अक्सर माना जाता है कि मुस्लिम समाज में पारंपरिक सामाजिक-धार्मिक मान्यताएं, पर्दा प्रथा और रुढ़िवादी सोच महिलाओं के लिए प्रोफेशनल खेलों का रास्ता मुश्किल बना देती हैं। खासतौर पर टेनिस जैसे वैश्विक और ग्लैमर से जुड़े खेल में मुस्लिम महिलाओं की मौजूदगी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि हकीकत इससे अलग है।

दुनिया भर में कई मुस्लिम महिला टेनिस खिलाड़ियों ने सामाजिक बंदिशों को चुनौती देते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत की सानिया मिर्जा से लेकर रूस की पूर्व वर्ल्ड नंबर एक दिनारा सफीना और ट्यूनीशिया की ओन्स जाबूर तक, इन खिलाड़ियों ने साबित किया कि प्रतिभा किसी धर्म या परंपरा की मोहताज नहीं होती।

महिला टेनिस के इतिहास में मुस्लिम खिलाड़ियों ने न सिर्फ भागीदारी की, बल्कि कई मौकों पर खेल की दिशा ही बदल दी। सानिया मिर्जा ने सामाजिक दबावों और आलोचनाओं के बीच इतिहास रचा। वहीं अरावाने रेजाई और मेयर शेरिफ ने सीमित संसाधनों के बावजूद सफलताएं हासिल की।

दिलचस्प यह है कि इन स्टार मुस्लिम टेनिस खिलाड़ियों में एक से ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने का गौरव सिर्फ भारतीय स्टार को ही हासिल हुआ। इस लेख में हम दुनिया की उन 8 मुस्लिम महिला टेनिस खिलाड़ियों के सफर पर नजर डालेंगे, जिन्होंने कोर्ट के भीतर और बाहर अपनी मजबूत छाप छोड़ी।

सानिया मिर्जा (भारत)

मुंबई में 15 नवंबर 1986 को जन्मीं सानिया मिर्जा ने विमेंस डबल्स में तीन और मिक्स्ड डबल्स में तीन ग्रैंड स्लैम जीते। साल 2003 से 2013 में संन्यास लेने तक सानिया मिर्जा ने सिंगल्स में नंबर 1 भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बनी रहीं। अपने करियर के दौरान सानिया मिर्जा ने भारत की सबसे प्रसिद्ध, सबसे अधिक भुगतान पाने वाली और प्रभावशाली एथलीटों में से एक के रूप में खुद को स्थापित किया।

सानिया मिर्जा ने 2015 में डबल्स में वर्ल्ड नंबर-1 रैंकिंग हासिल की। सानिया मिर्जा ने करियर में छह ग्रैंड स्लैम समेत कुल 40 डब्ल्यूटीए खिताब जीते। सानिया मिर्जा को भारत में उनके पहनावे और करियर विकल्पों को लेकर कुछ मुस्लिम मौलवियों की आलोचना भी झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने हमेशा बेबाकी से जवाब दिया।

दिनारा सफीना (रूस)

मॉस्को में 27 अप्रैल 1986 को जन्मीं दिनारा सफीना डब्ल्यूटीए (विमेंस टेनिस एसोसिएशन) रैंकिंग में 27 सप्ताह तक शीर्ष पर रहीं थीं। दिनारा सफीना की डबल्स में उच्चतम रैंकिंग आठ रही थी। दिनारा सफीना एक भी ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाईं, लेकिन 2008 फ्रेंच ओपन, 2009 ऑस्ट्रेलियन ओपन और 2009 फ्रेंच ओपन में फाइनल तक का सफर तय किया। दिनारा सफीना ने अपने करियर में 12 डब्ल्यूटीए सिंगल्स और डबल्स में नौ खिताब जीते। दिनारा सफीना 2008 बीजिंग ओलंपिक में विमेंस सिंगल्स में उपविजेता रहीं। दिनारा सफीना लंबे समय तक पीठ की चोट से जूझती रहीं थी, जिस कारण 2014 में उन्होंने संन्यास ले लिया।

