‘द इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े कुछ प्रमुख फैसलों को लेकर प्रकाशित जांच रिपोर्ट के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
एक्सप्रेस की जांच के बाद, जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए कई लोगों ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग की। इस मांग के तूल पकड़ने के बाद, एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है।
वीडियो को लेकर यह दावा किया गया था कि वीडियो हाल के विरोध प्रदर्शन का है। हालांकि, जांच के दौरान हमने पाया कि वीडियो पुराना है, हाल का नहीं।
क्या है दावा?
X (पूर्व में ट्विटर) यूजर पीडीए परिवार ने अपने प्रोफाइल पर वायरल वीडियो शेयर किया है।
अन्य यूजर्स भी इसी तरह के दावे के साथ यही वीडियो शेयर कर रहे हैं।
जांच पड़ताल:
हमने वीडियो से मिले कीफ्रेम्स पर रिवर्स इमेज सर्च करके जांच शुरू की।
हमने पाया कि यह वीडियो X यूजर ए.के. स्टालिन द्वारा 1 फरवरी 2024 को पोस्ट किया गया था।
रिवर इमेज सर्च से हमें X पर DCP नई दिल्ली के एक पोस्ट का भी पता चला।
कैप्शन में लिखा था: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज लाइव, भारी विरोध प्रदर्शन का दावा झूठा है।
वीडियो पुराना है: शेयर की जा रही फुटेज किसी पिछली घटना की है। जानबूझकर गलत सूचना फैलाने या भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2024 की कई रिपोर्ट्स थीं जिनमें कहा गया था कि जंतर-मंतर पर EVM विरोधी प्रदर्शन हुए थे।
हमें YouTube चैनल OHeraldo Goa पर दो साल पहले अपलोड किया गया एक वीडियो भी मिला।
निष्कर्ष: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हालिया प्रदर्शन का दावा कर वायरल किया जा रहा जंतर-मंतर का वीडियो 2024 में EVM के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन का है।
