जब से इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया है, उसके बाद से ही दुनियाभर की अर्थव्यवस्था चरमराई है। कच्चे तेल की कीमतों में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकी दे रहे हैं कि अगर वह डील नहीं करता है, तो हम और बड़े पैमाने पर हमले करेंगे। इसका असर शेयर बाजार और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। क्रूड ऑयल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
पाकिस्तान पर इसका सबसे बड़ा असर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान ने तीन अप्रैल को ही तेल की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि की है। पाकिस्तान में पेट्रोल 152.80 रुपये (458.99 पाकिस्तानी रुपये) प्रति लीटर पहुंच चुका है जबकि डीजल की कीमत 174.24 रुपये (523.39 पाकिस्तानी रुपये) हो चुकी है।
G7 देशों में क्या है पेट्रोल-डीजल की कीमतें
पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतों में बदलाव हुआ है। G7 देशों में तेल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। अमेरिका, जापान, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, इटली, फ्रांस और जर्मनी में तेल की कीमतें बढ़ी हैं। G7 देशों में जापान में पेट्रोल डीज़ल की कीमत सबसे कम है तो वहीं जर्मनी में कीमतें सबसे अधिक हैं।
नीचे चार्ट में देखें आंकड़ें (पेट्रोल-डीजल की कीमत भारतीय रुपये में)
भारत बनाम G7: पेट्रोल-डीजल की तुलना
कीमतें प्रति लीटर, भारतीय रुपये में
भारत के पड़ोसी देशों की क्या है स्थिति
अब अगर हम भारत के पड़ोसी देशों पर नजर डालें तो पाकिस्तान की स्थिति सबसे अधिक खराब है। पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है तो वहीं सबसे सस्ता पेट्रोल और डीजल भूटान में मिल रहा है। बांग्लादेश और भूटान के अलावा भारत के सभी पड़ोसी देशों में पेट्रोल डीज़ल की कीमतें बढ़ी हैं।
नीचे चार्ट में देखें आंकड़ें (पेट्रोल-डीजल की कीमत भारतीय रुपये में केवल पाकिस्तान की पाकिस्तानी रुपये में)
भारत के पड़ोसियों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
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पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण देश में एलपीजी संकट को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इस वक्त एलपीजी, पीएनजी, एलएनजी और सीएनजी शब्द चर्चा में हैं। चारों में क्या अंतर है, जानने के लिए क्लिक करें