ओन्स जाबूर (ट्यूनीशिया)

ट्यूनीशिया के कसार हेलल में 28 अगस्त 1994 में जन्मीं ओन्स जाबूर जून 2021 में बर्मिंघम में WTA सिंगल्स टाइटल जीतने वाली पहली उत्तर अफ्रीकी और अरब महिला बनीं थीं। ओन्स जाबूर सिंगल्स में टॉप-10 में पहुंचने वाली भी पहली अरब खिलाड़ी हैं। वह अपनी अनोखी खेल शैली के लिए प्रसिद्ध थीं। सिंगल्स में उनकी उच्चतम रैंकिंग 2 रही, जो उन्होंने 27 जून 2022 को हासिल की थी। ओन्स जाबूर जब तीन साल की थीं तब उनकी मां ने उनका टेनिस से परिचय कराया था।

ओन्स जाबूर WTA रैंकिंग के इतिहास में सबसे ऊंची रैंक वाली अफ्रीकी और अरब टेनिस प्लेयर हैं। ओन्स जाबूर ने अपने करियर में पांच सिंगल्स WTA टूर खिताब जीते। ओन्स जाबूर 2020 ऑस्ट्रेलियन ओपन में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली अरब महिला बनीं। उन्होंने 2021 विम्बलडन में भी यह उपलब्धि हासिल की।

ओन्स जाबूर ग्रैंड स्लैम फाइनल में हिस्सा लेने वाली पहली अफ्रीकी और अरब महिला हैं। ओन्स जाबूर ने 2022 और 2023 में विम्बलडन, जबकि 2022 ऑस्ट्रेलियन ओपन में विमेंस सिंगल्स का फाइनल खेला था। ओन्स जाबूर की उपलब्धियों को अफ्रीकी महाद्वीप में टेनिस को बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। उन्हें 2019 में अरब वुमन ऑफ द ईयर चुना गया था।

मेयर शेरिफ (मिस्र)

काइरो में 05 मई 1996 को जन्मीं मेयर शेरिफ अहमद अब्देल-अजीज ओपन एरा में मिस्र की सबसे ऊंची रैंक वाली सिंगल्स टेनिस खिलाड़ी (पुरुष हो या महिला) हैं। शेरिफ ने स्पोर्ट्स मेडिसिन में बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की। ​​मेयर शेरिफ यूनिवर्सिटी की टेनिस टीम का हिस्सा थीं। मेयर शेरिफ ने 2020 प्राग ओपन में अपना WTA टूर सिंगल्स डेब्यू किया।

मेयर शेरिफ 2020 में किसी ग्रैंड स्लैम (फ्रेंच ओपन) के मुख्य ड्रॉ में पहुंचने वाली मिस्र की पहली महिला खिलाड़ी थीं। मेयर शेरिफ ने 2021 ऑस्ट्रेलियन ओपन में इतिहास रचा। वह ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ का मैच जीतने वाली मिस्र की पहली महिला बनीं। मेयर शेरिफ ओलंपिक गेम्स (टोक्यो 2020) के लिए क्वालिफाई करने वाली मिस्र की पहली महिला भी बनीं।

सलीमा सफर (ट्यूनीशिया)

ट्यूनीशिया के सिदी बौ सैद में 08 जुलाई 1977 को जन्मीं सलीमा सफर ने 8 साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया। उन्होंने 12 साल की उम्र में ट्यूनीशिया छोड़ दिया और प्रशिक्षण लेने के लिए फ्रांस चली गईं। सलीमा सफर 1951 में प्रेस ग्रुप दार असबाह की स्थापना करने वाले हबीब शेखरौहौ की पोती हैं। सलीमा सफर ने 1999 में प्रोफेशनल टेनिस में कदम रखा और 16 जुलाई 2001 को दुनिया में 75वें स्थान पर पहुंच गईं। सलीमा सफर सर्वोच्च रैंक वाली ट्यूनीशिया और अरब की दूसरी महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने आईटीएफ महिला सर्किट में 11 सिंगल्स और 21 डबल्स खिताब जीते।

