लाइटहाउस जर्नलिज्म (Lighthouse Journalism) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा एक वीडियो मिला। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा था कि कुछ भारतीय पर्यटकों ने मॉस्को के ‘फ्रेंडशिप ऑफ नेशंस’ (Friendship of Nations) फव्वारे में अपने कपड़े धोए।
जांच के दौरान हमने पाया कि यह वीडियो AI-जेनरेटेड (कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित) है और वायरल दावा पूरी तरह से फर्जी है।
क्या है दावा?
इंस्टाग्राम यूजर instanews_big ने वायरल वीडियो साझा करते हुए दावा किया, “मॉस्को में, कुछ भारतीयों ने सीधे VDNKh के फव्वारे में अपने कपड़े धोने का फैसला किया।”
अन्य यूजर भी इसी तरह के दावों के साथ यही वीडियो साझा कर रहे हैं।
जांच पड़ताल:
हमने वीडियो से प्राप्त कीफ्रेम्स (keyframes) पर रिवर्स इमेज सर्च चलाकर जांच शुरू की।
इससे हमें ‘KOMETA’ नाम के यूट्यूब चैनल पर 5 अप्रैल, 2026 को अपलोड किया गया ऐसा ही वीडियो मिला।
इसका कैप्शन था: “VDNKh में भारतीय एक फव्वारे में चढ़ गए और कपड़े धोने लगे।”
हालांकि, वहां दिए गए टैग में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग करके बनाया गया था।

इसके बाद हमने वीडियो डाउनलोड किया और इसे AI कंटेंट डिटेक्टर HIVE Moderation के माध्यम से चेक किया।

परिणामों ने संकेत दिया कि वीडियो AI टूल्स का उपयोग करके बनाया गया था और इसके AI-जेनरेटेड होने की संभावना 99.9% थी।
निष्कर्ष: रूस के फव्वारे में भारतीय पर्यटकों द्वारा कपड़े धोने का दावा करने वाला वायरल वीडियो AI-जेनरेटेड है। दावा पूरी तरह गलत है।
