जेफरी एपस्टीन से जुड़े अदालती दस्तावेजों की नई खेप को लेकर दुनिया भर में बात हो रही है, वहीं सोशल मीडिया पर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के बारे में सनसनीखेज दावों की बाढ़ आ गई है। भारत में X और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर वायरल हो रही तस्वीरों में दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम एपस्टीन फाइल्स में शामिल है।

जांच और गहन पड़ताल के दौरान ‘लाइटहाउस जर्नलिज्म’ ने पाया कि ये तस्वीरें अदालती रिकॉर्ड की नहीं हैं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल का उपयोग करके और डिजिटल रूप से हेरफेर करके बनाई गई तस्वीरें हैं।

क्या है दावा?

X यूजर MR. Anil ने अपने प्रोफाइल पर एक तस्वीर साझा की जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के होने का दावा किया गया था।

X यूजर Kaushik ने भी एक तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी को एपस्टीन फाइल्स में दिखाया गया है।

ये दोनों तस्वीरें काफी मिलती-जुलती थीं। अन्य सोशल मीडिया यूजर्स भी इसी तरह की तस्वीरें साझा कर रहे थे।

जांच पड़ताल:

हमने दोनों तस्वीरों का एक साथ ‘रिवर्स इमेज सर्च’ करके अपनी जांच शुरू की। किसी भी विश्वसनीय समाचार मीडिया वेबसाइट ने सोशल मीडिया पर साझा की जा रही इनमें से किसी भी तस्वीर को प्रकाशित नहीं किया था।

इसके बाद, लाइटहाउस जर्नलिज्म ने इन दोनों तस्वीरों को AI डिटेक्टर्स (AI detectors) के जरिये चेक किया। राहुल गांधी वाली तस्वीर के नीचे दाईं ओर एक ‘वॉटरमार्क’ था, जिससे संकेत मिलता है कि इसे AI का उपयोग करके बनाया गया था।

Google Gemini के SynthID के माध्यम से मिली जानकारी:

“राहुल गांधी और जेफरी एपस्टीन की यह तस्वीर AI द्वारा जेनरेट की गई है। तकनीकी विश्लेषण पुष्टि करता है कि तस्वीर में एक डिजिटल वॉटरमार्क है जो दर्शाता है कि इसे Google के AI टूल का उपयोग करके बनाया या एडिट किया गया है।”

पीएम नरेंद्र मोदी वाली तस्वीर के बारे में भी डिटेक्टर्स ने संकेत दिया कि फोटो के साथ डिजिटल रूप से छेड़छाड़ की गई है।

निष्कर्ष: एपस्टीन फाइल्स में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होने का दावा करने वाली वायरल तस्वीरें डिजिटल रूप से हेरफेर करके बनाई गई और AI-जेनरेटेड हैं। वायरल दावा झूठा है।