लाइटहाउस जर्नलिज्म (Lighthouse Journalism) को सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर शेयर किया जा रहा एक वीडियो मिला। यह वीडियो किसी न्यूज शो के एक हिस्से जैसा लग रहा था। इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नजर आ रहे थे।

वीडियो में दावा किया गया था कि इस्तीफा देने के लिए कहे जाने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बीजेपी को बेनकाब करने की धमकी दी।

जांच के दौरान हमने पाया कि यह वीडियो डीपफेक है और पूर्व शिक्षा मंत्री ने बीजेपी को बेनकाब करने की कोई धमकी नहीं दी थी।

क्या है दावा?

इंस्टाग्राम यूजर सुनील सक्सेना यादव ने अपनी प्रोफाइल पर यह वायरल वीडियो शेयर किया।

अन्य यूजर्स भी इसी तरह के दावे के साथ यही वीडियो शेयर कर रहे हैं।

जांच पड़ताल:

हमने वीडियो से मिले कीफ्रेम्स (keyframes) पर रिवर्स इमेज सर्च करके अपनी जांच शुरू की। हमने कीफ्रेम्स को क्रॉप किया और फिर रिवर्स इमेज सर्च किया।

इससे हमें NDTV के यूट्यूब चैनल पर 9 दिन पहले अपलोड की गई एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली।

फ्रेम में दिख रही एंकर वही थी जो वायरल वीडियो में नजर आ रही थी।

इसके बाद हमने धर्मेंद्र प्रधान वाले कीफ्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च किया, जिससे हमें पूर्व शिक्षा मंत्री द्वारा संबोधित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो मिला, जिसे ANI ने दो महीने पहले पोस्ट किया था।

यह NEET पेपर लीक और दोबारा परीक्षा कराए जाने पर एक मीडिया ब्रीफिंग थी। पूरे वीडियो में उन्होंने बीजेपी को बेनकाब करने की कोई धमकी नहीं दी।

फिर हमने InVid टूल में मौजूद Hiya Audio डिटेक्टर के जरिए वीडियो की आवाज़ की जांच की। टूल ने 90 प्रतिशत वॉयस क्लोनिंग (आवाज़ की नकल) का पता लगाया।

निष्कर्ष: पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बीजेपी को बेनकाब करने की धमकी नहीं दी। वायरल वीडियो डीपफेक है। दावा झूठा है।