नॉर्वे की पत्रकार और कमेंटेटर हेला लींग (Helle Lyng) ने भारत में हुए जेन जी प्रोटेस्ट पर खुलकर बात की है। हेला लींग वही पत्रकार हैं जिन्होंने मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे सवाल पूछकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। उस सवाल के बाद भारत और विदेशों में उनकी काफी चर्चा हुई।

जनसत्ता के साथ बात करते हुए में हेला लींग ने CJP प्रोटेस्ट, भारत के Gen Z, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय मीडिया, प्रेस की आज़ादी, राहुल गांधी और भारत के बदलते राजनीतिक माहौल पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि क्यों उन्हें लगता है कि भारत का युवा आंदोलन दुनिया के लिए एक मिसाल बन सकता है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आलोचना को वो किस तरह देखती हैं।

CJP प्रोटेस्ट को लेकर क्या बोलीं नॉर्वे की पत्रकार?

एक पत्रकार और एक ऑब्जर्वर के तौर पर आप CJP प्रोटेस्ट को कैसे देखती हैं? क्या आपको लगता है कि ये सिर्फ एक प्रोटेस्ट था? या इसने भारत के जेन Z की नाराज़गी को दिखाया? इस सवाल के जवाब में हेला ने कहा, “मुझे पूरा यकीन है कि इसने भारत के जेन Z की नाराज़गी को ही दिखाया। ये इतना बड़ा प्रोटेस्ट था। और ये देखना वाकई कमाल का था कि कैसे कोई चीज एक ऑनलाइन मूवमेंट से एक ठोस नतीजे तक पहुंच सकती है, जो इस मामले में एक मंत्री का इस्तीफा था। मुझे ऐसा कुछ याद नहीं आता।”

नॉर्वे की पत्रकार ने आगे कहा, “मैं भारत के युवाओं और उनके साथ आकर नतीजे हासिल करने की काबिलियत से बहुत प्रभावित हूं और साथ ही इस बात से भी कि वो जो कहते हैं उस पर टिके भी रहे। यानी वो पीछे नहीं हटे और रुकने का फैसला नहीं किया। वो तब तक डटे रहे जब तक उन्हें नतीजे नहीं मिले।”

CJP प्रोटेस्ट पर पीएम मोदी से सवाल पूछने वाली पत्रकार की राय

आपको ऐसा क्या लगा कि CJP प्रोटेस्ट के बारे में अपनी राय रखना ज़रूरी है, खासकर जब आपको एहसास हुआ कि आपको इस पर बोलना चाहिए, इस पर लिखना चाहिए और इसे ट्वीट, रीट्वीट करना चाहिए? इस पर हेला ने कहा कि ये अच्छा सवाल है। मुझे लगता है ये उन चीज़ों में से एक था जहां आप देख सकते हैं कि कोई चीज किसी दिशा में बढ़ रही है। तो मैंने पहले ही देख लिया था कि एक भूख हड़ताल चल रही थी और मेरी दिलचस्पी ये देखने में थी कि ये आगे कहां जाता है। शुरुआत में मैंने बहुत ज़्यादा पोस्ट नहीं की थीं लेकिन कहानी लगातार बढ़ती गई।

पत्रकार ने आगे कहा, “फिर आपने राहुल गांधी को भी देखा, उन्हें भी हिरासत में लिया गया। इतना कुछ एक साथ हो रहा था, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और सबसे बड़े देशों में से एक में। भारत में युवाओं का प्रदर्शन खुद में दिलचस्प है क्योंकि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। अगर ये नॉर्वे में होता तो बिल्कुल वैसा नहीं होता। ये भारत है। ये बहुत बड़ा देश है। मुझे लगता है कि हम पश्चिमी कमेंटेटर, चाहे नॉर्वे में हों या कहीं और, हम भारत के बारे में पर्याप्त नहीं जानते। और हमें भारत में हो रहे घटनाक्रम को उम्मीद है अब से और करीब से फॉलो करना चाहिए।

क्या आप PM मोदी की आलोचक हैं?

सोशल मीडिया का कुछ तबका और कुछ लोग आपके बारे में कहते हैं कि आप PM मोदी की आलोचक हैं। आपकी रिपोर्टिंग या आपकी राय इससे प्रभावित होती है। तो आप इस तबके को, सोशल मीडिया के इन यूज़र्स को कैसे जवाब देती हैं? इस पर हेला लींग ने कहा, “मुझे लगता है बहस अच्छी चीज़ है। मुझे ये भी लगता है कि भारत के लोगों को या भारत से अलग राय रखने वालों को ये हक है। मैं उस राय का स्वागत करती हूं। और मैं भारत के प्रधानमंत्री को लेकर बहस का भी स्वागत करती हूं। हां, मैं प्रधानमंत्री की आलोचक रही हूं और इसकी वजह ये भी है कि भारत का मीडिया, पारंपरिक मीडिया, बिल्कुल भी आलोचनात्मक नहीं रहा है।”

