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औरत पर हाथ उठाता है… यह कह अपने बेटे को भरे दरबार में पीटने लगे थे मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर

Mughal Emperor Bahadur Shah: बहादुर शाह जफर बहू की पिटाई से बेहद नाराज हो गए थे। अपने बेटे को सबके सामने ही पीटने लगे थे।

औरत पर हाथ उठाता है… यह कह अपने बेटे को भरे दरबार में पीटने लगे थे मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर
बहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar) पर अंग्रेजों ने मुकदमा चलाकर निर्वासित कर दिया था। फोटो- Wikimedia Commons

आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar) ने चार शादियां की थीं और उनकी कुल 47 औलादें थीं। 1857 की क्रांति में जफर के कई गुमनाम बेटों को एक मौका मिल गया। उन्हें लगा कि क्रांतिकारियों का साथ देने से दरबार और लोगों की बीच अपनी जगह बना पाएंगे। इन्हीं में से एक थे जफर के नौवें बेटे मिर्जा खिज्र सुल्तान। शहजादे खिज्र, जफर की कनीज (रखैल) मिर्जा बख्श बाई की औलाद थे। 1857 में उनकी उम्र महज 23 साल थी।

मशहूर इतिहासकार विलियम डैलरिंपल (William Dalrymple) अपनी किताब ‘द लास्ट मुगल’ (The Last Mughal) में लिखते हैं कि मिर्जा खिज्र सुल्तान अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर थे। मशहूर शायर और जफर के उस्ताद गालिब ने उनकी तुलना हजरत यूसुफ से की थी। मिर्जा खिज्र सुल्तान थोड़ी बहुत शायरी भी करते थे और अच्छे निशानेबाज थे। हालांकि उन्हें दरबार में कोई तरजीह नहीं मिलती थी।

मिर्जा खिज्र को एक हाथी तक नहीं दिया था

मुगल दरबार की डायरी में मिर्जा खिज्र सुल्तान (Mirza Khizr Sultan) का जिक्र दो बार मिलता है। पहला साल 1852 में उन्होंने अपने पिता बहादुर शाह जफर से एक हाथी और दिल्ली के महरौली में मकान की फरमाइश की थी, जिसे तुरंत ठुकरा दिया गया था। दरबार की डायरी में दूसरी बार मिर्जा खिज्र का जिक्र तब मिलता है जब बहादुर शाह जफर ने उनकी बुरी तरह पिटाई कर दी थी।

बहू की पिटाई पर आग बबूला हो गए थे बहादुर शाह जफर

दरअसल, मिर्जा खिज्र ने किसी बात पर अपनी बीवी की पिटाई कर दीय। मामला बादशाह बहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar) तक पहुंचा तो वे बहू की पिटाई सेआग बबूला हो गए। उन्होंने फौरन खिज्र सुल्तान को बुलवाया। खिज्र ने पिता के पैरों में गिरकर माफी मांगी लेकिन बहादुर शाह जफर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने भरे दरबार में ही खिज्र को तीन-चार थप्पड़ रसीद कर दिये। नसीहत दी कि आइंदा अपनी बीवी से अच्छा बर्ताव करें।

आपको बता दें कि 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजी हुकूमत ने बहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar) पर मुकदमा चलाया और उन्हें क्रांतिकारियों से मिलीभगत का दोषी ठहराया और रंगून निर्वासित कर दिया था। अंग्रेजों ने मुगल खानदान के 29 लड़कों का एक-एक कर कत्ल कर दिया था। बहादुर शाह जफर की ज्यादातर औलादों को बेरहमी से मारा गया। किसी को फांसी पर लटका दिया गया तो किसी को नजदीक से गोली मारी गई। रंगून निर्वासन के वक्त बहादुर शाह जफर के साथ उनके सिर्फ दो बेटे बचे थे।

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First published on: 17-01-2023 at 11:33:48 am
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