लाइटहाउस जर्नलिज्म ने पाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति बाढ़ वाले इलाके में एक क्षतिग्रस्त मस्जिद से अजान देते हुए नजर आ रहा है।

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि यह वीडियो असम में हाल ही में आई बाढ़ का है।

पिछले एक महीने से असम में आई विनाशकारी बाढ़ ने 100 से अधिक लोगों की जान ले ली है और हजारों लोगों को प्रभावित किया है। जुलाई के अंत में भारी बारिश और ऊपरी इलाकों में बादल फटने से शुरू हुई यह स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, 433 गांव अभी भी जलमग्न हैं और कृषि वाली जमीन का एक बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया है।

जांच के दौरान हमने पाया कि यह वीडियो एआई (AI) द्वारा बनाया गया है और यह न तो असली है और न ही हाल का है।

क्या है दावा?

फेसबुक पेज ‘The Live Tv सच सबसे आगे‘ ने इस वीडियो को एक झूठे दावे के साथ अपने पेज पर शेयर किया।

अन्य यूजर्स भी इसी तरह के दावे के साथ यही वीडियो शेयर कर रहे हैं।

जांच पड़ताल:

हमने सबसे पहले वीडियो को ध्यान से देखकर अपनी जांच शुरू की। वीडियो में कुछ गड़बड़ियां नजर आईं। उदाहरण के लिए, अजान देने वाले व्यक्ति का संतुलन बिगड़ता हुआ नहीं दिखा। इससे यह संकेत मिला कि वीडियो AI से बना हो सकता है।

इसके बाद हमने वीडियो डाउनलोड किया और इसे गूगल के सिंथआईडी (Google’s SynthID) के जरिए चेक किया।

SynthID AI-निर्मित कंटेंट को वॉटरमार्क करने और पहचानने का एक टूल है, जो जनरेटिव AI में पारदर्शिता को बढ़ावा देने में मदद करता है।

SynthID डिटेक्टर ने पुष्टि की कि यह वीडियो Google AI (वीडियो) से बनाया गया था।

हमने एक अन्य AI कंटेंट डिटेक्टर, HIVE Moderation के जरिए भी वीडियो की जांच की।

इस टूल ने भी पुष्टि की कि वायरल वीडियो AI से बनाया गया है।

निष्कर्ष: असम में आई बाढ़ के दौरान एक क्षतिग्रस्त मस्जिद से अजान देने का दावा करने वाला वायरल वीडियो AI से बनाया गया है।