नॉर्वे की पत्रकार ने कहा, “युवाओं ने तय कर लिया कि हमें नहीं लगता भारतीय प्रेस, खासकर ज़्यादा पारंपरिक मीडिया चैनल, अभी अच्छा काम कर रहे हैं। वो ज़्यादा इंडिपेंडेंट मीडिया की तरफ देखते हैं। उन्हें भी चैनल के बजाय खुद पत्रकारों को ज़्यादा फॉलो करना पड़ता है। ये आदर्श स्थिति नहीं है तो भरोसा वहां रहा ही नहीं। और इसीलिए मुझ जैसे किसी की आलोचना कहीं ज़्यादा उभर कर सामने आती है और शायद मोदी के फैन बेस से ज़्यादा आलोचना भी झेलती है। प्रधानमंत्री मोदी बहुत लोकप्रिय हैं। तो मैं आलोचना को भी समझती हूं। भारत में दो अलग नज़रिए या दो अलग गुट हैं जब बात आती है कि भारत का प्रधानमंत्री असल में भारत की जनता के लिए क्या मायने रखता है।

राहुल गांधी पर हेला की राय

राहुल गांधी, विपक्ष के नेता, आप उनके बारे में क्या सोचती हैं? हेला ने इस सवाल पर कहा, “जैसा कि आपने शायद देखा होगा, मैंने मिस्टर गांधी पर ज़्यादा फोकस नहीं किया है। मुझे अभी ये पता लगाना बाकी है कि वो भारत के लिए क्या चाहते हैं। मैंने उनसे इंटरव्यू के लिए भी कहा था पर उन्होंने जवाब नहीं दिया। मैंने उन पर उतनी रिसर्च भी नहीं की क्योंकि वो विपक्ष के नेता हैं। मुझे अभी भी भारत के बारे में बहुत कुछ सीखना बाकी है। मुझे कांग्रेस पार्टी के बारे में जो पता है वो ये है कि जिस वजह से भारत के प्रधानमंत्री जैसा कोई सत्ता में आया, उसकी वजह ये भी है कि कांग्रेस पार्टी ने उतने दशकों तक जिस तरह से शासन किया, मेरा मानना है। मुझे ज़रूरी नहीं पता कि मिस्टर गांधी भारत से क्या चाहते हैं अगर वो कभी प्रधानमंत्री बनते हैं तो लेकिन मैं आगे इस पर नज़र रखूंगी।

CJP प्रोटेस्ट पर बोलने के बाद हेला की ट्रोलिंग

CJP प्रोटेस्ट पर बोलने के बाद, आपको किस तरह की ट्रोलिंग झेलनी पड़ी? क्या आपको सोशल मीडिया यूज़र्स से धमकियां या गाली-गलौज मिली? या कुछ लोग इस घटना के बाद आपको जासूस या चीनी एजेंट कहते हैं। हेला ने इस सवाल के जवाब में कहा, “सच कहूं तो पिछली बार जैसा ही है। वही चीनी एजेंट, RSS एजेंट। साथ ही, अब लोगों को लगता है कि मुझे भारत में थोड़ी ज़्यादा ही दिलचस्पी है जो सही भी है। मैंने किसी और चीज़ पर उतना पोस्ट नहीं किया क्योंकि X पर मेरी ऑडियंस मुख्य रूप से भारतीय है और वो चाहते हैं कि मैं भारतीय मुद्दों पर बात करूं। आलोचक सोचते हैं कि मैं भारतीय राजनीति पर चर्चा करने में बहुत ज़्यादा वक्त खर्च करती हूं लेकिन फिर, कम से कम X पर चर्चा का खुला प्रवाह होना चाहिए। और लोग मेरे कंटेंट से न जुड़ने का फैसला भी कर सकते हैं। ये भी बिल्कुल ठीक है। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर लोग मुझे ब्लॉक करते हैं क्योंकि वो मेरी राय नहीं पढ़ना चाहते। ये भी ठीक है। कृपया मुझे ब्लॉक कर दें। मुझे बुरा नहीं लगेगा। लेकिन साथ ही, आप बहस के लिए खुली और स्वागत योग्य हैं।

अगर आपको CJP प्रोटेस्ट को तीन शब्दों में बयां करना हो तो वो कौन से शब्द होंगे? इस सवाल पर हेला ने कहा, “बहादुर, इनमें से एक है और मैं ज़रूर कहूंगी असरदार, बहुत असरदार, पक्का। मुझे नॉर्वेजियन शब्द का अंग्रेज़ी अनुवाद ढूंढना है यहां। खिलता हुआ। हम ऐसा कह सकते हैं क्योंकि मुझे खासतौर पर दिलचस्पी है ये देखने में कि ये आगे कैसे खिलेगा और आगे क्या होगा।

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सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी से जुड़े लोगों ने महाराष्ट्र में उन पर हमला किया था। अंसारी ने दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत हैं और उन्होंने पुलिस से दीपके को तुरंत गिरफ्तार करने का आग्रह किया। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें