कचरा उठाने का विरोध कर रहे सफाई कर्मचारियों की हिसार और बहादुरगढ़ में पुलिस और प्रशासन की टीमों से एक हफ्ते पहले झड़प हो गई थी।
इस झड़प के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर तेजी से शेयर की जा रही थी।
तस्वीर में एक पुलिसकर्मी द्वारा एक महिला सफाई कर्मचारी को लात मारते हुए दिखाया गया था। यह दावा किया गया था कि तस्वीर असली है और उसी विरोध प्रदर्शन की है।
जांच के दौरान, लाइटहाउस जर्नलिज्म (Lighthouse Journalism) ने पाया कि यह तस्वीर AI-जनरेटेड थी और असली नहीं थी।
इस दावे का फैक्ट चेक करना महत्वपूर्ण है क्योंकि, एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की क्रूरता को झूठे तरीके से दर्शाने वाली एक AI-जनरेटेड तस्वीर जनता के आक्रोश को भड़का सकती है।
क्या है दावा?
एक्स (X) यूजर thought anarchy ने झूठे दावे के साथ यह वायरल तस्वीर शेयर की।
अन्य यूजर्स भी इसी तरह के दावे के साथ यही तस्वीर शेयर कर रहे हैं।
जांच पड़ताल:
हमने तस्वीर पर रिवर्स इमेज सर्च चलाकर अपनी जांच शुरू की। हमें इसके बारे में कोई भी विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट नहीं मिली।
तस्वीर को ध्यान से देखने के बाद, हमें उसमें कुछ विसंगतियां (गड़बड़ियां) मिलीं। तस्वीर में दिख रहे चेहरे बहुत तीखे (sharp) थे। बैकग्राउंड में मौजूद सभी लोग एक ही दिशा में देख रहे थे, जिसने हमें इसे AI डिटेक्टर्स के जरिए जांच करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद हमने तस्वीर की OpenAI के कंटेंट वेरिफिकेशन टूल के जरिए जांच की, जिसने इस बात की पुष्टि की कि अपलोड की गई तस्वीर OpenAI टूल्स का उपयोग करके बनाई गई थी।
टूल द्वारा दिया गया परिणाम था: यह कंटेंट OpenAI टूल्स का उपयोग करके जनरेट किया गया था। नीचे दिए गए संकेत इस परिणाम के समर्थन में प्रमाण देते हैं।
इसमें आगे कहा गया: हमें एक SynthID वॉटरमार्क मिला है जो OpenAI से बना था।
इससे इस बात की पुष्टि हो गई कि तस्वीर OpenAI टूल्स का उपयोग करके जनरेट की गई थी।

गूगल कीवर्ड सर्च के जरिए, हमें एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली।
रिपोर्ट में कहा गया है: हिसार पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पुलिसकर्मी और एक महिला सफाई कर्मचारी की फर्जी AI-जनरेटेड तस्वीर कथित तौर पर प्रसारित करने के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
निष्कर्ष: सफाई कर्मचारियों के साथ झड़प के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा महिला सफाई कर्मचारी को लात मारने का दावा करने वाली वायरल तस्वीर AI-जनरेटेड है। वायरल दावा झूठा है।