सलीमा सफर ने संन्यास के बाद 28 अगस्त 2023 को एक इंटरव्यू में अपने कोच रेगिस डे कैमरेट पर बलात्कार और यौन शोषण का आरोप लगाया था। सलीमा ने साक्षात्कार में बताया था कि जब वह साढ़े 12 साल की थीं तब कोच ने उनके साथ दुष्कर्म किया। रेगिस डे कैमरेट पर फ्रांस की इसाबेल डेमोन्जियोट ने इसी तरह के आरोप लगाए थे। बाद में 2012 में रेगिस डे कैमरेट को 8 साल की जेल हुई थी।

अरावाने रेजाई (ईरानी-फ्रांसीसी)

फ्रांस के सेंट-एटिने में 14 मार्च 1987 को जन्मीं अरावाने रेजाई ने बचपन में अपने बड़े भाई की बॉल गर्ल के तौर पर काम करने के बाद टेनिस खेलना शुरू किया। ईरानी माता-पिता की संतान अरावाने रेजाई ने अपने करियर में डब्ल्यूटीए टूर पर जस्टिन हेनिन, वीनस विलियम्स, विक्टोरिया अजारेंका, मारिया शारापोवा, दिनारा सफीना, फ्रांसेस्का शियावोन, कैरोलिन वोज्नियाकी, मरियन बार्टोली, फ्लाविया पेनेटा, येलेना यानकोविच, पेट्रा क्वितोवा, सिमोना हालेप और ऐ सुगियामा जैसी कई शीर्ष खिलाड़ियों को हराया है।

अरावाने रेजाई ने महिला इस्लामिक खेलों में ईरान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और 2001 और 2005 में स्वर्ण पदक जीता। अरावाने रेजाई ने 2006 में फ्रांस के लिए खेलना शुरू किया था। अरावाने रेजाई के पिता अरसलान रेजाई उनकी कोचिंग टीम के सदस्य थे। बार-बार हिंसा और दुर्व्यवहार के विवादास्पद आरोपों का केंद्र रहे।

अरावाने ने एक साक्षात्कार में बताया था, मेरे पास कठिन यादें हैं। बहुत सारे बलिदान थे। मुझे बारिश और बर्फ में बाहर खेलना याद है। एक समय पर फ्रांसीसी टेनिस महासंघ को अरसलान को अन्य प्रतियोगियों के पिता पर हमला करने से रोकने के लिए अंगरक्षकों को नियुक्त करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

जरीना दियास (कजाकिस्तान)

कजाकिस्तान की अलमाटी में 18 अक्टूबर 1993 को जन्मीं जरीना दियास ने करियर में WTA टूर पर जापान ओपन सिंगल्स टाइटल जीता। साथ ही ITF विमेंस सर्किट पर 12 सिंगल्स टाइटल भी जीते। जरीना दियास 2011 में कजाकिस्तान फेड कप टीम की मेंबर बनीं और 10 साल तक खेली हैं। वह 2014 तक ज़्यादातर ITF सर्किट पर ही खेलती थीं। साल 2014 की शुरुआत में वह टॉप-150 से बाहर थीं, लेकिन सितंबर तक टॉप-40 में पहुंच गईं। वह एलेना रयबाकिना और यूलिया पुतिनत्सेवा के साथ कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे सफल महिला टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं।

फातिमा अल-नभानी (ओमान)

मस्कट में 20 मई 1991 में जन्मीं फातिमा अल-नभानी ने अपने करियर में ITF विमेंस सर्किट पर 10 सिंगल्स और 14 डबल्स खिताब जीते। टेनिस खिलाड़ी मोहम्मद अल-नभानी की छोटी बहन फातिमा ओमान के लिए फेड कप में हिस्सा ले चुकी हैं, जहां उनकी जीत हार का रिकॉर्ड 13-7 रहा। फातिमा ने 2009 दुबई टेनिस चैंपियनशिप में WTA टूर के मेन-ड्रॉ में डेब्यू किया था।

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