 17 सुरक्षा बल के जवान और 46 आतंकवादी शामिल हैं, जबकि 1 मामला निर्धारित नहीं है। 2024 में कुल 127 मौतें दर्ज हुई थीं, जिनमें 31 नागरिक, 26 सुरक्षा बल के जवान और 69 आतंकवादी शामिल थे। 2023 में कुल 134 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें 12 नागरिक, 33 सुरक्षा बल के जवान और 87 आतंकवादी शामिल थे।
दक्षिण एशिया आतंकवाद पोर्टल से जारी आंकड़े
दक्षिण एशिया आतंकवाद पोर्टल (SATP) और संघर्ष प्रबंधन संस्थान (ICM) से जारी लंबे समय के आंकड़ों के अनुसार 2000 से 2026 (18 अप्रैल तक) के बीच कुल 13,435 आतंकवादी मारे गए हैं। इसी अवधि में 4,981 नागरिकों और 3,633 सुरक्षा बल के जवानों की मौत दर्ज की गई है। कुल मिलाकर इस अवधि में 22,472 मौतें दर्ज की गई हैं।
| वर्ष | हत्या की घटनाएं | नागरिक | सुरक्षा बल | आतंकवादी/उग्रवादी | निर्दिष्ट नहीं | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2000* | 1385 | 641 | 441 | 1708 | 9 | 2799 |
| 2001 | 2084 | 1024 | 628 | 2345 | 14 | 4011 |
| 2002 | 1642 | 837 | 447 | 1758 | 56 | 3098 |
| 2003 | 1427 | 563 | 319 | 1504 | 121 | 2507 |
| 2004 | 1061 | 437 | 318 | 962 | 72 | 1789 |
| 2005 | 1004 | 454 | 220 | 987 | 56 | 1717 |
| 2006 | 694 | 256 | 172 | 607 | 90 | 1125 |
| 2007 | 427 | 127 | 119 | 498 | 0 | 744 |
| 2008 | 261 | 71 | 85 | 382 | 0 | 538 |
| 2009 | 208 | 53 | 73 | 247 | 0 | 373 |
| 2010 | 189 | 34 | 69 | 258 | 0 | 361 |
| 2011 | 119 | 33 | 31 | 117 | 0 | 181 |
| 2012 | 70 | 19 | 18 | 84 | 0 | 121 |
| 2013 | 84 | 19 | 53 | 100 | 0 | 172 |
| 2014 | 91 | 28 | 47 | 114 | 0 | 189 |
| 2015 | 86 | 19 | 41 | 115 | 0 | 175 |
| 2016 | 112 | 14 | 88 | 165 | 0 | 267 |
| 2017 | 163 | 54 | 83 | 220 | 0 | 357 |
| 2018 | 206 | 86 | 95 | 271 | 0 | 452 |
| 2019 | 135 | 42 | 78 | 163 | 0 | 283 |
| 2020 | 140 | 33 | 56 | 232 | 0 | 321 |
| 2021 | 153 | 36 | 45 | 193 | 0 | 274 |
| 2022 | 151 | 30 | 30 | 193 | 0 | 253 |
| 2023 | 72 | 12 | 33 | 87 | 2 | 134 |
| 2024 | 61 | 31 | 26 | 69 | 1 | 127 |
| 2025 | 35 | 28 | 17 | 46 | 1 | 92 |
| 2026 | 9 | 0 | 1 | 10 | 1 | 12 |
| कुल | 12069 | 4981 | 3633 | 13435 | 423 | 22472 |
नोट: 2000 का डेटा 6 मार्च 2000 से लिया गया है। 2026 का डेटा 18 अप्रैल 2026 तक का है।
2026 में 18 अप्रैल तक 10 आतंकवादी मारे गए हैं। इस अवधि में कुल 12 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 1 सुरक्षा बल का जवान शामिल है।
उपलब्ध आंकड़ों में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या अलग-अलग दर्ज की गई है, जिसमें प्रत्येक वर्ष घरेलू पर्यटकों की संख्या विदेशी पर्यटकों की तुलना में अधिक है। 2024 में 2,35,24,629 घरेलू और 65,452 विदेशी पर्यटक दर्ज किए गए, जबकि 2025 (जनवरी से जून) में 95,92,664 घरेलू और 19,570 विदेशी पर्यटक दर्ज किए गए।
जम्मू – कश्मीर राज्य के पर्यटन विभाग की ओर से जारी किए गए घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या से जुड़े आंकड़े।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटक आगमन (घरेलू एवं विदेशी पर्यटक)
| वर्ष | घरेलू पर्यटक (DTVs) | विदेशी पर्यटक (FTVs) |
|---|---|---|
| 2020 | 25,19,524 | 5,317 |
| 2021 | 1,13,14,920 | 1,650 |
| 2022 | 1,84,99,332 | 19,985 |
| 2023 | 2,06,79,336 | 55,337 |
| 2024 | 2,35,24,629 | 65,452 |
| 2025 (जनवरी–जून) | 95,92,664 | 19,570 |
इस घटना के बाद कश्मीर में होटल ऑक्युपेंसी बहुत गिर गई है। अप्रैल 2025 के हमले के बाद पर्यटन लगभग ठप हो गया था और अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। पहले जहां होटलों में अच्छी बुकिंग रहती थी, वहीं अब पर्यटन सीजन शुरू होने के बावजूद सिर्फ लगभग 30–35% कमरे ही बुक हो पा रहे हैं। यानी होटल ऑक्युपेंसी में करीब 65–70% तक की भारी कमी आई है। इस वजह से होटल और पर्यटन से जुड़े लोगों का कारोबार भी बहुत प्रभावित हुआ है।
ये सभी जानकारियां संबंधित विभागों से जारी आंकड़ों के आधार पर हैं। इसमें किसी प्रकार का अतिरिक्त विश्लेषण, अनुमान या बाहरी स्रोत से जानकारी शामिल नहीं की गई है। 2020 से 2025 (जनवरी से जून) तक के पर्यटन आंकड़े और 2000 से 2026 (18 अप्रैल तक) के सुरक्षा आंकड़े इस रिपोर्ट का आधार हैं।
इन आंकड़ों में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या के साथ-साथ नागरिकों, सुरक्षा बलों और आतंकियों से जुड़ी मौतों का विवरण शामिल है। नीचे दी गई पूरी जानकारी इन्हीं आधिकारिक संख्याओं के क्रमवार प्रस्तुतीकरण पर आधारित है, जिससे यह देखा जा सकता है कि एक साल बाद दोनों क्षेत्रों में क्या स्थिति दर्ज की गई है।
यह भी पढ़ें: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर बोले पीएम मोदी- भारत आतंक के सामने कभी नहीं झुकेगा
जम्मू-कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले को गुरुवार को एक साल पूरे हो गए हैं। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की दर्दनाक मौत हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की बरसी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, “आज उन मासूम जिंदगियों को याद कर रहा हूं, जिन्होंने पहलगाम के आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई। उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। शोक संतप्त परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। एक राष्ट्र के रूप में हम हमेशा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट खड़े हैं। हम यह संकल्प दोहराते हैं कि भारत कभी भी आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा और आतंकियों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें।
