‘लाइटहाउस जर्नलिज्म’ (Lighthouse Journalism) ने पाया कि केरल में 9 अप्रैल को वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर को काफी शेयर किया गया। तस्वीर के साथ यह दावा किया गया कि केरल में एक रैली के लिए पीएम मोदी की यात्रा के दौरान एक क्रू उनका प्रोफेशनल फोटोशूट कर रहा था।

जांच के दौरान हमने पाया कि यह तस्वीर एआई-जनरेटेड (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से बनाई गई) है और वास्तविक नहीं है। वायरल दावा झूठा है।

क्या है दावा?

एक्स (X) यूजर अलका लांबा ने अपनी टाइमलाइन पर यह वायरल तस्वीर साझा की।

अन्य यूजर्स भी इसी तरह के दावों के साथ यही तस्वीर साझा कर रहे हैं।

जांच पड़ताल:

तस्वीर में कई विसंगतियां (anomalies) संकेत देती हैं कि यह एआई-जनरेटेड है।

गूगल रिवर्स इमेज सर्च (Google reverse image search) में कोई सार्थक परिणाम नहीं मिले।

इसके बाद हमने तस्वीर की एआई डिटेक्टर्स (AI detectors) के माध्यम से जांच की।

‘HIVE Moderation’ के अनुसार, 99.9% संभावना है कि यह तस्वीर एआई-जनरेटेड है। यह भी सुझाव दिया कि इसके ‘डीपफेक’ (deepfake) होने की 12% संभावना है।

एक अन्य एआई डिटेक्टर, ‘sightengine.com’ ने भी संकेत दिया कि तस्वीर के एआई-जनरेटेड होने की 98% संभावना है।

निष्कर्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वायरल तस्वीर, जिसे केरल में चुनाव प्रचार के दौरान प्रोफेशनल फोटोशूट के दावे के साथ शेयर किया गया, वह एआई-जनरेटेड है। वायरल दावा झूठा है।