‘लाइटहाउस जर्नलिज्म’ के संज्ञान में आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो बड़े पैमाने पर शेयर किया जा रहा है। वीडियो को लेकर की गई पोस्ट्स में दावा किया गया था कि दूसरे रनवे के विस्तार के लिए भारतीय अधिकारियों ने कोलकाता एयरपोर्ट के भीतर स्थित 136 साल पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद को गिरा दिया है।

हमारी जांच में यह दावा भ्रामक साबित हुआ। शेयर किया जा रहा वायरल वीडियो पुराना है और बांग्लादेश का है।

क्या है दावा?

इंस्टाग्राम यूजर ‘Al-Estiklal English’ ने यह वीडियो और दावा शेयर किया है।

अन्य यूजर्स भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसी तरह के दावों के साथ यही वीडियो शेयर कर रहे हैं।

जांच पड़ताल:

हमने कीवर्ड सर्च करके अपनी जांच शुरू की।

हमें मस्जिद के संबंध में कुछ न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल मई में, कोलकाता एयरपोर्ट पर सेकेंडरी रनवे के पास स्थित मस्जिद को हटाने के नए प्रयास राज्य सरकार में तेज हुए। एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया के अंदर स्थित मस्जिद के लिए राज्य प्रशासन और मस्जिद के प्रतिनिधियों के बीच बैठक के बाद मस्जिद का निरीक्षण किया गया।

जुलाई 2026 की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, 136 साल पुरानी बांकरा मस्जिद में प्रवेश अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने केवल [Aadhaar Redacted] कार्ड के आधार पर प्रवेश देने पर सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया।

हालांकि, ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें यह कहा गया हो कि मस्जिद को गिरा दिया गया है।

इसके बाद हमने मस्जिद की तस्वीरें देखीं, ऑनलाइन उपलब्ध किसी भी तस्वीर में नीले रंग की टाइल्स नहीं थीं।

इसके बाद हमने वीडियो से प्राप्त कीफ्रेम्स पर रिवर्स इमेज सर्च किया।

हमें इसी तरह के दृश्य वाला एक फेसबुक वीडियो मिला।

कैप्शन में लिखा था: बीएनपी नेता मुस्तफा का घर गुस्साई जनता द्वारा गिराया जा रहा है। पबना सदर कुलुनिया गजारिया कोली हत्याकांड के मुख्य आरोपी का घर। बीएनपी नेता मुस्तफा कोली ने बलात्कार किया, उसके टुकड़े किए और बैग में डाल दिए। जब न्याय नहीं मिलता, तो बलात्कारियों के घर इसी तरह गिराए जाने चाहिए।

हमें 18 सितंबर की एक रिपोर्ट भी मिली जिसमें शेयर किए जा रहे दृश्यों से मिलते-जुलते दृश्य थे।

रिपोर्ट में बताया गया: पबना में तीसरी कक्षा की स्कूली छात्रा कमरुन्नहार कोली (10) के बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी मुस्तफा प्रमाणिक के घर पर स्थानीय लोगों ने हमला किया और तोड़फोड़ की। यह घटना शुक्रवार (18 सितंबर) को पबना सदर उपजिल्ला के डोगची यूनियन के कुलुनिया गांव में जुमे की नमाज के बाद हुई।

इस संबंध में हमें कुछ और समाचार रिपोर्टें मिलीं।

हमें इस बारे में एक वीडियो रिपोर्ट भी मिली।

निष्कर्ष: बांग्लादेश में भीड़ द्वारा घर गिराए जाने का असंबंधित वीडियो, कोलकाता एयरपोर्ट के पास 136 साल पुरानी मस्जिद को गिराए जाने के दावे के साथ भारत की हालिया घटना के रूप में शेयर किया जा रहा है। यह वायरल दावा भ्रामक है।