Assembly Election News 2026: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में इस बार युवा मतदाता सियासी समीकरण बदलने की क्षमता रखते हैं। असम, केरल, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 18 से 29 साल के मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 20 से 30 फीसद तक है। यही कारण है कि राजनीतिक दल इस वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए खास रणनीति बना रहे हैं। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की शुक्रवार को जारी घोषणा-पत्र में युवा वर्ग को केंद्र में रख कर कई प्रतिज्ञाएं की गई हैं। बीजेपी, कांग्रेस और राज्यों की अन्य पार्टियां भी अपने चुनावी प्रचार एजंडे में युवाओं को तवज्जो दे रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर युवाओं का मतदान फीसद ज्यादा रहा तो कई सीटों पर अप्रत्याशित परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।
अगर आंकड़ों की बात करें तो इन चुनावों में युवाओं की संख्या काफी प्रभावशाली है। असम में 18-29 साल के मतदाता 30 फीसद से ज्यादा हैं, जबकि राज्य में कुल मतदाता लगभग 2.49 करोड़ हैं। केरल में करीब 2.69 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 20 फीसद युवा हैं। पुडुचेरी में करीब 23 फीसद युवा मतदाता बताए जा रहे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में 6.4 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं में करीब 27 फीसद युवा हैं। तमिलनाडु में लगभग 5.6 करोड़ मतदाताओं में से करीब 22 फीसद युवा हैं।
युवा वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं
इन आंकड़ों से साफ है कि कई सीटों पर युवा वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं, खासकर शहरी और शिक्षित क्षेत्रों में। युवाओं में चुनाव में मतदान को लेकर राजनीतिक चेतना भी अधिक आई है और वे प्रगतिशील उम्मीदवार और पार्टी के एजेंडे को देख कर मतदान कर रहे हैं। चुनाव में कई बार नोटा में अधिक मत इस बात के प्रमाण हैं कि युवाओं को अपनी पसंद के उम्मीदवार या दल नहीं मिले। युवा मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए लगभग सभी दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
असम में बीजेपी विकास, रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस नीत विपक्ष भी युवा वोट बैंक पर नजर बनाए हुए हैं। केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ युवा मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहा है। वाम मोर्चा एलडीएफ के चुनाव प्रचार के केंद्र में भी युवा हैं। पुडुचेरी में बीजेपी गठबंधन भी युवाओं तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी युवाओं को लेकर कई कार्यक्रम चला रही है, जबकि तमिलनाडु में डीएमके का युवा विंग काफी सक्रिय माना जाता है। रोजगार, शिक्षा, नवउद्यम और डिजिटल अवसर जैसे मुद्दे इन चुनावों में युवाओं के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण बनकर उभर रहे हैं।
बंगाल चुनाव में आपकी सीट पर बीजेपी-टीएमसी और लेफ्ट ने किसे बनाया प्रत्याशी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव होना है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होना है। राज्य में होने जा रहे चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी टीएमसी और बीजेपी के बीच है। दोनों ही दल अपने ज्यादातर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुके हैं। बीजेपी और टीएमसी के अलावा पश्चिम बंगाल में वामदल और कांग्रेस पार्टी भी चुनाव मैदान में हैं। कुछ सीटों पर छोटे दलों का भी प्रभाव है। पढ़ें पूरी खबर…
