लाइटहाउस जर्नलिज्म (Lighthouse Journalism) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा एक वीडियो मिला। वीडियो को लेकर कई यूजर्स ने दावा किया कि यह एक वास्तविक घटना की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज है।
वीडियो के साथ की गई पोस्ट में कहा गया था कि एक बाइकर बार-बार एक महिला को परेशान करता हुआ दिख रहा है। इस पर महिला ने बंदूक निकाली और बाइकर पर गोली चला दी, जिससे उसे भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जांच के दौरान हमने पाया कि यह वीडियो एआई-जनरेटेड (AI-generated) था और असली नहीं है। वायरल दावा फर्जी है।
क्या है दावा?
एक्स (X) यूजर, मनोज राठौर ने एक झूठे दावे के साथ यह वायरल वीडियो शेयर किया।
अन्य यूजर्स भी इसी तरह के दावे के साथ यह वीडियो शेयर कर रहे हैं।
जांच पड़ताल:
हमने वीडियो डाउनलोड करके और उसके कीफ्रेम्स (keyframes) निकालकर जांच शुरू की।
हमें यही वीडियो पोस्ट करने वाली कोई भी विश्वसनीय प्रोफाइल या इसके बारे में रिपोर्ट छापने वाला कोई समाचार संस्थान (news organisation) नहीं मिला।
हालांकि, हमने वीडियो में कुछ विसंगतियों (anomalies) की पहचान की, जैसे कि बाइक का बड़ी ही आसानी से मुड़ना या बंदूक से निकली आग।
इसलिए, हमने वीडियो को डाउनलोड किया और एआई कंटेंट डिटेक्टर (AI content detector) के माध्यम से इसकी जांच की।
हमने सबसे पहले HIVE मॉडरेशन नामक एक एआई कॉन्टेंट डिटेक्टर से इसकी जांच की। इस टूल ने बताया कि इस इनपुट में एआई-जनरेटेड (AI-generated) या डीपफेक (deepfake) सामग्री होने की बहुत अधिक संभावना है।

एक अन्य एआई डिटेक्टर ‘detectvideo.ai’ ने भी बताया कि ‘कई फॉरेंसिक सिग्नल्स बढ़े हुए हैं, जिससे इसके 56% एआई या हेरफेर (manipulated) होने की संभावना पैदा होती है।

निष्कर्ष: परेशान करने वाले व्यक्ति पर बुर्का पहनी हुई महिला द्वारा गोली चलाने का वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है। यह वायरल वीडियो और इसके साथ किया जा रहा दावा, दोनों फर्जी हैं।
