One Year Of Rekha Government: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार को सत्ता में आए एक साल पूरा हो चुका है। इस एक साल में सरकार ने जहां कुछ चुनावी वादों को अमल में लाने की दिशा में कदम बढ़ाए, वहीं कई बड़े ऐलान अब भी जमीनी हकीकत का इंतजार कर रहे हैं। आइए अब यह जानने का प्रयास करते हैं कि रेखा गुप्ता सरकार ने क्या-क्या वादे किए थे और अब भी उनके सामने क्या-क्या बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
बीजेपी सरकार ने क्या-क्या वादे किए
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में अलग-अलग तबकों के लिए मुफ्त की योजनाओं का ऐलान किया गया था। इसमें गरीब परिवारों की महिलाओं को 2500 रुपए प्रति महीने देने, हर गर्भवती महिला को 21 हजार रुपए की सहायता और छह पोषण किट देने, गरीब परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में रसोई गैस का सिलेंडर देने के साथ साथ होली और दिवाली पर फ्री में गैस सिलेंडर देने के वादे किए गए। यही नहीं, आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये की मेडिकल सहायता की भी घोषणा की गई थी।
वादा नंबर-1: महिला समृद्धि योजना
चुनाव से पहले संकल्प पत्र में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से दिल्ली की महिलाओं 2500 रुपये का आर्थिक लाभ देने वाली महिला समृद्धि योजना शुरू करने का वादा किया गया था। यहां तक कहा गया था कि पहली कैबिनेट मीटिंग में योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी और महिलाओं को पहली किस्त भी मिलेगी।
हकीकत: रेखा गुप्ता सरकार अभी तक महिलाओं को 2500 रुपये नहीं दे पाई है। मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया, लेकिन समिति की अभी तक केवल चार ही बैठकें हुई हैं। महिला समृद्धि योजना (MSY) के तहत, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल को तैयार किया जाना था। हालांकि, यह अभी तक तैयार नहीं हुआ है। एक अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया कि महिला समृद्धि योजना को लागू करने में कई प्रक्रियाएं शामिल हैं। इनमें पात्रता तय करना, ऑनलाइन सिस्टम बनाना, फंड ट्रांसफर की व्यवस्था करना और पारदर्शिता और सरलता के लिए एक स्पेशल पोर्टल तैयार करना शामिल है।
वादा नंबर 2: आयुष्मान भारत योजना
दिल्ली में बीजेपी ने सरकार आने के बाद आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana In Delhi) को राष्ट्रीय राजधानी में लागू करने का वादा किया था।
हकीकत: रेखा सरकार के सत्ता में आते ही केंद्र की महत्वंकाक्षी आयुष्मान योजना को राजधानी में लागू कर दिया। हालांकि, लगभग 6.7 लाख आयुष्मान हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। दिल्लीवासियों को आयुष्मान कार्ड से डबल कवरेज मिलता है। यानी इस कार्ड के जरिए केंद्र की तरफ से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं, दिल्ली सरकार भी 5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद देती है। यानी कुल मिलाकर 10 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर मिलेगा।
वादा नंबर 3: अटल कैंटीन
भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया था कि जेजे कलस्टरों में अटल कैंटींस स्थापित कर मात्र पांच रुपये में पौष्टिक भोजन की सुविधा का वादा किया था।
हकीकत: दिल्ली सरकार अपने इस वादे पर खरी उतरी है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर रेखा ने अटल कैंटीन योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत राजधानी भर में 45 कैंटीन खोली गईं, जहां मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। दिल्ली सरकार ने इस परियोजना के लिए 104.24 करोड़ रुपये आवंटित किए।
वादा नंबर- 4: फ्री सिलेंडर का महिलाओं को इंतजार
बीजेपी ने विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि हर गरीब महिला को 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर दिया जाएगा। इतना ही नहीं यह भी कहा था कि होली और दिवाली के अवसर पर एक-एक सिलेंडर फ्री दिया जाएगा।
हकीकत: होली से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने शहरवासियों को बड़ी राहत देते हुए हर साल 2 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली में राशन कार्ड धारक सभी परिवारों को हर साल दो एलपीजी सिलेंडरों की कीमत के बराबर वित्तीय मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सहायता होली और दिवाली के अवसरों पर दी जाएगी।
वादा नंबर 5: यमुना नदी की सफाई का काम
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान यमुना की सफाई का वादा, दिल्ली के नागरिकों से किए गए भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख वादों में से एक था।
हकीकत: पिछले कई दशकों से यमुना में सीवेज जाने से यमुना एक नाले में तब्दील हो चुकी है। भारत सरकार ने ‘यमुना मास्टर प्लान’ के तहत यमुना की सफाई के तीन साल के कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत चार चरणों की रणनीति लागू की जानी है। जिसके पहले चरण में नदी से कचरा और तलछट (Sediment) साफ करना, प्रमुख नालों की सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट के मौजूदा प्लांटों (STPs) का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करना शामिल है।
वादा नंबर-6: दिल्ली वायु प्रदूषण
दिल्ली की रेखा सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती वायु प्रदूषण को लेकर है। दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने बार-बार कहा है कि वायु प्रदूषण विरासत में मिली समस्याएं हैं। यानी यह समस्या पिछली सरकारों से विरासत में मिली है और इसे तुरंत हल करना आसान नहीं है। उन्होंने साफ किया है कि प्रदूषण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि दिल्ली को बेहतर और स्वस्थ बनाने की चुनौती है। इसका समाधान लॉन्ग टर्म योजनाओं से ही संभव होगा। इसी कड़ी में रेखा सरकार ने DEVI की शुरुआत की थी। इसके जरिये 9 मीटर वाली छोटी बसों की शुरुआत की गई थी, उन इलाकों में इन्हें दौड़ाना है जहां बड़ी बसें नहीं जा पाती हैं। बता दें कि दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 8 फुटओवर ब्रिज बनाएगी रेखा सरकार, इन इलाकों के लोगों को मिलेगी राहत पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
